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डूबने से ही हुई थी डॉ. आशीष् ा रंजन की मौत
Updated Fri, 14 Jul 2017 09:55 PM IST
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गोरखपुर।
महराजगंज के सिसवा सीएचसी पर तैनात रहे डॉ. आशीष रंजन की मौत डूबने से ही हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद खुदकुशी की पुष्टि हो गई। उधर, घरवालों ने भी किसी तरह की आशंका नहीं जताई है। डॉ. आशीष का गुरुवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके डिप्रेशन में आकर खुदकुशी करने से साथ काम करने वाले और घर के लोग हैरान हैं।
कैंट इलाके के बुद्ध विहार पार्ट सी निवासी डॉ. आशीष रंजन 11 जुलाई को घर से जांच कराने निकले थे। 24 घंटे बाद भी वापस न आने पर पत्नी डॉ. बरसा ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में जुटी पुलिस को डॉ. रंजन के मोबाइल की लोकेशन राजघाट पुल पर मिली थी। पुलिस जब जांच करने पहुंची तो पुल पर उसे लावारिस मिली। बाइक की पहचान होने के बाद कैंट इंस्पेक्टर ओम हरि वाजपेयी ने नदी में तलाश शुरू कराई तो डॉ. आशीष का शव बरामद हो गया था। उनके शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं थे और मोबाइल भी उनकी जेब से मिला था। फिर भी पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी। शुक्रवार को रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो गया कि उनकी मौत नदी में डूबने से ही हुई थी।
महराजगंज के सिसवा सीएचसी पर तैनात रहे डॉ. आशीष रंजन की मौत डूबने से ही हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद खुदकुशी की पुष्टि हो गई। उधर, घरवालों ने भी किसी तरह की आशंका नहीं जताई है। डॉ. आशीष का गुरुवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके डिप्रेशन में आकर खुदकुशी करने से साथ काम करने वाले और घर के लोग हैरान हैं।
कैंट इलाके के बुद्ध विहार पार्ट सी निवासी डॉ. आशीष रंजन 11 जुलाई को घर से जांच कराने निकले थे। 24 घंटे बाद भी वापस न आने पर पत्नी डॉ. बरसा ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में जुटी पुलिस को डॉ. रंजन के मोबाइल की लोकेशन राजघाट पुल पर मिली थी। पुलिस जब जांच करने पहुंची तो पुल पर उसे लावारिस मिली। बाइक की पहचान होने के बाद कैंट इंस्पेक्टर ओम हरि वाजपेयी ने नदी में तलाश शुरू कराई तो डॉ. आशीष का शव बरामद हो गया था। उनके शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं थे और मोबाइल भी उनकी जेब से मिला था। फिर भी पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी। शुक्रवार को रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो गया कि उनकी मौत नदी में डूबने से ही हुई थी।
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