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सड़क पर गिरे हाईटेंशन तार की चपेट में आए बाइक सवार, दो की मौत
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 08 May 2018 12:54 AM IST
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हादसे के बाद घ्ार में मातम पसर गया।
- फोटो : Amar Ujala
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बिजली विभाग की लापरवाही से गुलरिहा इलाके के दो युवकों की मौत हो गई। आर्केस्ट्रा देखकर घर लौट रहे एक बाइक पर सवार तीन युवक रास्ते में गिरे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए। हादसे के शिकार दो युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि तीसरा तेज झटका लगने से छिटककर एक गड्ढे में जा गिरा। इस दौरान बाइक भी जलकर राख हो गई।
हादसे के बाद ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए बिजली निगम के अधिकारी मौके पर नहीं गए। बाद में पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। बिजली निगम के मुख्य अभियंता ने घटना की जांच का आदेश दिया है। उधर, मृतक मोहन के पिता रामलखन की तहरीर पर पुलिस ने बिजली निगम के अज्ञात अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या व काम में लापरवाही बरतने का केस दर्ज कर लिया है।
हादसा रविवार देर रात को हुआ। गुलरिहा थानाक्षेत्र के मोहद्दीनपुर निवासी रियाजुद्दीन (30) पुत्र गयासुद्दीन, मोहन (28) पुत्र लखन और गोलू (15) पुत्र मुख्तार पास के ही गांव जमुनहवा में आर्केस्ट्रा देखने गए थे। रात करीब दो बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद तीनों एक ही बाइक से गांव लौट रहे थे। करतहिया गांव के सामने उनकी बाइक रास्ते में गिरे हाई वोल्टेज तार (11000 वॉट) में उलझ गई।
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तार में प्रवाहित हो रहे करंट से रियाजुद्दीन और मोहन बुरी तरह झुलस गए जबकि गोलू झटका लगने से गड्ढे में जा गिरा। होश में आने पर गोलू ने गांव में जाकर घटना की जानकारी दी। जब तक गांव के लोग मौके पर पहुंचते दोनों युवकों की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दोनों युवकों की कमाई से जलते थे उनके परिवार के चूल्हे
हाईटेंशन तार के टूटने के बाद भी न चेतने वाले बिजली महकमे की जिम्मेदारी की जवाबदेही भले ही तय हो जाए, पर इसके चलते जान गंवाने वाले दो युवकों के परिवारों को गहरा सदमा पहुंचा है। दोनों युवक अपने-अपने परिवार के पालनहार थे। मोहन और रियाजुद्दीन की कमाई से ही उनके परिवार के लिए रोटी का इंतजाम होता था। इस हादसे से जहां तीन साल के बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया तो बहनों ने इकलौते भाई को हमेशा के लिए खो दिया।
सोमवार की सुबह जब गुलरिहा के मोहद्दीनपुर गांव में करंट से मोहन और रियाजुद्दीन की मौत की खबर आई तो परिवार के लोग सकते में आ गए। सहसा उन्हें इस बात का यकीन ही नहीं हुआ कि घर के मुखिया की भूमिका निभाने वाले अब इस दुनिया में नहीं रहे। इस हादसे मेें जान गंवाने वाले मोहन के पिता रामलखन काफी दिनों से बीमार हैं। मोहन का परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों में से एक है। मोहन की दो बहनें पुष्पा (22) और निशा (19) हैं। दोनों की शादी की चिंता तो मोहन को थी ही, बीमार पिता के इलाज की जिम्मेदारी भी उसके ऊपर थी। दूसरे की गाड़ी चलाकर किसी तरह वह परिवार का खर्च उठाता था।
वहीं रियाजुद्दीन के दो भाई और तीन बहनें हैं। पांच वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई थी। तीन वर्ष का एक बेटा है। पेशे से दर्जी रियाजुद्दीन के घर का हालत भी खस्ता है। बीपीएल कार्ड होने के चलते सरकारी राशन की दुकान से अनाज मिल जाता है। बाकी का खर्च रियाजुद्दीन खुद उठाता था। दोनों बहनें मरजीना खातून और जरीना खातून की शादी हो चुकी है, जबकि तीसरी बहन हसीना की शादी नहीं हुई है। रियाजुद्दीन की मौत की सूचना पाकर बहनों का बुरा हाल है। वहीं उसका मासूम बेटा पिता की मौत से अंजान है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे को बार-बार सीने से लिपटाकर वह दहाड़े मारने लग रही है। यह दृश्य देखकर मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। पड़ोसी और रिश्तेदार भी फफक पड़े।
