फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   डॉ. कफील के भाई को गोली मारी

डॉ. कफील के भाई को गोली मारी

Mon, 11 Jun 2018 01:20 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Mon, 11 Jun 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
डॉ. कफील के भाई को गोली मारी
डॉ. कफील के भाई का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
गोरखपुर। बीआरडी कांड के आरोपी डॉ. कफील के छोटे भाई कासिफ जमील को रविवार की रात तरंग क्रॉसिंग के पास स्कूटर सवार बदमाशों ने गोली मार दीं। उन्हें तीन गोलियां कंधे, सीने और पीठ में लगी हैं। घटना के बाद कासिफ खुद ऑटो पकड़कर हास्पिटल पहुंचे।  गोली चलने की सूचना पर सीओ क्राइम प्रवीण सिंह, सीओ कोतवाली के साथ दो थाने की फोर्स पहुंच गई। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
विज्ञापन

कासिफ कोतवाली इलाके के बसंतपुर में रहते हैं। डॉ. कफील खान के छोटे भाई कासिफ की रूस्तमपुर में बैट्री की दुकान है। रविवार की शाम वह इफ्तार करने के बाद गोरखनाथ इलाके में अपने एक दोस्त से मिलने गए थे। परिजनों के मुताबिक वहां से लौैटने के दौरान रात लगभग 10.30 बजे तरंग क्रॉसिंग के पास स्कूटर सवार नकाबपोश दो बदमाश आए और गोली मारकर फरार हो गए। गोली चलने की सूचना कासिफ ने सबसे पहले घरवालों को दी थी। स्टार हास्पिटल में भर्ती होने के बाद पुलिस को घटना की जानकारी हुई। पुलिस के मुताबिक गोली चलने की जांच की जा रही है।  
विज्ञापन

 

जमीन के विवाद में तो नहीं मारी गई गोली!

गोरखपुर। कासिफ का कई लोगों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है। कासिफ के एक रिश्तेदार ने ही भाजपा के एक सांसद पर जमीन हड़पने का केस दर्ज कराया था। हालांकि परिवार वाले इस पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस के मुताबिक कासिफ और उनके परिवार का जमीन को लेकर कई विवाद चल रहा है। इनमें डॉ. कफील खान के परिवार के लोगों की ओर से कई मुकदमे भी दर्ज कराए गए हैं। इसे लेकर परिवार और कासिफ की कई लोगों से पुरानी रंजिश भी चल रही है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि जमीन का विवाद भी घटना की वजह हो सकती है।

पुलिस उठा रही कई सवाल

पुलिस गोली चलने पर पुलिस कई सवाल भी खड़े कर रही है। ताबड़तोड़ चली तीन गोलियों का कासिप को सिर्फ छूकर निकल जाना, बदमाशों का आसनी से फरार हो जाना कहीं न कहीं पुलिस के शक को गहरा रहा है। गोली लगने के बाद पुलिस को सूचना देने के बजाय सीधे अस्पताल पहुंचना और फिर मीडिया से संपर्क साधने को भी पुलिस शक की निगाह से देख रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed