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बीआरडी कांड : चिट्ठी से डॉ. कुशवाहा ने दर्ज कराया बयान
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 12 Dec 2017 07:25 PM IST
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : Amar Ujala
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बीआरडी कांड की जांच के दायरे में फंसे पूर्व प्रिंसिपल डॉ. केपी कुशवाहा और पूर्व एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बयान दर्ज कराया है। दोनों से ही विवेचक सीओ कैंट ने दस्तावेज मांगे हैं, जिसके लिए इन लोगों ने समय देने की दलील दी। डॉ. कुशवाहा ने चिट्ठी के जरिए पुलिस को बयान दर्ज कराया है।
ऑक्सीजन की कमी के बीच बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा की तहरीर पर नामजद केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान ही पुलिस ने ऑक्सीजन के अनुबंध तक दायरा बढ़ाया। इसके बाद ही पूर्व प्रिंसिपल डॉ. केपी कुशवाहा पर ऑक्सीजन सप्लाई के अनुबंध में गड़बड़ी का मामला सामने आया। पुलिस की दलील है कि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी से अनुबंध न करके बिचौलिया से अनुबंध किया गया था। उधर, डॉ. एके श्रीवास्तव पर आरोप है कि वह अपने कार्यकाल के दौरान कोई ऑक्सीजन के आने और खपत से संबंधी कोई दस्तावेज तैयार नहीं किए थे। पुलिस इसे दस्तावेज मिटाने की नजर से देख रही है।
विवेचक सीओ कैंट ने दोनों ही पूर्व अफसरों को नोटिस भेजकर जांच में सहयोग करने के लिए कहा था। पुलिस ने कई बाद संपर्क करने की कोशिश भी की, लेकिन खुद न आकर डॉ. कुशवाहा ने चिट्ठी के जरिए बयान दर्ज कराया है। वहीं डॉ. एके श्रीवास्तव ने भी पुलिस से संपर्क कर बयान दर्ज करा दिया है। दोनों ही अफसरों से दस्तावेज मांगे गए हैं, जिसके मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ऑक्सीजन की कमी के बीच बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा की तहरीर पर नामजद केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान ही पुलिस ने ऑक्सीजन के अनुबंध तक दायरा बढ़ाया। इसके बाद ही पूर्व प्रिंसिपल डॉ. केपी कुशवाहा पर ऑक्सीजन सप्लाई के अनुबंध में गड़बड़ी का मामला सामने आया। पुलिस की दलील है कि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी से अनुबंध न करके बिचौलिया से अनुबंध किया गया था। उधर, डॉ. एके श्रीवास्तव पर आरोप है कि वह अपने कार्यकाल के दौरान कोई ऑक्सीजन के आने और खपत से संबंधी कोई दस्तावेज तैयार नहीं किए थे। पुलिस इसे दस्तावेज मिटाने की नजर से देख रही है।
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विवेचक सीओ कैंट ने दोनों ही पूर्व अफसरों को नोटिस भेजकर जांच में सहयोग करने के लिए कहा था। पुलिस ने कई बाद संपर्क करने की कोशिश भी की, लेकिन खुद न आकर डॉ. कुशवाहा ने चिट्ठी के जरिए बयान दर्ज कराया है। वहीं डॉ. एके श्रीवास्तव ने भी पुलिस से संपर्क कर बयान दर्ज करा दिया है। दोनों ही अफसरों से दस्तावेज मांगे गए हैं, जिसके मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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