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नायब तहसीलदार और अधिवक्ता में हाथापाई
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 29 Jun 2017 09:10 PM IST
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तहसील का गेट बंद होने से परेशान रहे फरियादी।
- फोटो : Amar Ujala
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बांसगांव तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को अधिवक्ता और नायब तहसीलदार के बीच हाथापाई हो गई। गुस्साए नायब तहसीलदार ने तहसील गेट पर ताला बंद करा दिया, जिससे सभी फरियादी अंदर ही परेशान रहे। दोनों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दे दी। अधिवक्ता और नायब तहसीलदार के बीच विवाद की खबर पाते ही एसपी ग्रामीण ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी और एसडीएम भी वहां पहुंच गए और वरिष्ठ अधिवक्ताओं से साथ मिलकर दोनों में समझौता करा दिया।
नायब तहसीलदार दिग्विजय सिंह ने पुलिस को बताया कि वह न्यायालय में सरकारी काम निपटा रहे थे। इसी बीच अधिवक्ता राणा प्रताप सिंह आए और धारा 34 की एक अविवादित पत्रावली में आदेश पारित करने का दबाव बनाने लगे। पत्रावली में लेखपाल का बयान न होने की बात कहते ही वह भड़क गए और अपशब्द कहने लगे। धमकी भी दी। दूसरी तरफ अधिवक्ता राणा प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल की जमीन संबंधित एक फाइल है। उसने राजस्व परिषद में शिकायत की है, जिसकी जांच चल रही है। दोपहर करीब दो बजे वह तहसीलदार के न्यायालय में जा रहे थे। बरामदे से गुजरते वक्त नायब तहसीलदार ने दो-तीन अज्ञात लोगों के साथ उन्हें रोक लिया और जांच समाप्त कराने का दबाव बनाने लगे। इसके बाद अपशब्द कहते हुए हाथापाई शुरू कर दी। दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी, जिसके बाद पहुंची पुलिस मामले को शांत कराने में लगी रही। अधिवक्ताओं के बढ़ते दबाव को देखते हुए अफसर भी पहुंच गए और दोनों में सुलह करा दिया।
दो महीने से न्यायिक कार्य नहीं कर रहे अधिवक्ता
नायब तहसीलदार दिग्विजय सिंह पर एक अधिवक्ता ने 26 अप्रैल को भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, तभी से अधिवक्ता काम ठप कर नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार जारी रखने की बात कही है।
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नायब तहसीलदार दिग्विजय सिंह ने पुलिस को बताया कि वह न्यायालय में सरकारी काम निपटा रहे थे। इसी बीच अधिवक्ता राणा प्रताप सिंह आए और धारा 34 की एक अविवादित पत्रावली में आदेश पारित करने का दबाव बनाने लगे। पत्रावली में लेखपाल का बयान न होने की बात कहते ही वह भड़क गए और अपशब्द कहने लगे। धमकी भी दी। दूसरी तरफ अधिवक्ता राणा प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल की जमीन संबंधित एक फाइल है। उसने राजस्व परिषद में शिकायत की है, जिसकी जांच चल रही है। दोपहर करीब दो बजे वह तहसीलदार के न्यायालय में जा रहे थे। बरामदे से गुजरते वक्त नायब तहसीलदार ने दो-तीन अज्ञात लोगों के साथ उन्हें रोक लिया और जांच समाप्त कराने का दबाव बनाने लगे। इसके बाद अपशब्द कहते हुए हाथापाई शुरू कर दी। दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी, जिसके बाद पहुंची पुलिस मामले को शांत कराने में लगी रही। अधिवक्ताओं के बढ़ते दबाव को देखते हुए अफसर भी पहुंच गए और दोनों में सुलह करा दिया।
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दो महीने से न्यायिक कार्य नहीं कर रहे अधिवक्ता
नायब तहसीलदार दिग्विजय सिंह पर एक अधिवक्ता ने 26 अप्रैल को भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, तभी से अधिवक्ता काम ठप कर नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार जारी रखने की बात कही है।
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