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युवक पर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Fri, 24 Aug 2018 01:13 AM IST
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गोरखपुर। मां की मौत के बाद मंगलवार की रात गोला सीएचसी पर तोड़फोड़ करने वाले युवक के खिलाफ स्वास्थ्य महकमा मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई कराने की तैयारी में है। बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने मामले की जांच कराने के बाद विभाग को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए यह कदम उठाने की बात कही।
सीएमओ ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई कि युवक ने पहले तो बीमार मां का इलाज कराने में लापरवाही की। जब उसकी मां की मौत हो गई तो लोगों की उलाहना से बचने के लिए उसने 108 नंबर पर कॉल करके एंबुलेंस को बुलाया।
एंबुलेंस चालक और तकनीशियन के मुताबिक घर पर ही युवक की मां की मौत हो चुकी थी। युवक का व्यवहार देख और डर के चलते वे वृद्धा को लेकर अस्पताल आए। सीएमओ ने बताया कि एंबुलेंस चालक इसी डर के कारण स्वास्थ्य केंद्र पर बिना हस्ताक्षर कराए ही वहां से चला गया। डॉक्टर अस्पताल के पीछे थे। जब वह आए तो उन्होंने महिला को मृत घोषित कर दिया। इस पर इलाज न मिलने का आरोप लगाते हुए युवक ने तोड़फोड़ की। उसने सरकारी संपत्ति का काफी नुकसान किया। युवक के पड़ोसियों के मुताबिक उसकी मां की तबियत पहले से ही काफी खराब थी। एक दिन पहले युवक ने अपनी भाभी को पीटा था। तब पुलिस उसे हिरासत में लेकर जा रही थी, लेकिन मां की बीमारी के चलते ही छोड़ दिया था। उसके बाद भी युवक अगले दिन भी उन्हें इलाज के लिए नहीं ले गया। इस मामले में एसडीएम को प्रार्थनापत्र देकर युवक के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई कराई जाएगी।
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सीएमओ ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई कि युवक ने पहले तो बीमार मां का इलाज कराने में लापरवाही की। जब उसकी मां की मौत हो गई तो लोगों की उलाहना से बचने के लिए उसने 108 नंबर पर कॉल करके एंबुलेंस को बुलाया।
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एंबुलेंस चालक और तकनीशियन के मुताबिक घर पर ही युवक की मां की मौत हो चुकी थी। युवक का व्यवहार देख और डर के चलते वे वृद्धा को लेकर अस्पताल आए। सीएमओ ने बताया कि एंबुलेंस चालक इसी डर के कारण स्वास्थ्य केंद्र पर बिना हस्ताक्षर कराए ही वहां से चला गया। डॉक्टर अस्पताल के पीछे थे। जब वह आए तो उन्होंने महिला को मृत घोषित कर दिया। इस पर इलाज न मिलने का आरोप लगाते हुए युवक ने तोड़फोड़ की। उसने सरकारी संपत्ति का काफी नुकसान किया। युवक के पड़ोसियों के मुताबिक उसकी मां की तबियत पहले से ही काफी खराब थी। एक दिन पहले युवक ने अपनी भाभी को पीटा था। तब पुलिस उसे हिरासत में लेकर जा रही थी, लेकिन मां की बीमारी के चलते ही छोड़ दिया था। उसके बाद भी युवक अगले दिन भी उन्हें इलाज के लिए नहीं ले गया। इस मामले में एसडीएम को प्रार्थनापत्र देकर युवक के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई कराई जाएगी।
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