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कुछ और अधिकारियों पर भी हो सकती है कार्रवाई
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Tue, 20 Nov 2018 01:55 AM IST
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Police
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गोरखपुर। पुलिस की ओर से की गई जांच में निजी वाहन संचालकों से मनमानी वसूली की जानकारी मिली है। पता चला कि पैडलेगंज से लखनऊ जाने और आने वाली हर बस के संचालक से 800 रुपये वसूले जाते थे। फिर उस रकम का हिस्सा बांटा जाता था। हिस्सा किनके पास तक जाता था, उसके लिए कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा सकती है। वाहन संचालन का प्रमुख केंद्र पैडलेगंज चौराहा है। इस मामले की जांच रिपोर्ट सोमवार को शासन को भेज दी गई है। माना जाता है कि मामले में कुछ और अधिकारियों पर भी सख्ती हो सकती है। कार्रवाई के डर से कुछ अधिकारी सहमे हैं।
निजी वाहन संचालकों के बीच विवाद में पड़े सीओ ट्रैफिक संतोष सिंह को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पुलिस की जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। जांच से पता चला कि सीओ ट्रैफिक से बस संचालक विनय सिंह की शिकायत कल्लू सिंह ने की थी। कल्लू सीओ के रिश्तेदार हैं। रिश्तेदार के कहने पर ही सीओ गत शुक्रवार को पैडलेगंज गए थे, फिर विनय सिंह पर मुकदमा दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कराया था। इसकी शिकायत विनय की पत्नी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी।
मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने जांच की जिम्मेदारी आईजी रेंज जयनारायण सिंह को दी थी। आईजी ने जांच की तो पता चला कि रिश्तेदार के कहने पर सीओ ट्रैफिक ने विवादित मामले में दखल दिया।
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निजी वाहन संचालकों के बीच विवाद में पड़े सीओ ट्रैफिक संतोष सिंह को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पुलिस की जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। जांच से पता चला कि सीओ ट्रैफिक से बस संचालक विनय सिंह की शिकायत कल्लू सिंह ने की थी। कल्लू सीओ के रिश्तेदार हैं। रिश्तेदार के कहने पर ही सीओ गत शुक्रवार को पैडलेगंज गए थे, फिर विनय सिंह पर मुकदमा दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कराया था। इसकी शिकायत विनय की पत्नी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी।
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मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने जांच की जिम्मेदारी आईजी रेंज जयनारायण सिंह को दी थी। आईजी ने जांच की तो पता चला कि रिश्तेदार के कहने पर सीओ ट्रैफिक ने विवादित मामले में दखल दिया।
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