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हादसे में छात्र की मौत, तोड़फोड़ व पथराव
Updated Wed, 26 Jul 2017 01:51 AM IST
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पुलिस ने बवालियो को लाठीचार्ज कर खदेड़ा।
- फोटो : Amar Ujala
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मोहद्दीपुर में दो बाइक की आमने-सामने हुई टक्कर में बुरी तरह जख्मी एक किशोर की प्राइवेट अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता से जान चली गई। जख्मी किशोर का इलाज कराने अस्पताल पहुंचे घरवालों से अस्पताल प्रशासन ने एक्सीडेंटल केस बताकर इलाज से मना कर दिया। इलाज के इंतजार में ही किशोर की मौत हो गई। नाराज घरवालों ने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी और शव को सड़क पर रखकर जाम लगाने की कोशिश की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सड़क जाम करने वालों को खदेड़ा तो उन्होंने रास्ते से गुजर रहे बस और कार पर पथराव शुरू कर दिया। जिसके बाद भारी संख्या में पहुंची पुलिस ने महिलाओं को भी नहंी बख्शा और जमकर लाठियां बरसाईं। एक युवती समेत पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। करीब दो घंटे तक सड़क पर अफरा तफरी का माहौल रहा।
घटना मंगलवार शाम साढ़े सात बजे की है। मोहद्दीपुर नहर रोड के कैलाश का बेटा नित्यम (15) अपने चचेरे भाई गौरव (16) के साथ कपड़ा लेने गया था। लौटते वक्त मोहद्दीपुर चौराहे के पास नित्यम की बाइक सामने से तेज गति से आ रही एक बाइक से टकरा गई। हादसे में नित्यम बुरी तरह जख्मी हो गया, उसके मुंह और कान से खून निकलने लगा। हादसे के वक्त नित्यम बिना हेलमेट के था।
घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोग नित्यम को लेकर पास में ही डॉ शशिकांत दीक्षित के टाइमोनियर अस्पताल में चले गए। इसी बीच सूचना पाकर घरवाले भी आ गए और अस्पताल प्रशासन से डॉ दीक्षित को बुलाने का अनुरोध करने लगे। अस्पताल प्रशासन ने एक्सीडेंटल केस बताकर जिला अस्पताल ले जाने को कहा। थोड़ी देर में नित्यम की मौत हो गई। घरवाले बगल में पुलिस चौकी भी गए लेकिन वहां कोई सिपाही नहीं मिला। इसी बीच भारी संख्या में मृतक के बिरादरी के लोग पहुंच गए और अस्पताल पर पथराव कर शीशे तोड़ दिया। इसके बाद लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगाने की कोशिश की। पथराव कर रोडवेज की पांच बसों और चार प्राइवेट वाहनों शीशे तोड़ दिए। इसकी सूचना पाकर एसपी सिटी विनय सिंह, एसपी ट्रैफिक आदित्य वर्मा, एसडीएम, सीओ गोरखनाथ चारू निगम, सीओ कैंट अभिषेक सिंह व इंस्पेक्टर कैंट ओम हरि वाजपेयी भारी फोर्स के साथ पहुंच गए। सड़क पर बवाल करने वालों को समझाने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं बन सकी। इसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। इस दौरान पुलिस ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं और महिलाओं को घेरकर पीटा। लाठीचार्ज करके भीड़ को तितर-बितर किया। आपाधापी में कई महिलाओं को चोटें आई हैं। तनाव को देखते हुए अस्पताल और घटनास्थल पर भारी फोर्स तैनात की गई है।
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अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता से बिगड़ा माहौल
मोहद्दीपुर में किशोर की मौत के बाद भीड़ के उपद्रवी शक्ल लेने के पीछे अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता ही रही, जिसके चलते पल भर में ही माहौल बिगड़ गया। रही कसर पुलिस ने पूरी कर दी। देर से पहुंची पुलिस ने भी अमानवीयता की सारी हदें पार की दीं। बच्चों और महिलाओं को भी नहीं बख्शा और बेरहमी से उनकी पिटाई कर माहौल को और खराब कर दिया। इस घटना में पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। अस्पताल के सामने डेढ़ घंटे तक बवाल चलता रहा और पुलिस के आला अधिकारी नहीं पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर समय से पुलिस पहुंच गई होती तो घटना भयावह न होती। पुलिस की नामौजूदगी के चलते उपद्रवियों के हौसले बुलंद होते गए। अस्पताल पर पथराव के दौरान चपेट में गुजर रहे कई वाहन भी आ गए। यही नहीं, पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो मामला शांत हो चुका था, लेकिन पहुुंचते ही पुलिस ने लाठियां चटकानी शुरू कर दीं। महिलाओं और लड़कियों को भी घेरेबंदी कर लाठियां बरसाई गईं।
