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मामलों के निस्तारण में देरी पर जताई नाराजगी
Updated Tue, 06 Jun 2017 06:39 PM IST
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संतकबीरनगर। मंगलवार को जिले के तीनों तहसीलों पर तहसील दिवस का आयोजन हुआ। धनघटा में डीएम ने फरियाद सुनी और समस्याओं के निस्तारण में अफसरों के जरिए की जा रही देरी पर नाराजगी जाहिर की। डीएम ने चेताया कि यदि शिकायतों का निस्तारण समय से नहीं किया गया तो संबंधित अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान कुल 371 मामले आए और सिर्फ 15 मामलों का ही निस्तारण मौके पर हो पाया।
हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार धनघटा तहसील दिवस में मंगलवार को सुबह दस बजे डीएम मारकंडेय शाही पहुंच गए और फरियादियों की समस्याएं सुनना शुरू किया। इस दौरान जमीन पर अवैध कब्जे की सर्वाधिक शिकायतें पहुंची। जिस पर डीएम ने राजस्व और पुलिस टीम के जरिए निस्तारण कराए जाने का निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि तहसील दिवस की शिकायतों को समय से निस्तारित नहीं किए जाने की बात सामने आ रही है। समय से शिकायतों का निस्तारण न करना महंगा पड़ सकता है। अधिकारी अपने दायित्व का निर्वहन ठीक से करें। यहां कुल 194 मामले आए और मौके पर एक भी मामला निस्तारित नहीं हो सका। मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी की अध्यक्षता में तहसील दिवस आयोजित हुआ। इसमें कुल 54 मामले आए और 11 मामलों का निस्तारण मौके पर कर दिया गया। शेष मामले को संबंधित विभागीय अधिकारी को त्वरित निस्तारण करने के लिए सौंप दिया गया। इसी दौरान अब्दुल समद पुत्र मोहम्मद इस्लाम निवासी कुसौनां खुर्द ने शिकायत दर्ज कराया कि उसने फरदहां गांव में एक खेत का रजिस्ट्री कुछ साल पहले ही कराया था, लेकिन फरदहां गांव निवासी कुछ लोग आपत्ति जताते हुए नायब तहसीलदार की कोर्ट में आपत्ति दाखिल कर दिए थे, लेकिन कोर्ट ने उसके नाम जमीन को भूलेख में दर्ज करने का आदेश दिया। आरोप था कि उसे कब्जा करने में लोग बाधा पहुंचा रहे है। एसडीएम ने मामले के निस्तारण के लिए मातहतों को निर्देश दिया। इसी तरह खलीलाबाद तहसील दिवस में एसडीएम उमेशचंद्र निगम और तहसीलदार अरविंद सिंह ने फरियाद सुनी। यहां कुल 123 मामले आए और चार मामलों का ही निस्तारण मौके पर किया जा सका। एसडीएम ने संबंधित मामलों को अधिकारियों को संदर्भित करते हुए समय से निस्तारित करने का निर्देश दिया।
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हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार धनघटा तहसील दिवस में मंगलवार को सुबह दस बजे डीएम मारकंडेय शाही पहुंच गए और फरियादियों की समस्याएं सुनना शुरू किया। इस दौरान जमीन पर अवैध कब्जे की सर्वाधिक शिकायतें पहुंची। जिस पर डीएम ने राजस्व और पुलिस टीम के जरिए निस्तारण कराए जाने का निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि तहसील दिवस की शिकायतों को समय से निस्तारित नहीं किए जाने की बात सामने आ रही है। समय से शिकायतों का निस्तारण न करना महंगा पड़ सकता है। अधिकारी अपने दायित्व का निर्वहन ठीक से करें। यहां कुल 194 मामले आए और मौके पर एक भी मामला निस्तारित नहीं हो सका। मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी की अध्यक्षता में तहसील दिवस आयोजित हुआ। इसमें कुल 54 मामले आए और 11 मामलों का निस्तारण मौके पर कर दिया गया। शेष मामले को संबंधित विभागीय अधिकारी को त्वरित निस्तारण करने के लिए सौंप दिया गया। इसी दौरान अब्दुल समद पुत्र मोहम्मद इस्लाम निवासी कुसौनां खुर्द ने शिकायत दर्ज कराया कि उसने फरदहां गांव में एक खेत का रजिस्ट्री कुछ साल पहले ही कराया था, लेकिन फरदहां गांव निवासी कुछ लोग आपत्ति जताते हुए नायब तहसीलदार की कोर्ट में आपत्ति दाखिल कर दिए थे, लेकिन कोर्ट ने उसके नाम जमीन को भूलेख में दर्ज करने का आदेश दिया। आरोप था कि उसे कब्जा करने में लोग बाधा पहुंचा रहे है। एसडीएम ने मामले के निस्तारण के लिए मातहतों को निर्देश दिया। इसी तरह खलीलाबाद तहसील दिवस में एसडीएम उमेशचंद्र निगम और तहसीलदार अरविंद सिंह ने फरियाद सुनी। यहां कुल 123 मामले आए और चार मामलों का ही निस्तारण मौके पर किया जा सका। एसडीएम ने संबंधित मामलों को अधिकारियों को संदर्भित करते हुए समय से निस्तारित करने का निर्देश दिया।
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