गोरखपुर: सीएम योगी ने स्टील और पावर प्लांट का किया निरीक्षण, बोले- 510 करोड़ निवेश करेगा गैलेंट समूह
गैलेंट इस्पात लिमिटेड ने गोरखपुर, कर्नाटक, गुजरात में अगले चार साल में 2500 करोड़ रुपये निवेश बढ़ाने का फैसला किया है। पहला चरण गोरखपुर से शुरू होगा। शुक्रवार को इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। कंपनी के प्रबंध निदेशक चंद्र प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि गीडा में 510 करोड़ का नया निवेश किया जाएगा। इससे 600 से ज्यादा युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावना भी बढ़ेगी। कंपनी ने गीडा में 700 करोड़ रुपये का निवेश किया था। चार साल में यह निवेश बढ़कर 1210 करोड़ हो जाएगा। गीडा स्थित स्टील प्लांट में 1700 कर्मचारी काम करते हैं। नए लोगों की नियुक्ति के बाद यह संख्या 2300 हो जाएगी।
गैलेंट ने गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा), गांधीधाम गुजरात और कर्नाटक के वेल्लारी में उद्योग लगाया है। पहले 1500 करोड़ का निवेश हुआ था। इसे 2022 तक बढ़ाकर 4000 करोड़ किया जाना है। कर्नाटक और गुजरात में कंपनी 1990 करोड़ का निवेश करेगी। प्रबंध निदेशक ने बताया कि गोरखपुर, गुजरात, कर्नाटक के स्टील प्लांट में 3500 कर्मचारी काम करते हैं। 2022 तक कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 6000 हो जाएगी। 2022 तक कर्नाटक में लगा प्लांट चालू हो जाएगा। इसके बाद गैलेंट समूह की वार्षिक उत्पादन क्षमता 20 लाख टन हो जाएगी। अभी छह लाख टन स्टील उत्पादन होता है। कंपनी की इस योजना की मुख्यमंत्री ने भी तारीफ की।
उन्होंने कहा कि गैलेंट इस्पात ने गोरखपुर का मान, सम्मान बढ़ाया है। समारोह में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, अपर मुख्य सचिव पर्यटन अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव उद्योग आरके सिंह, गैलेंट इस्पात के संरक्षक संतोष कुमार अग्रवाल, निदेशक प्रेम प्रकाश अग्रवाल, नितिन महावीर कंडोई, मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशुतोष अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, मेयर सीताराम जायसवाल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी, सहजनवां के विधायक शीतल पांडेय आदि मौजूद थे।
उद्योगपति ने सुनाई सफलता की कहानी
समारोह में जाने से पहले मुख्यमंत्री ने स्टील प्लांट का निरीक्षण किया। साथ ही प्रबंध निदेशक चंद्र प्रकाश अग्रवाल से सरिया निर्माण की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने गैलेंट समूह का पॉवर प्लांट भी देखा। कंपनी करीब 86 मेगावाट बिजली बनाती है। इसका उपयोग कंपनी ही करती है। मुख्यमंत्री को बताया गया कि 2022 तक 161 मेगावाट बिजली बनाने का लक्ष्य है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक ने बताया कि उन्होंने 1984 में तेल मिल लगाई। इसके बाद बस्ती, महराजगंज और बिहार में तेल मिल खरीदी। 1994 में इस्पात उद्योग में कदम रखा और गोरखपुर में छोटी इकाई स्थापित की। 2005 में कारोबार और गुजरात के गांधीधाम में पहला बड़ा स्टील प्लांट स्थापित किया, फिर गोरखपुर में स्टील प्लांट लगाया। अब कर्नाटक के वेल्लारी में स्टील प्लांट की स्थापना की है। अब तक 1500 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जिसका दायरा अब बढ़ाया जा रहा है।
पांच करोड़ की लागत से खुलेगा अंतरराष्ट्रीय मानक का विद्यालय
गैलेंट इस्पात के प्रबंध निदेशक चंद्र प्रकाश अग्रवाल ने कंपनी के सामाजिक कामकाज का जिक्र किया और बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानक पूरा करने वाला एक विद्यालय बनाने का भी फैसला किया गया है। इस पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह स्कूल फायदे के लिए नहीं खोला जा रहा है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पढ़ाई नि:शुल्क होगी। इससे पहले कंपनी ने सरस्वती विद्या मंदिर हाईस्कूल सहजनवां को 30 लाख रुपये का सहयोग दिया था।
कर्मचारियों को मिला सम्मान
सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रबंध निदेशक ने गैलेंट इस्पात में 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया। महाप्रबंधक बृजमोहन जोशी, महाप्रबंधक नवनीत जिंदल, कार्यालय सहायक प्रमोद सिंह को प्रशस्ति पत्र दिया गया। कंपनी की तरफ से आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता की विजेता क्रिकेट टीम के कप्तान सतीश सिंह, वॉलीबाल टीम के कप्तान उमेश चौबे और बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेता अभिषेक त्रिपाठी को भी पुरस्कृत किया गया।