डेढ़ घंटे तक सड़क पर हंगामा
गोरखपुर। अस्पताल में बवाल के बाद मृतक के घरवाले शव को स्ट्रेचर पर लेकर सड़क पर पहुंच गए। यह देखते ही पड़ोसी और रिश्तेदार भी उग्र होने लगे। पहले जाम की कोशिश हुई, नाकाम होने पर पथराव शुरू हो गया। मोहद्दीपुर मार्ग पर जाने वाले राहगीर इधर-उधर भागने लगे। किसी को कुछ समझ में नहीं आया। रात आठ बजे से लेकर साढ़े नौ बजे तक सड़क पर हंगामा चलता रहा।
राहगीर भी हुए चुटहिल
गोरखपुर। मोहद्दीपुर के रास्ते जा रहे कई राहगीर भी चुटहलि हो गए। वहीं कार के शीशे टूटने से भी कुछ लोगों को हल्की चोटें आई। कुछ बाइक सवार पत्थरबाजी देखकर भागने की कोशिश में गिरते-गिरते बचे।
पांच भाइयों में चौथे नंबर का था नित्यम
गोरखपुर। नित्यम पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। पिता मजदूरी करते हैं और नित्यम एमपी इंटर कॉलेज में कक्षा नौवीं का छात्र था। हादसे के बाद नित्यम के कुछ दोस्त भी मौके पर पहुंचे थे। सदमे में दोस्त कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं थे।
इन्हें लिया गया हिरासत में
पुलिस ने बवाल के बाद उपद्रव मचाने के आरोप में अनुराधा, छोटे निषाद, संतोष साहनी, अमन, धीरज, निक्कू, दीपक, गोलू को हिरासत में लिया है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश में देर रात तक छापेमारी चलती रही।
रंगदारी मांगने के बाद डॉक्टर को मिली है सुरक्षा
गोरखपुर। टाइमोनियर अस्पताल के मालिक डॉ. शशिकांत दीक्षित से पांच जुलाई को कुख्यात चंदन ने 20 लाख की रंगदारी मांगी थी। इसके बाद डॉक्टर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। डॉक्टर की सुरक्षा में छह पुलिसकर्मी लगाए गए हैं।
देर रात तक नहीं दी गई तहरीर
गोरखपुर। घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन ने केस दर्ज कर उपद्रव करने वालों की गिरफ्तारी की मांग पुलिस अधिकारियों से की। हालांकि देर रात तक अस्पताल प्रशासन की ओर से तहरीर नहीं दी गई थी। कैंट इंस्पेक्टर ओम हरि वाजपेयी ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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घटना मंगलवार शाम साढ़े सात बजे की है। मोहद्दीपुर नहर रोड के कैलाश का बेटा नित्यम (15) अपने चचेरे भाई गौरव (16) के साथ कपड़ा लेने गया था। लौटते वक्त मोहद्दीपुर चौराहे के पास नित्यम की बाइक सामने से तेज गति से आ रही एक बाइक से टकरा गई। हादसे में नित्यम बुरी तरह जख्मी हो गया, उसके मुंह और कान से खून निकलने लगा। हादसे के वक्त नित्यम बिना हेलमेट के था।
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घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोग नित्यम को लेकर पास में ही डॉ शशिकांत दीक्षित के टाइमोनियर अस्पताल में चले गए। इसी बीच सूचना पाकर घरवाले भी आ गए और अस्पताल प्रशासन से डॉ दीक्षित को बुलाने का अनुरोध करने लगे। अस्पताल प्रशासन ने एक्सीडेंटल केस बताकर जिला अस्पताल ले जाने को कहा। थोड़ी देर में नित्यम की मौत हो गई। घरवाले बगल में पुलिस चौकी भी गए लेकिन वहां कोई सिपाही नहीं मिला। इसी बीच भारी संख्या में मृतक के बिरादरी के लोग पहुंच गए और अस्पताल पर पथराव कर शीशे तोड़ दिया। इसके बाद लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगाने की कोशिश की। पथराव कर रोडवेज की पांच बसों और चार प्राइवेट वाहनों शीशे तोड़ दिए। इसकी सूचना पाकर एसपी सिटी विनय सिंह, एसपी ट्रैफिक आदित्य