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ऑनलाइन ट्रेडिंग और पैन की अनिवार्यता चिंता का सबब
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Feb 2016 12:52 AM IST
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ऑनलाइन ट्रेडिंग ने व्यवसायियों के समक्ष बड़ी परेशानियां पैदा कर दी हैं। दो लाख रुपये से ज्यादा कीमत के आभूषणों की खरीद पर पैन की अनिवार्यता से सराफा व्यवसायी भी परेशान हैं। इस बजट से व्यवसायियों को काफी अपेक्षाएं हैं कि सरकार उनकी परेशानियों को समझकर नीति में कुछ बदलाव करेगी।
दवाओं की ऑनलाइन ट्रेडिंग को न मिले बढ़ावा
दवा व्यवसायी के साथ हम एक आम आदमी भी हैं। काफी हद तक हमारी भी वही समस्याएं हैं जो आम आदमी झेल रहे हैं। एक ओर जहां महंगाई सबसे ज्वलंत मुद्दा है, वहीं इनकम टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी सबसे बड़ी जरूरत है। इंस्पेक्टर राज से मुक्ति, डीजल-पेट्रोल की कीमत में कमी करके सरकार राहत दे सकती है, लेकिन आज के समय में हर घर की सबसे बड़ी समस्या स्वास्थ्य और इसके इलाज में होने वाले खर्च को लेकर है। अधिकांश लोग लांग टर्म में चलने वाली दवाओं का सेवन करते हैं। इनकी कीमतें घटाई जानी चाहिए। दवा व्यवसायी के तौर पर हमारी इस बजट से अपेक्षा है कि दवाओं की ऑनलाइन ट्रेडिंग को बढ़ावा न दिया जाए।
- आलोक चौरसिया, दवा व्यवसायी
जल्द से जल्द जीएसटी लागू किया जाए
व्यापारियों के सामने सबसे बड़ी समस्या विभिन्न प्रकार के टैक्स की है। इसे लेकर कई अन्य तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इन वजहों से इंस्पेक्टरराज वाली परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जीएसटी (गुड्स) जल्द से जल्द लागू करके सरकार व्यापारियों की काफी परेशानी हल कर सकती है। अपेक्षा है कि जीएसटी को लेकर जल्द से जल्द सर्वमान्य रास्ता निकले ताकि व्यापारियों को राहत मिले। इसके साथ ही इनकम टैक्स की सीमा में बढ़ोतरी की जाए, क्योंकि आज के समय में इनकम टैक्स में छूट की न्यूनतम सीमा कम से कम पांच लाख हो तभी इसका फायदा आम लोगों को मिलेगा। इसके साथ ही इस बजट में प्राइवेट डॉक्टरों के मुफ्त चिकित्सीय कैंप का प्रावधान किया जाना चाहिए।
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- अमित जगनानी, गुड्स व्यवसायी
पैन की अनिवार्यता खत्म हो
भले ही सरकार की सोच सही हो, लेकिन व्यावहारिक रूप से दो लाख रुपये के आभूषणों की खरीद पर पैन की अनिवार्यता परेशानी पैदा करने वाली है। अगर सरकार सर्वे कराए तो पैन रखने वाले लोगों की संख्या अधिकतम 10 से 15 प्रतिशत ही हो सकती है, जबकि आज के समय में शादी वगैरह में दो-ढाई लाख रुपये के आभूषणों की खरीद आम हो गई है। ऐसे में पैन की अनिवार्यता को समाप्त करना चाहिए। इसके साथ ही सरकार को आधुनिक जरूरतों के अनुसार खर्च को देखते हुए इनकम टैक्स अदा करने की न्यूनतम सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाना चाहिए। बजट में अगर इन सब चीजों के लिए प्रावधान किया जाता है तो ही इसका लाभ सभी को होगा।
- पुष्पदंत जैन, सराफा व्यवसायी
एक्सपर्ट कमेंट
इनकम टैक्स में छूट की सीमा में बढ़ोतरी सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। सामान्य जनता को इनकम टैक्स में छूट से राहत दी जा सकती है। रही बात इस छूट से राजस्व में होने वाले नुकसान की तो हायर इनकम ग्रुप से इसकी भरपाई हो सकती है। इस दायरे में होने के बावजूद कई लोग छूटे हुए हैं। वर्तमान सरकार की ओर से कई योजनाएं शुरू की गई हैं। ये योजनाएं देश के विकास में काफी सहायक सिद्ध हो सकती हैं, लेकिन जब तक इन योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से नहीं होगा तब तक फायदा नहीं होगा। ऑनलाइन ट्रेड से बाजार की बेहतर संभावना को देखते हुए सरकार को इसे बढ़ावा देना चाहिए। यहां तक कि दवा व्यवसाय के लिए भी। जीएसटी को लागू करने की दिशा में कदम उठाया जाना चाहिए। दो लाख रुपये से ज्यादा कीमत के आभूषणों की खरीद पर पैन की अनिवार्यता दरअसल सरकार की सकारात्मक सोच है।