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हादसे के बाद ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए बिजली निगम के अधिकारी मौके पर नहीं गए। बाद में पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। बिजली निगम के मुख्य अभियंता ने घटना की जांच का आदेश दिया है। उधर, मृतक मोहन के पिता रामलखन की तहरीर पर पुलिस ने बिजली निगम के अज्ञात अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या व काम में लापरवाही बरतने का केस दर्ज कर लिया है।
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हादसा रविवार देर रात को हुआ। गुलरिहा थानाक्षेत्र के मोहद्दीनपुर निवासी रियाजुद्दीन (30) पुत्र गयासुद्दीन, मोहन (28) पुत्र लखन और गोलू (15) पुत्र मुख्तार पास के ही गांव जमुनहवा में आर्केस्ट्रा देखने गए थे। रात करीब दो बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद तीनों एक ही बाइक से गांव लौट रहे थे। करतहिया गांव के सामने उनकी बाइक रास्ते में गिरे हाई वोल्टेज तार (11000 वॉट) में उलझ गई।
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तार में प्रवाहित हो रहे करंट से रियाजुद्दीन और मोहन बुरी तरह झुलस गए जबकि गोलू झटका लगने से गड्ढे में जा गिरा। होश में आने पर गोलू ने गांव में जाकर घटना की जानकारी दी। जब तक गांव के लोग मौके पर पहुंचते दोनों युवकों की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दोनों युवकों की कमाई से जलते थे उनके परिवार के चूल्हे
हाईटेंशन तार के टूटने के बाद भी न चेतने वाले बिजली महकमे की जिम्मेदारी की जवाबदेही भले ही तय हो जाए, पर इसके चलते जान गंवाने वाले दो युवकों के परिवारों को गहरा सदमा पहुंचा है। दोनों युवक अपने-अपने परिवार के पालनहार थे। मोहन और रियाजुद्दीन की कमाई से ही उनके परिवार के लिए रोटी का इंतजाम होता था। इस हादसे से जहां तीन साल के बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया तो बहनों ने इकलौते भाई को हमेशा के लिए खो दिया।
सोमवार की सुबह जब गुलरिहा के मोहद्दीनपुर गांव में करंट से मोहन और रियाजुद्दीन की मौत की खबर आई तो परिवार के लोग सकते में आ गए। सहसा उन्हें इस बात का यकीन ही नहीं हुआ कि घर के मुखिया की भूमिका निभाने वाले अब इस दुनिया में नहीं रहे। इस हादसे मेें जान गंवाने वाले मोहन के पिता रामलखन काफी दिनों से बीमार हैं। मोहन का परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों में से एक है। मोहन की दो बहनें पुष्पा (22) और निशा (19) हैं। दोनों की शादी की चिंता तो मोहन को थी ही, बीमार पिता के इलाज की जिम्मेदारी भी उसके ऊपर थी। दूसरे की गाड़ी चलाकर किसी तरह वह परिवार का खर्च उठाता था।
वहीं रियाजुद्दीन के दो भाई और तीन बहनें हैं। पांच वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई थी। तीन वर्ष का एक बेटा है। पेशे से दर्जी रियाजुद्दीन के घर का हालत भी खस्ता है। बीपीएल कार्ड होने के चलते सरकारी राशन की दुकान से अनाज मिल जाता है। बाकी का खर्च रियाजुद्दीन खुद उठाता था। दोनों बहनें मरजीना खातून और जरीना खातून की शादी हो चुकी है, जबकि तीसरी बहन हसीना की शादी नहीं हुई है। रियाजुद्दीन की मौत की सूचना पाकर बहनों का बुरा हाल है। वहीं उसका मासूम बेटा पिता की मौत से अंजान है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे को बार-बार सीने से लिपटाकर वह दहाड़े मारने लग रही है। यह दृश्य देखकर मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। पड़ोसी और रिश्तेदार भी फफक पड़े।