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सीओ ने शुरू की मेडिकल कॉलेज प्रकरण की विवेचना

Sun, 27 Aug 2017 12:48 AM IST
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:48 AM IST
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सीओ ने शुरू की मेडिकल कॉलेज प्रकरण की विवेचना

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गोरखपुर।
बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों और लोगों की मौत की विवेचना पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) कैंट को दी गई है। इस मामले में पूर्व प्राचार्य डॉ, राजीव मिश्रा सहित नौ लोगों को नामजद किया गया है। लखनऊ के हजरतगंज में दर्ज केस को भी गोरखपुर ट्रांसफर कर दिया गया है। अब पूरा केस गुलरिया थाने में चलेगा। शनिवार को केस भी दर्ज हो गया। इसकी पुष्टि पुलिस के आला अफसरों ने की है।

ऑक्सीजन की कमी से मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत की मुख्य सचिव राजीव कुमार ने जांच की और रिपोर्ट आने के बाद महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण डॉ. केके गुप्ता ने 23 अगस्त को तहरीर देकर लखनऊ के हजरतगंज थाने में केस दर्ज कराया। मामले के सभी आरोपी गोरखपुर के थे, इसलिए केस और फाइल यहीं भेज दी गई। विवेचनाधिकारी का नाम भी तय हो गया। सूत्रों ने बताया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश शुरू हो गई है। मामले को लेकर सीओ कैंट ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज के वर्तमान प्रिंसिपल से मुलाकात भी की। सीओ कैंट ने निलंबित और पूर्व प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, डॉ. सतीश और डॉ. कफील खान की व्यक्तिगत पत्रावली तलब की है। इसी पत्रावली के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। चार्जशीट बनाकर कोर्ट में सौंपी जाएगी। इस मामले में चीफ फर्मासिस्ट गजानंद, संजय कुमार त्रिपाठी, सुधीर कुमार पांडेय और पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी के खिलाफ भी नामजद हैं। सूत्रों ने बताया कि आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है, लेकिन फिलहाल आरोपी फरार हैं।
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