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क्लास टीचर गिरफ्तार, स्कूल से सस्पेंड
Updated Fri, 22 Sep 2017 01:35 AM IST
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गोरखपुर।
क्लास टीचर की प्रताड़ना से तंग पांचवीं में पढ़ने वाले छात्र नवनीत प्रकाश (12) की खुदकुशी मामले में पुलिस ने सेंट एंथोनी कान्वेंट स्कूल की शिक्षिका भावना राय को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। शिक्षिका को महिला थाने में रखकर पूछताछ की गई। देरशाम क्लास टीचर को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आरोपी प्रबंधक की तलाश में पुलिस ने छापेमारी भी की है लेकिन वह भूमिगत हैं। दूसरी तरफ स्कूल प्रबंधन ने आरोपी शिक्षिका भावना को निलंबित कर दिया है।
सेंट एंथोनी स्कूल के कक्षा पांच के छात्र नवनीत प्रकाश की मौत बुधवार (20 सितंबर) को हुई थी। नवनीत के बैग से सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें क्लास टीचर को जिम्मेदार ठहराया गया था। छात्र के पिता रवि प्रकाश ने शाहपुर पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी क्लास टीचर भावना को बशारतपुर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार टीचर साढ़े सात महीने की गर्भवती हैं। इसलिए पुलिस सावधानी बरत रही है। जिला अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराने के बाद भावना को महिला थाने में रखा गया। वहां से उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। पूछताछ में आरोपी टीचर ने खुद को बेकसूर बताया है। साथ ही कहा कि उन्होंने किसी बच्चे को मारापीटा या फिर प्रताड़ित नहीं किया है।
पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ नहीं हुई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से चिकित्सकों ने विसरा सुरक्षित रख लिया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के विशेष पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद बच्चे का शव घर वालों को सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद वे शव लेकर गृह जनपद कुशीनगर रवाना हो गए।
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बंद रहा स्कूल, अभिभावक दिखे नाराज
नवनीत की मौत के बाद गुरुवार को सेंट एंथोनी स्कूल बंद रहा। इसके बावजूद सुबह सात बजे के आसपास तमाम छात्र और अभिभावक पहुंच गए। सबका यही कहना था कि उन्हें छुट्टी की सूचना पहले से नहीं थी। छात्रों और अभिभावकों ने घटना पर दु:ख जताया। कई अभिभावकों का कहना था कि मासूमों के साथ बर्बरता नहीं होनी चाहिए। दुलार से पढ़ाने पर मासूमों को मनोबल बढ़ता है। लोगों के चेहरे पर गम और गुस्सा साफ दिख रहा था। अभिभावकों ने इस घटना की जांच कराके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कोट
छात्र की मौत का दु:ख है लेकिन घर वालों ने किसी तरह की जानकारी स्कूल प्रबंधन को नहीं दी थी। बच्चा मेडिकल कॉलेज में भर्ती था। उसकी मौत के बाद जब स्कूल में तोड़फोड़ हुई तब जाकर मामले की जानकारी मिली। फिलहाल आरोपी टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है। स्कूल प्रशासन भी मामले की जांच करा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। आरोपी क्लास टीचर स्कूल में आठ सालों से पढ़ा रही हैं। इसके पहले किसी भी बच्चे के उत्पीड़न की शिकायत नहीं मिली थी।
- सिस्टर ईश प्रिया, प्रिंसिपल, सेंट एंथोनी कान्वेंट स्कूल
मासूम को प्रताड़ित किया गया था। ऐसा दलित होने की वजह से किया गया। नवनीत पढ़ने में तेज था। क्लास टीचर को इसकी चिढ़ थी। उसे घंटों खड़ा कर प्रताड़ित किया गया और जहर खाने के लिए विवश कर दिया गया। एक बात और, क्लास टीचर कोचिंग में पढ़ाती हैं। जो बच्चे कोचिंग जाते थे, उनसे भी ज्यादा नंबर नवनीत को मिलता था। इसकी खुन्नस भी निकाली जाती थी।
