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बलदेवा प्लाजा के मालिक सतीश नांगलिया समेत दो पर केस दर्ज
Tue, 05 Mar 2019 01:30 AM IST
ajay Kumar
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: ajay Kumar
Updated Tue, 05 Mar 2019 01:30 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। बंधक बनाकर कार और मोबाइल छीनने और फिर रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने दुकानदार रितेश गुप्ता की तहरीर पर बलदेव प्लाजा के मालिक सतीश नांगलिया और उनके भाई मनीष पर सोमवार को रंगदारी व लूट की धाराओं में केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी। पुलिस यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर की।
शाहपुर क्षेत्र के जेमिनी अपार्टमेंट निवासी रितेश गुप्ता ने शनिवार की सुबह मुख्यमंत्री के गोरखनाथ स्थित कैंप कार्यालय प्रभारी मोतीलाल सिंह को प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि बलदेव प्लाजा में उनकी मोबाइल की दुकान हैं। व्यापार को बढ़ाने के लिए सतीश नांगलिया के भाई मनीष से ब्याज पर तीन लाख रुपये लिए थे। जो वह लौटा चुके हैं। मगर रुपये लौटाने के बाद भी वो लोग तीन लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि 28 फरवरी की सुबह वह पत्नी के साथ जा रहे थे। अपार्टमेंट के गेट पर सतीश और मनीष ने उन्हें बंधक बनाकर एक कमरे में ले गए। वहां उन लोगों ने पत्नी के सामने प्रताड़ित किया। सादे कागज व चेकबुक पर हस्ताक्षर कराने के बाद देर शाम उन्हें छोड़ दिया। पीड़ित व्यापारी का कहना है कि इससे पहले16 फरवरी को दोनों भाइयों ने उनकी कार और मोबाइल भी छीन ली थी। डर की वजह से दुकान नहीं खोल रहे हैं।
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शाहपुर क्षेत्र के जेमिनी अपार्टमेंट निवासी रितेश गुप्ता ने शनिवार की सुबह मुख्यमंत्री के गोरखनाथ स्थित कैंप कार्यालय प्रभारी मोतीलाल सिंह को प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि बलदेव प्लाजा में उनकी मोबाइल की दुकान हैं। व्यापार को बढ़ाने के लिए सतीश नांगलिया के भाई मनीष से ब्याज पर तीन लाख रुपये लिए थे। जो वह लौटा चुके हैं। मगर रुपये लौटाने के बाद भी वो लोग तीन लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि 28 फरवरी की सुबह वह पत्नी के साथ जा रहे थे। अपार्टमेंट के गेट पर सतीश और मनीष ने उन्हें बंधक बनाकर एक कमरे में ले गए। वहां उन लोगों ने पत्नी के सामने प्रताड़ित किया। सादे कागज व चेकबुक पर हस्ताक्षर कराने के बाद देर शाम उन्हें छोड़ दिया। पीड़ित व्यापारी का कहना है कि इससे पहले16 फरवरी को दोनों भाइयों ने उनकी कार और मोबाइल भी छीन ली थी। डर की वजह से दुकान नहीं खोल रहे हैं।
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