वर्मा, एसडीएम, सीओ गोरखनाथ चारू निगम, सीओ कैंट अभिषेक सिंह व इंस्पेक्टर कैंट ओम हरि वाजपेयी भारी फोर्स के साथ पहुंच गए। सड़क पर बवाल करने वालों को समझाने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं बन सकी। इसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। इस दौरान पुलिस ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं और महिलाओं को घेरकर पीटा। लाठीचार्ज करके भीड़ को तितर-बितर किया। आपाधापी में कई महिलाओं को चोटें आई हैं। तनाव को देखते हुए अस्पताल और घटनास्थल पर भारी फोर्स तैनात की गई है।
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अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता से बिगड़ा माहौल
मोहद्दीपुर में किशोर की मौत के बाद भीड़ के उपद्रवी शक्ल लेने के पीछे अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता ही रही, जिसके चलते पल भर में ही माहौल बिगड़ गया। रही कसर पुलिस ने पूरी कर दी। देर से पहुंची पुलिस ने भी अमानवीयता की सारी हदें पार की दीं। बच्चों और महिलाओं को भी नहीं बख्शा और बेरहमी से उनकी पिटाई कर माहौल को और खराब कर दिया। इस घटना में पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। अस्पताल के सामने डेढ़ घंटे तक बवाल चलता रहा और पुलिस के आला अधिकारी नहीं पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर समय से पुलिस पहुंच गई होती तो घटना भयावह न होती। पुलिस की नामौजूदगी के चलते उपद्रवियों के हौसले बुलंद होते गए। अस्पताल पर पथराव के दौरान चपेट में गुजर रहे कई वाहन भी आ गए। यही नहीं, पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो मामला शांत हो चुका था, लेकिन पहुुंचते ही पुलिस ने लाठियां चटकानी शुरू कर दीं। महिलाओं और लड़कियों को भी घेरेबंदी कर लाठियां बरसाई गईं।
डेढ़ घंटे तक सड़क पर हंगामा
गोरखपुर। अस्पताल में बवाल के बाद मृतक के घरवाले शव को स्ट्रेचर पर लेकर सड़क पर पहुंच गए। यह देखते ही पड़ोसी और रिश्तेदार भी उग्र होने लगे। पहले जाम की कोशिश हुई, नाकाम होने पर पथराव शुरू हो गया। मोहद्दीपुर मार्ग पर जाने वाले राहगीर इधर-उधर भागने लगे। किसी को कुछ समझ में नहीं आया। रात आठ बजे से लेकर साढ़े नौ बजे तक सड़क पर हंगामा चलता रहा।
राहगीर भी हुए चुटहिल
गोरखपुर। मोहद्दीपुर के रास्ते जा रहे कई राहगीर भी चुटहलि हो गए। वहीं कार के शीशे टूटने से भी कुछ लोगों को हल्की चोटें आई। कुछ बाइक सवार पत्थरबाजी देखकर भागने की कोशिश में गिरते-गिरते बचे।
पांच भाइयों में चौथे नंबर का था नित्यम
गोरखपुर। नित्यम पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। पिता मजदूरी करते हैं और नित्यम एमपी इंटर कॉलेज में कक्षा नौवीं का छात्र था। हादसे के बाद नित्यम के कुछ दोस्त भी मौके पर पहुंचे थे। सदमे में दोस्त कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं थे।
इन्हें लिया गया हिरासत में
पुलिस ने बवाल के बाद उपद्रव मचाने के आरोप में अनुराधा, छोटे निषाद, संतोष साहनी, अमन, धीरज, निक्कू, दीपक, गोलू को हिरासत में लिया है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश में देर रात तक छापेमारी चलती रही।
रंगदारी मांगने के बाद डॉक्टर को मिली है सुरक्षा
गोरखपुर। टाइमोनियर अस्पताल के मालिक डॉ. शशिकांत दीक्षित से पांच जुलाई को कुख्यात चंदन ने 20 लाख की रंगदारी मांगी थी। इसके बाद डॉक्टर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। डॉक्टर की सुरक्षा में छह पुलिसकर्मी लगाए गए हैं।
देर रात तक नहीं दी गई तहरीर
गोरखपुर। घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन ने केस दर्ज कर उपद्रव करने वालों की गिरफ्तारी की मांग पुलिस अधिकारियों से की। हालांकि देर रात तक अस्पताल प्रशासन की ओर से तहरीर नहीं दी गई थी। कैंट इंस्पेक्टर ओम हरि वाजपेयी ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।