- हरिराम प्रसाद, रिटायर शिक्षक (नवनीत के दादा)
क्लास टीचर की प्रताड़ना से तंग पांचवीं में पढ़ने वाले छात्र नवनीत प्रकाश (12) की खुदकुशी मामले में पुलिस ने सेंट एंथोनी कान्वेंट स्कूल की शिक्षिका भावना राय को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। शिक्षिका को महिला थाने में रखकर पूछताछ की गई। देरशाम क्लास टीचर को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आरोपी प्रबंधक की तलाश में पुलिस ने छापेमारी भी की है लेकिन वह भूमिगत हैं। दूसरी तरफ स्कूल प्रबंधन ने आरोपी शिक्षिका भावना को निलंबित कर दिया है।
सेंट एंथोनी स्कूल के कक्षा पांच के छात्र नवनीत प्रकाश की मौत बुधवार (20 सितंबर) को हुई थी। नवनीत के बैग से सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें क्लास टीचर को जिम्मेदार ठहराया गया था। छात्र के पिता रवि प्रकाश ने शाहपुर पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी क्लास टीचर भावना को बशारतपुर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार टीचर साढ़े सात महीने की गर्भवती हैं। इसलिए पुलिस सावधानी बरत रही है। जिला अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराने के बाद भावना को महिला थाने में रखा गया। वहां से उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। पूछताछ में आरोपी टीचर ने खुद को बेकसूर बताया है। साथ ही कहा कि उन्होंने किसी बच्चे को मारापीटा या फिर प्रताड़ित नहीं किया है।
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पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ नहीं हुई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से चिकित्सकों ने विसरा सुरक्षित रख लिया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के विशेष पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद बच्चे का शव घर वालों को सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद वे शव लेकर गृह जनपद कुशीनगर रवाना हो गए।
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बंद रहा स्कूल, अभिभावक दिखे नाराज
नवनीत की मौत के बाद गुरुवार को सेंट एंथोनी स्कूल बंद रहा। इसके बावजूद सुबह सात बजे के आसपास तमाम छात्र और अभिभावक पहुंच गए। सबका यही कहना था कि उन्हें छुट्टी की सूचना पहले से नहीं थी। छात्रों और अभिभावकों ने घटना पर दु:ख जताया। कई अभिभावकों का कहना था कि मासूमों के साथ बर्बरता नहीं होनी चाहिए। दुलार से पढ़ाने पर मासूमों को मनोबल बढ़ता है। लोगों के चेहरे पर गम और गुस्सा साफ दिख रहा था। अभिभावकों ने इस घटना की जांच कराके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कोट
छात्र की मौत का दु:ख है लेकिन घर वालों ने किसी तरह की जानकारी स्कूल प्रबंधन को नहीं दी थी। बच्चा मेडिकल कॉलेज में भर्ती था। उसकी मौत के बाद जब स्कूल में तोड़फोड़ हुई तब जाकर मामले की जानकारी मिली। फिलहाल आरोपी टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है। स्कूल प्रशासन भी मामले की जांच करा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। आरोपी क्लास टीचर स्कूल में आठ सालों से पढ़ा रही हैं। इसके पहले किसी भी बच्चे के उत्पीड़न की शिकायत नहीं मिली थी।
- सिस्टर ईश प्रिया, प्रिंसिपल, सेंट एंथोनी कान्वेंट स्कूल
मासूम को प्रताड़ित किया गया था। ऐसा दलित होने की वजह से किया गया। नवनीत पढ़ने में तेज था। क्लास टीचर को इसकी चिढ़ थी। उसे घंटों खड़ा कर प्रताड़ित किया गया और जहर खाने के लिए विवश कर दिया गया। एक बात और, क्लास टीचर कोचिंग में पढ़ाती हैं। जो बच्चे कोचिंग जाते थे, उनसे भी ज्यादा नंबर नवनीत को मिलता था। इसकी खुन्नस भी निकाली जाती थी।
- हरिराम प्रसाद, रिटायर शिक्षक (नवनीत के दादा)