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क्राइम पेट्रोल देख मांगी थी प्रबंधक से रंगदारी

Sun, 26 May 2019 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 26 May 2019 12:50 AM IST
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क्राइम पेट्रोल देख मांगी थी प्रबंधक से रंगदारी
रंगदारी मांगने का आराोपी - फोटो : amar ujala
गोरखपुर। झंगहा इलाके के ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के प्रबंधक जीउत बंधन से दस लाख की रंगदारी उनके ही पड़ोसी विनय ने मांगी थी। शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पूछताछ में विनय ने बताया कि टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल दस्तक देखकर उसने रंगदारी मांगने की साजिश रची। पुलिस ने उसके पास से रंगदारी मांगने में प्रयोग किया गया मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद कर लिया।
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पुलिस लाइंस में एसपी नार्थ अरविंद कुमार पांडेय ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का पर्दाफाश किया। एसपी ने बताया कि 16 मई को ऑक्सफोर्ड स्कूल के प्रबंधक जीउत बंधन कुशवाहा के मोबाइल फोन पर संदेश भेजकर दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। मामले में 21 मई को केस दर्ज किया गया। सर्विलांस और कॉल डिटेल के आधार पर नई बाजार चौकी प्रभारी धनंजय राय, दरोगा प्रणव कुमार ओझा, सिपाही बसंत यादव, अशोक सरोज और शैलेंद्र कुमार सिंह ने शनिवार की सुबह आरोपी ब्रह्मपुर निवासी विनय निषाद को निबेश्वरनाथ मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। एसपी नार्थ ने बताया कि आरोपी विनय को रंगदारी मांगने का विचार दो साल पहले टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल दस्तक देख कर आया था।
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रंगदारी न देने पर बेटे की हुई थी हत्या

जीउत के बेटे विपिन कुशवाहा से भी पांच वर्ष पूर्व रंगदारी मांगी गई थी। 21 सितंबर 2014 को रंगदारी नहीं देने पर स्कूल में घुसकर विपिन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चूंकि आरोपी प्रबंधक के घर के पीछे ही रहता है तो उसे प्रबंधक की माली हालत पता थी। वह यह जानता था कि एक बार उनके साथ घटना हो चुकी है। अगर इनसे रुपये मांगे जाएं तो वे डर में आसानी से दे देेंगे।
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स्थानीय पुलिस नहीं दर्ज कर रही थी केस

पुलिस की सक्रियता और गंभीरता का अंदाजा इसी से लगता है कि जिसके एक बेटे की हत्या रंगदारी न देने में पहले हो चुकी है। उससे एक बार फिर रंगदारी मांगी जा रही थी। पीड़ित थाने के चक्कर लगा रहा था फिर भी उसका केस दर्ज नहीं हो रहा था। बाद में सीएम से शिकायत के बाद एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता ने थानेदार को फटकार लगाई तो पांच दिन बाद केस दर्ज हुआ।

पांच दिन में दस बार आया मैसेज

जीऊत बंधन के मोबाइल पर 16 मई से लेेकर 22 मई तक दस बार रंगदारी और धमकी के मैसेज आए थे। यहां तक की मुकदमा दर्ज होने की खबर अखबारों में छपने के बाद 23 मई को भी आरोेपी विनय ने मैसेज भेजकर अंजाम भुगतने की धमकी दी।

स्कूल की बस से मिला प्रबंधक का नंबर

पुलिस पूछताछ में विनय ने बताया कि एक माह पूर्व उसे कस्बे में जीऊत बंधन के स्कूल की बस से उनका मोबाइल नंबर मिला। विनय गोंडा में एक प्लाईवुड फैक्ट्री में मजदूरी करता है। दो माह पूर्व ही वह गांव आया था। रंगदारी के रुपयों से वह बिजनेस शुरू करना चाहता था।

दोस्त के नंबर से भेजा संदेश

विनय ने बताया कि बगल के गांव के रहने वाले उसके दोस्त का मोबाइल फोन खराब हो गया था। ऐसे में उसने दोस्त का सिम मांग लिया। उसी सिम को अपने मोबाइल फोन में लगाकर मैसेज करता था।
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