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नशे में आए ड्राइवर को रोका
Updated Tue, 10 Oct 2017 01:51 AM IST
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गोरखपुर।
नशे की हालत में ड्यूटी करने पहुुंचे लोको पायलट (ड्राइवर) को जांच में पकड़ लिया गया और खून का नमूना लेकर ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया। इस दौरान उसकी जगह दूसरे ड्राइवर को बुलाकर ट्रेन रवाना की गई। इस प्रक्रिया में काफी वक्त लगा जिसकी वजह से अवध असम एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही।
डिब्रूगढ़ जाने जाने वाली अवध असम एक्सप्रेस को चलाने के लिए रविवार को सोनपुर से ट्रेन लेकर आए ड्राइवर की ड्यूटी लगी थी। ड्यूटी के आधे घंटे पहले जब ड्राइवर की ब्रीद एनालॉइजर से जांच की गई तो उसके नशे में होने की पुष्टि हुई। उधर, ट्रेन के आने का समय भी हो चुका था। आनन-फानन में दूसरे ड्राइवर को ट्रेन ले जाने के लिए बुलाया गया। दूसरे ड्राइवर के पहुंचने के पहले ट्रेन आ गई और लॉबी तक पहुंचकर जांच कराने में उसे लगभग पौने एक घंटे समय लग गया। डीजल लॉबी के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ड्राइवर के खून का नमूना जांच के लिए भेजा गया है, अगर इसमें भी नशे की पुष्टि होती है तो ड्राइवर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
नशे की हालत में ड्यूटी करने पहुुंचे लोको पायलट (ड्राइवर) को जांच में पकड़ लिया गया और खून का नमूना लेकर ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया। इस दौरान उसकी जगह दूसरे ड्राइवर को बुलाकर ट्रेन रवाना की गई। इस प्रक्रिया में काफी वक्त लगा जिसकी वजह से अवध असम एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही।
डिब्रूगढ़ जाने जाने वाली अवध असम एक्सप्रेस को चलाने के लिए रविवार को सोनपुर से ट्रेन लेकर आए ड्राइवर की ड्यूटी लगी थी। ड्यूटी के आधे घंटे पहले जब ड्राइवर की ब्रीद एनालॉइजर से जांच की गई तो उसके नशे में होने की पुष्टि हुई। उधर, ट्रेन के आने का समय भी हो चुका था। आनन-फानन में दूसरे ड्राइवर को ट्रेन ले जाने के लिए बुलाया गया। दूसरे ड्राइवर के पहुंचने के पहले ट्रेन आ गई और लॉबी तक पहुंचकर जांच कराने में उसे लगभग पौने एक घंटे समय लग गया। डीजल लॉबी के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ड्राइवर के खून का नमूना जांच के लिए भेजा गया है, अगर इसमें भी नशे की पुष्टि होती है तो ड्राइवर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
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