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माफिया सुधीर से सांठगांठ में दो रेलकर्मी गिरफ्तार
Updated Sat, 12 Aug 2017 07:27 PM IST
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गोरखपुर।
पिपरौली से सपा ब्लॉक प्रमुख माफिया सुधीर सिंह से सांठगांठ कर टेंडर में खेल करने वाले दो रेल कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ रंगदारी, धमकी, सरकारी कार्य में बांधा के साथ ही साजिश करने समेत कई गंभीर धाराओं में कैंट पुलिस ने केस दर्ज किया। शनिवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया। उधर, पुलिस ने रेलवे जीएम को कर्मचारियों के भूमिका की विस्तृत रिपोर्ट भी भेजी है ताकि विभागीय कार्रवाई भी हो सके।
बृहस्पतिवार को रेलवे के बीजी ऑफिस में पटना की आनंद फर्म से एक शख्स एफडीआर और कागजात जमा करने को आए थे। इस दौरान कर्मचारियों ने उनका एफडीआर जमा करने की जगह तरह-तरह के कारण बताते रहे और फिर सुधीर सिंह को इसकी जानकारी दे दी। माफिया ने गुर्गों के साथ उसके कागजात फाड़ दिए थे और फिर जान से मारने की धमकी दी थी। कैंट पुलिस शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और फिर सुधीर व उसके बारह गुर्गों को अवैध असलहा के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि ठेकेदार रमेश जायसवाल के लिए सुधीर टेंडर मैनेज करने आए थे और बीजी आफिस में तैनात मनीष श्रीवास्तव व अजय कुमार वर्मा ने सुधीर की मदद की थी। पुलिस ने दोनों कर्मचारियों की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ 7सीएलए की भी कार्रवाई की है।
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कई और कर्मचारी भी जांच के दायरे में
पुलिस की जांच के दायरे में एक रिटायर कर्मचारी समेत कई कर्मचारी आए हैं। पुलिस उनके भूमिका की जांच शुरू कर दी है। एसएसपी का कहना है कि पूरे मामले से जुड़े सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। दोषी बचने नहीं पाएंगे।
पिपरौली से सपा ब्लॉक प्रमुख माफिया सुधीर सिंह से सांठगांठ कर टेंडर में खेल करने वाले दो रेल कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ रंगदारी, धमकी, सरकारी कार्य में बांधा के साथ ही साजिश करने समेत कई गंभीर धाराओं में कैंट पुलिस ने केस दर्ज किया। शनिवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया। उधर, पुलिस ने रेलवे जीएम को कर्मचारियों के भूमिका की विस्तृत रिपोर्ट भी भेजी है ताकि विभागीय कार्रवाई भी हो सके।
बृहस्पतिवार को रेलवे के बीजी ऑफिस में पटना की आनंद फर्म से एक शख्स एफडीआर और कागजात जमा करने को आए थे। इस दौरान कर्मचारियों ने उनका एफडीआर जमा करने की जगह तरह-तरह के कारण बताते रहे और फिर सुधीर सिंह को इसकी जानकारी दे दी। माफिया ने गुर्गों के साथ उसके कागजात फाड़ दिए थे और फिर जान से मारने की धमकी दी थी। कैंट पुलिस शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और फिर सुधीर व उसके बारह गुर्गों को अवैध असलहा के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि ठेकेदार रमेश जायसवाल के लिए सुधीर टेंडर मैनेज करने आए थे और बीजी आफिस में तैनात मनीष श्रीवास्तव व अजय कुमार वर्मा ने सुधीर की मदद की थी। पुलिस ने दोनों कर्मचारियों की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ 7सीएलए की भी कार्रवाई की है।
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कई और कर्मचारी भी जांच के दायरे में
पुलिस की जांच के दायरे में एक रिटायर कर्मचारी समेत कई कर्मचारी आए हैं। पुलिस उनके भूमिका की जांच शुरू कर दी है। एसएसपी का कहना है कि पूरे मामले से जुड़े सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। दोषी बचने नहीं पाएंगे।
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