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गोल्ड लोन घोटाले में कैशियर समेत तीन पर मुकदमा
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sun, 10 Jun 2018 01:38 AM IST
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चौरीचौरा (गोरखपुर)। सोने की शुद्धता और वजन में गोलमाल कर 1.80 करोड़ रुपये के गोलमाल का मामला सामने आया है। चौरीचौरा एसबीआई के शाखा प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार सिंह की तहरीर पर पुलिस ने कैशियर प्रेम चंद, वैल्यूएशन अधिकारी रमेश जायसवाल, रिकवरी एजेंट वंशवक पांडेय के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, बैंक कर्मचारी की ओर से आपराधिक साजिश करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है।
बैंक अफसरों के मुताबिक एसबीआई की चौरीचौरा शाखा से कई लोगों को नियम को दरकिनार कर गोल्ड लोन दिया गया है। नियम के मुताबिक सोने की शुद्धता और वजन के हिसाब से ही लोन देना होता है। वैल्यूएशन का 75 से 70 फीसदी कीमत ही दी जाती है, मगर चौरीचौरा में ऐसा नहीं हुआ है। एक बड़े सर्राफा को पांच किलो सोने के बदले में करोड़ों रुपये का लोन दे दिया गया है। केंद्रीय ऑडिट में मामला उजागर होने के बाद पिछले दिनों लखनऊ से अधिकारियों ने भी इसकी जांच की थी। जांच में घोटाला उजागर होने के बाद शनिवार को एसएसपी से शाखा प्रबंधक ने मुलाकात की। पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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शाखा प्रबंधक की तहरीर के आधार पर केस दर्ज करने का आदेश दिया गया था। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
शलभ माथुर, एसएसपी
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बैंक अफसरों के मुताबिक एसबीआई की चौरीचौरा शाखा से कई लोगों को नियम को दरकिनार कर गोल्ड लोन दिया गया है। नियम के मुताबिक सोने की शुद्धता और वजन के हिसाब से ही लोन देना होता है। वैल्यूएशन का 75 से 70 फीसदी कीमत ही दी जाती है, मगर चौरीचौरा में ऐसा नहीं हुआ है। एक बड़े सर्राफा को पांच किलो सोने के बदले में करोड़ों रुपये का लोन दे दिया गया है। केंद्रीय ऑडिट में मामला उजागर होने के बाद पिछले दिनों लखनऊ से अधिकारियों ने भी इसकी जांच की थी। जांच में घोटाला उजागर होने के बाद शनिवार को एसएसपी से शाखा प्रबंधक ने मुलाकात की। पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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लिपिक पर भी हो चुकी है कार्रवाई
जांच में प्रथम दृष्टया एक लिपिक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी। उसके बाद ही लिपिक को निलंबित कर दिया था और अन्य कर्मचारियों की जांच चल रही थी। दो दिनों की जांच के बाद ही तीन लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं, जिनके ऊपर केस दर्ज कराया गया है।
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शाखा प्रबंधक की तहरीर के आधार पर केस दर्ज करने का आदेश दिया गया था। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
शलभ माथुर, एसएसपी