{"_id":"5ae7790a4f1c1b63098b7535","slug":"151525119242-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर में जंजीरों से जकड़े युवक को पुलिस ने छुड़ाया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घर में जंजीरों से जकड़े युवक को पुलिस ने छुड़ाया
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 01 May 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
क्राइम
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। खुद के घर में जंजीरों से जकड़े एक युवक को सोमवार को पुलिस ने मुक्त कराया। आरोप है कि युवक को उसके घरवालों ने पिछले चार दिनों से कमरे में जंजीर से बांधकर रखा था। परिवार के लोगों का कहना है कि युवक नशे का आदि है और आए दिन घर में मारपीट करता था। इस वजह से चार घंटे के लिए बांधा गया था।
शाहपुर थाना क्षेत्र के पादरी बाजार चौकी के सरस्वतीपुरम में स्व. जगदीश सिंह का बड़ा बेटा संतोष पिछले 26 अप्रैल से घर के कमरे में जंजीर से कैद था। बताया जाता है कि उसे उसके छोटे भाई संदीप ने जंजीर से बांधकर रखा था। सोमवार को कैद युवक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे मुक्त कराया। हालांकि युवक की मां माया सिंह का कहना था कि उनका बेटा नशे का आदि है और उसका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
छोटे बेटे की शादी तय होने के कारण घर की मरम्मत कराई जा रही है। 26 अप्रैल को बड़ा बेटा काम कर रहे मजदूरों से मारपीट कर ली थी। इसके बाद छोटे बेटे ने उसे जंजीर से बांध दिया। किसी तरह उनके बड़े बेटे ने मोबाइल फोन से पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस घर आकर चार घंटे बाद ही उसे छुड़ा दिया। इस संबंध में चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसी किसी घटना की जानकारी उनको नहीं है। जंजीर से मुक्त हुए युवक ने बताया कि की वह नशे का आदि था। वर्ष 2000 में हादसे में घायल होने के बाद दो वर्ष तक कोमा में था।
विज्ञापन
विज्ञापन
शाहपुर थाना क्षेत्र के पादरी बाजार चौकी के सरस्वतीपुरम में स्व. जगदीश सिंह का बड़ा बेटा संतोष पिछले 26 अप्रैल से घर के कमरे में जंजीर से कैद था। बताया जाता है कि उसे उसके छोटे भाई संदीप ने जंजीर से बांधकर रखा था। सोमवार को कैद युवक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे मुक्त कराया। हालांकि युवक की मां माया सिंह का कहना था कि उनका बेटा नशे का आदि है और उसका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
विज्ञापन
छोटे बेटे की शादी तय होने के कारण घर की मरम्मत कराई जा रही है। 26 अप्रैल को बड़ा बेटा काम कर रहे मजदूरों से मारपीट कर ली थी। इसके बाद छोटे बेटे ने उसे जंजीर से बांध दिया। किसी तरह उनके बड़े बेटे ने मोबाइल फोन से पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस घर आकर चार घंटे बाद ही उसे छुड़ा दिया। इस संबंध में चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसी किसी घटना की जानकारी उनको नहीं है। जंजीर से मुक्त हुए युवक ने बताया कि की वह नशे का आदि था। वर्ष 2000 में हादसे में घायल होने के बाद दो वर्ष तक कोमा में था।
विज्ञापन