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मोबाइल का इस्तेमाल कराने वाले तीन सिपाही सस्पेंड
Updated Sat, 08 Jul 2017 10:27 PM IST
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गोरखपुर जेल।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर।
सीएम की शहर में मौजूदगी के दौरान डीआईजी ने जेल के बैरकों की चेकिंग की। रंगदारी मांगने वाले संजय यादव से पूछताछ के बाद डीआईजी जेल की रिपोर्ट पर तीन बंदी रक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं लापरवाही पाए जाने पर जेलर कुबेरनाथ, डिप्टी जेलर देव दर्शन सिंह और रणंजय सिंह, दो हेड बंदी रक्षकों दर्शन प्रसाद, चंद्रभान पांडेय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। गड़बड़ी में इनकी भूमिका की जांच शुरू हो गई है और इन पर गाज गिरना तय माना जाना रहा है। बैरकों की चेकिंग के दौरान एसपी क्राइम आलोक शर्मा ने सजायाफ्ता पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के वीआईपी मिलेनियम बैरक को भी खंगाला।
जेल से ही संजय यादव ने सीएम के करीबी वरिष्ठ सर्जन डॉ. शिव शंकर शाही से रंगदारी मांगी गई थी। सीएम से शिकायत के बाद हरकत में आई गोरखपुर पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि जेल में संजय यादव आराम से मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा है। इसके बाद पुलिस अफसरों ने चेकिंग में बैरकों में और मोबाइल मिले। इस सिलसिले में एक बंदी रक्षक के खिलाफ जेल प्रशासन ने कार्रवाई की थी। शनिवार को डीआईजी जेल यादवेंद्र शुक्ला ने जेल की चेकिंग की और नौ नंबर बैरक (इसी बैरक से संजय ने मांगी थी रंगदारी) के बाहर ड्यूटी करने वाले बंदी रक्षक रवि प्रकाश सिंह, रामदेव यादव, दिनेश सिंह को सस्पेंड कर दिया है। जबकि जेलर राम कुबेर सिंह, डिप्टी जेलर रणंजय सिंह, देव दर्शन सिंह तथा हेड कांस्टेबल चंद्रभान पांडेय, दर्शन पांडेय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए आईजी को रिपोर्ट भेजी है।
दूसरी जेल में शिफ्ट होगा संजय
जेल से रंगदारी मांगने वाले बदमाश संजय को दूसरी जेल में शिफ्ट करने की कवायद शुरू हो गई है। पहले उसका बैरक बदला गया था और तन्हाई में डाल दिया गया था।
जेल में मोबाइल पहुंचने के मामले में संजय यादव की बैरक पर ड्यूटी करने वाले तीन सिपाहियों को सस्पेंड किया गया है। जेलर, डिप्टी जेलर समेत पांच लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा गया है। इनकी भूमिका की जांच भी कराई जा रही है।
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- यादवेंद्र शुक्ला, डीआईजी जेल
सीएम की शहर में मौजूदगी के दौरान डीआईजी ने जेल के बैरकों की चेकिंग की। रंगदारी मांगने वाले संजय यादव से पूछताछ के बाद डीआईजी जेल की रिपोर्ट पर तीन बंदी रक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं लापरवाही पाए जाने पर जेलर कुबेरनाथ, डिप्टी जेलर देव दर्शन सिंह और रणंजय सिंह, दो हेड बंदी रक्षकों दर्शन प्रसाद, चंद्रभान पांडेय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। गड़बड़ी में इनकी भूमिका की जांच शुरू हो गई है और इन पर गाज गिरना तय माना जाना रहा है। बैरकों की चेकिंग के दौरान एसपी क्राइम आलोक शर्मा ने सजायाफ्ता पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के वीआईपी मिलेनियम बैरक को भी खंगाला।
जेल से ही संजय यादव ने सीएम के करीबी वरिष्ठ सर्जन डॉ. शिव शंकर शाही से रंगदारी मांगी गई थी। सीएम से शिकायत के बाद हरकत में आई गोरखपुर पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि जेल में संजय यादव आराम से मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा है। इसके बाद पुलिस अफसरों ने चेकिंग में बैरकों में और मोबाइल मिले। इस सिलसिले में एक बंदी रक्षक के खिलाफ जेल प्रशासन ने कार्रवाई की थी। शनिवार को डीआईजी जेल यादवेंद्र शुक्ला ने जेल की चेकिंग की और नौ नंबर बैरक (इसी बैरक से संजय ने मांगी थी रंगदारी) के बाहर ड्यूटी करने वाले बंदी रक्षक रवि प्रकाश सिंह, रामदेव यादव, दिनेश सिंह को सस्पेंड कर दिया है। जबकि जेलर राम कुबेर सिंह, डिप्टी जेलर रणंजय सिंह, देव दर्शन सिंह तथा हेड कांस्टेबल चंद्रभान पांडेय, दर्शन पांडेय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए आईजी को रिपोर्ट भेजी है।
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दूसरी जेल में शिफ्ट होगा संजय
जेल से रंगदारी मांगने वाले बदमाश संजय को दूसरी जेल में शिफ्ट करने की कवायद शुरू हो गई है। पहले उसका बैरक बदला गया था और तन्हाई में डाल दिया गया था।
जेल में मोबाइल पहुंचने के मामले में संजय यादव की बैरक पर ड्यूटी करने वाले तीन सिपाहियों को सस्पेंड किया गया है। जेलर, डिप्टी जेलर समेत पांच लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा गया है। इनकी भूमिका की जांच भी कराई जा रही है।
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- यादवेंद्र शुक्ला, डीआईजी जेल