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कर्ज और गुनाह, दोनों माफ
Tue, 05 Feb 2019 12:42 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Tue, 05 Feb 2019 12:42 AM IST
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रमेश के घर के बाहर बेटा और परिवार के अन्य सदस्य।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। व्यापारी रमेश गुप्ता, उनकी पत्नी और तीन बच्चों की खुदकुशी के लिए जिम्मेदार कौन है यह अब कभी पता नहीं चल सकेगा। बेटे रजत और लेनदार व्यापारियों के बीच समझौता होने के बाद पुलिस ने फाइल बंद कर दी है। व्यापारियों ने पुराने कर्ज को माफ कर दिया और बदले में रजत ने कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया।
मृत व्यापारी रमेश के बेटे रजत ने पुलिस को सामूहिक आत्महत्या की वजह कर्ज वसूली के लिए परेशान किया जाना बताया था। रजत के बताने पर पुलिस ने कर्ज देने वाले तीन व्यापारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस को इंतजार था कि तहरीर आए तो वह खुदकुशी के लिए उकसाने का केस दर्ज करे। इस बीच कुछ व्यापारियों ने रजत से संपर्क किया। सोमवार की देर शाम थाने जाकर उसने हिरासत में लिए गए व्यापारियों से बात की। करीब दो घंटे बाद दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया। व्यापारी ने कर्ज माफ करने की बात लिख कर दी तो रजत ने कानूनी कार्रवाई ना करने का लिखित प्रार्थना पत्र दिया। सीओ कोतवाली बीपी सिंह ने बताया कि इस समझौते के बाद हिरासत में लिए गए व्यापारियों को छोड़ दिया गया है।
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मृत व्यापारी रमेश के बेटे रजत ने पुलिस को सामूहिक आत्महत्या की वजह कर्ज वसूली के लिए परेशान किया जाना बताया था। रजत के बताने पर पुलिस ने कर्ज देने वाले तीन व्यापारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस को इंतजार था कि तहरीर आए तो वह खुदकुशी के लिए उकसाने का केस दर्ज करे। इस बीच कुछ व्यापारियों ने रजत से संपर्क किया। सोमवार की देर शाम थाने जाकर उसने हिरासत में लिए गए व्यापारियों से बात की। करीब दो घंटे बाद दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया। व्यापारी ने कर्ज माफ करने की बात लिख कर दी तो रजत ने कानूनी कार्रवाई ना करने का लिखित प्रार्थना पत्र दिया। सीओ कोतवाली बीपी सिंह ने बताया कि इस समझौते के बाद हिरासत में लिए गए व्यापारियों को छोड़ दिया गया है।
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... इसलिए अलग रहता था बेटा
रजत ने घर से अलग रहने की बात भी कबूली है। पुलिस के मुताबिक रजत ने बताया कि घर छोटा होने की वजह से वह अलग कमरा लेकर रहता था। एक ही कमरे में परिवार के अन्य लोग रहा करते थे। परिवार का हाल जानने के लिए वह नियमित तौर पर घर भी आता था।
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