{"_id":"59ab11004f1c1bf5278b4ede","slug":"161504383232-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉ. दंपती की जेल में मुलाकात","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डॉ. दंपती की जेल में मुलाकात
Updated Sun, 03 Sep 2017 01:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जेल में बंद मेडिकल कॉलेज के निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला शनिवार को जब एक-दूसरे से मिले तो कुछ वक्त तक दोनों के होठों पर खामोशी छाई रही।
शनिवार सुबह नाश्ता करने के बाद महिला बैरक में बंद डॉ. पूर्णिमा ने पति डॉ. राजीव मिश्र से मुलाकात की इच्छा जताई। जेल प्रशासन ने इसकी जानकारी डॉ. राजीव को दी। उनकी हामी भरने के बाद दोनों को बैरक से बाहर लाया गया। जेल सूत्रों के मुताबिक बैरक से निकलने के बाद दोनों टहलते हुए मुलाकात ग्राउंड पर पहुंचे और फर्श पर बैठ गए। कुछ पलों के लिए खामोशी छाई रही। डॉ. राजीव बेहद तनावग्रस्त लग रहे थे। बातचीत शुरू होते ही वह भावुक हो गए और आंखें भर आईं। करीब 40 मिनट तक दोनों एकांत में रहे। बार-बार डॉ. पूर्णिमा उन्हें समझाने की कोशिश करती देखी गईं। उनकी निगाहें फर्श की तरफ टिकी रहीं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने बताया कि मुलाकात के दौरान बंदी रक्षक उनकी निगरानी में लगाए गए थे। शनिवार को जेल में बंद कई और दंपतियों की भी मुलाकात कराई गई।
.........
बीमारी के हिसाब से तय हुआ डाइट
डॉ. राजीव मिश्र ने खुद को मधुमेह रोगी बताकर खानपान में बदलाव का आग्रह किया। उन्होंने आलू की सब्जी न देने और बगैर चीनी की चाय की मांग की। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि उनकी बीमारी को देखते हुए डाइट तय की गई है। रोटी, दाल, दलिया और हरी सब्जी खाने में दी जा रही है। स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया है।
गोरखपुर। जेल में बंद मेडिकल कॉलेज के निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला शनिवार को जब एक-दूसरे से मिले तो कुछ वक्त तक दोनों के होठों पर खामोशी छाई रही।
शनिवार सुबह नाश्ता करने के बाद महिला बैरक में बंद डॉ. पूर्णिमा ने पति डॉ. राजीव मिश्र से मुलाकात की इच्छा जताई। जेल प्रशासन ने इसकी जानकारी डॉ. राजीव को दी। उनकी हामी भरने के बाद दोनों को बैरक से बाहर लाया गया। जेल सूत्रों के मुताबिक बैरक से निकलने के बाद दोनों टहलते हुए मुलाकात ग्राउंड पर पहुंचे और फर्श पर बैठ गए। कुछ पलों के लिए खामोशी छाई रही। डॉ. राजीव बेहद तनावग्रस्त लग रहे थे। बातचीत शुरू होते ही वह भावुक हो गए और आंखें भर आईं। करीब 40 मिनट तक दोनों एकांत में रहे। बार-बार डॉ. पूर्णिमा उन्हें समझाने की कोशिश करती देखी गईं। उनकी निगाहें फर्श की तरफ टिकी रहीं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने बताया कि मुलाकात के दौरान बंदी रक्षक उनकी निगरानी में लगाए गए थे। शनिवार को जेल में बंद कई और दंपतियों की भी मुलाकात कराई गई।
विज्ञापन
.........
बीमारी के हिसाब से तय हुआ डाइट
डॉ. राजीव मिश्र ने खुद को मधुमेह रोगी बताकर खानपान में बदलाव का आग्रह किया। उन्होंने आलू की सब्जी न देने और बगैर चीनी की चाय की मांग की। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि उनकी बीमारी को देखते हुए डाइट तय की गई है। रोटी, दाल, दलिया और हरी सब्जी खाने में दी जा रही है। स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया है।
विज्ञापन