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मयखाने को मात दे रहा पुलिस का मालखाना
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:50 AM IST
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sharab
- फोटो : vishnu sharma
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गोरखपुर। तस्करी कर जिले की सरहद से बिहार ले जाने के दौरान अंग्रेजी शराब की बरामदगी पुलिस के लिए मुसीबत की वजह बन गई है। जिले के कई थानों के मालखाने शराब से भर गए हैं। मालखाने में कुछ सामान रखने के दौरान बोतल टूट भी जा रही हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए पुलिस ने पहल भी शुरू कर दी है। शराब को नष्ट कराने के लिए कोर्ट की इजाजत लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हरियाणा से तस्करी कर बिहार शराब ले जाने के लिए गोरखपुर के रास्ते का इस्तेमाल किया जाता है। इधर पुलिस अधिकारियों की सख्ती के बाद हाईवे पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस कई बार शराब की खेप पकड़ चुकी है। एक बार में ट्रक पकड़े जाने पर शराब की सात सौ से दो हजार बोतलें बरामद की गईं। तस्कर का चालान करने के साथ ही बरामद शराब को मालखाने में सुरक्षित रखना होता है। यही वजह है कि जिले के कई थाने, खासकर सहजनवां और खोराबार में मालखाने अंग्रेजी शराब से भर गए हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई तो शराब को नष्ट करने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई।
शराब से थाने के मालखाने भरे हैं। इसे नष्ट कराने की प्रक्रिया होती है। पुलिस की ओर से कोर्ट में प्रक्रिया शुरू की गई है ताकि इसे नष्ट कराकर मालखानों को खाली कराया जा सके।
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रोहित सिंह, एसपी नार्थ
24 जून 2018 : खोराबार के करजहां बाईपास से 25 लाख कीमत की शराब पकड़ी गई
28 जुलाई 2018: जीरो प्वाइंट कालेसर से अलग-अलग वाहनों में एक करोड़ से अधिक की शराब बरामद
30 जून 2018: चकिया नहर ढाबा के पास दो लाख से अधिक कीमत की शराब बरामद
16 जून 2018: जीरो प्वाइंट कालेसर पर कार से आठ लाख रुपये की शराब बरामद
03 मई 2018: तेनुआ टोल प्लाजा के चेकिंग में 50 लाख रुपये की शराब बरामद
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हरियाणा से तस्करी कर बिहार शराब ले जाने के लिए गोरखपुर के रास्ते का इस्तेमाल किया जाता है। इधर पुलिस अधिकारियों की सख्ती के बाद हाईवे पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस कई बार शराब की खेप पकड़ चुकी है। एक बार में ट्रक पकड़े जाने पर शराब की सात सौ से दो हजार बोतलें बरामद की गईं। तस्कर का चालान करने के साथ ही बरामद शराब को मालखाने में सुरक्षित रखना होता है। यही वजह है कि जिले के कई थाने, खासकर सहजनवां और खोराबार में मालखाने अंग्रेजी शराब से भर गए हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई तो शराब को नष्ट करने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई।
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शराब से थाने के मालखाने भरे हैं। इसे नष्ट कराने की प्रक्रिया होती है। पुलिस की ओर से कोर्ट में प्रक्रिया शुरू की गई है ताकि इसे नष्ट कराकर मालखानों को खाली कराया जा सके।
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रोहित सिंह, एसपी नार्थ
हाल के दिनों में हुई शराब की बरामदगी
8 मार्च 2018 : खोराबार के करजहां के पास से ट्रक में 80 गत्तों में शीशियों में भरी शराब बरामद24 जून 2018 : खोराबार के करजहां बाईपास से 25 लाख कीमत की शराब पकड़ी गई
28 जुलाई 2018: जीरो प्वाइंट कालेसर से अलग-अलग वाहनों में एक करोड़ से अधिक की शराब बरामद
30 जून 2018: चकिया नहर ढाबा के पास दो लाख से अधिक कीमत की शराब बरामद
16 जून 2018: जीरो प्वाइंट कालेसर पर कार से आठ लाख रुपये की शराब बरामद
03 मई 2018: तेनुआ टोल प्लाजा के चेकिंग में 50 लाख रुपये की शराब बरामद