- प्रो. बीएल सर्राफ, पूर्व शिक्षक, (कॉमर्स) गोरखपुर विश्वविद्यालय
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दवाओं की ऑनलाइन ट्रेडिंग को न मिले बढ़ावा
दवा व्यवसायी के साथ हम एक आम आदमी भी हैं। काफी हद तक हमारी भी वही समस्याएं हैं जो आम आदमी झेल रहे हैं। एक ओर जहां महंगाई सबसे ज्वलंत मुद्दा है, वहीं इनकम टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी सबसे बड़ी जरूरत है। इंस्पेक्टर राज से मुक्ति, डीजल-पेट्रोल की कीमत में कमी करके सरकार राहत दे सकती है, लेकिन आज के समय में हर घर की सबसे बड़ी समस्या स्वास्थ्य और इसके इलाज में होने वाले खर्च को लेकर है। अधिकांश लोग लांग टर्म में चलने वाली दवाओं का सेवन करते हैं। इनकी कीमतें घटाई जानी चाहिए। दवा व्यवसायी के तौर पर हमारी इस बजट से अपेक्षा है कि दवाओं की ऑनलाइन ट्रेडिंग को बढ़ावा न दिया जाए।
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- आलोक चौरसिया, दवा व्यवसायी
जल्द से जल्द जीएसटी लागू किया जाए
व्यापारियों के सामने सबसे बड़ी समस्या विभिन्न प्रकार के टैक्स की है। इसे लेकर कई अन्य तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इन वजहों से इंस्पेक्टरराज वाली परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जीएसटी (गुड्स) जल्द से जल्द लागू करके सरकार व्यापारियों की काफी परेशानी हल कर सकती है। अपेक्षा है कि जीएसटी को लेकर जल्द से जल्द सर्वमान्य रास्ता निकले ताकि व्यापारियों को राहत मिले। इसके साथ ही इनकम टैक्स की सीमा में बढ़ोतरी की जाए, क्योंकि आज के समय में इनकम टैक्स में छूट की न्यूनतम सीमा कम से कम पांच लाख हो तभी इसका फायदा आम लोगों को मिलेगा। इसके साथ ही इस बजट में प्राइवेट डॉक्टरों के मुफ्त चिकित्सीय कैंप का प्रावधान किया जाना चाहिए।
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- अमित जगनानी, गुड्स व्यवसायी
पैन की अनिवार्यता खत्म हो
भले ही सरकार की सोच सही हो, लेकिन व्यावहारिक रूप से दो लाख रुपये के आभूषणों की खरीद पर पैन की अनिवार्यता परेशानी पैदा करने वाली है। अगर सरकार सर्वे कराए तो पैन रखने वाले लोगों की संख्या अधिकतम 10 से 15 प्रतिशत ही हो सकती है, जबकि आज के समय में शादी वगैरह में दो-ढाई लाख रुपये के आभूषणों की खरीद आम हो गई है। ऐसे में पैन की अनिवार्यता को समाप्त करना चाहिए। इसके साथ ही सरकार को आधुनिक जरूरतों के अनुसार खर्च को देखते हुए इनकम टैक्स अदा करने की न्यूनतम सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाना चाहिए। बजट में अगर इन सब चीजों के लिए प्रावधान किया जाता है तो ही इसका लाभ सभी को होगा।
- पुष्पदंत जैन, सराफा व्यवसायी
एक्सपर्ट कमेंट
इनकम टैक्स में छूट की सीमा में बढ़ोतरी सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। सामान्य जनता को इनकम टैक्स में छूट से राहत दी जा सकती है। रही बात इस छूट से राजस्व में होने वाले नुकसान की तो हायर इनकम ग्रुप से इसकी भरपाई हो सकती है। इस दायरे में होने के बावजूद कई लोग छूटे हुए हैं। वर्तमान सरकार की ओर से कई योजनाएं शुरू की गई हैं। ये योजनाएं देश के विकास में काफी सहायक सिद्ध हो सकती हैं, लेकिन जब तक इन योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से नहीं होगा तब तक फायदा नहीं होगा। ऑनलाइन ट्रेड से बाजार की बेहतर संभावना को देखते हुए सरकार को इसे बढ़ावा देना चाहिए। यहां तक कि दवा व्यवसाय के लिए भी। जीएसटी को लागू करने की दिशा में कदम उठाया जाना चाहिए। दो लाख रुपये से ज्यादा कीमत के आभूषणों की खरीद पर पैन की अनिवार्यता दरअसल सरकार की सकारात्मक सोच है।
- प्रो. बीएल सर्राफ, पूर्व शिक्षक, (कॉमर्स) गोरखपुर विश्वविद्यालय