{"_id":"5d701f8b8ebc3e0130770e95","slug":"cisf-jawan-died-in-ongc-gorakhpur-city-news-gkp320310769","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओएनजीसी में लगी आग में झुलसकर झंगहा के सीआईएसएफ जवान की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओएनजीसी में लगी आग में झुलसकर झंगहा के सीआईएसएफ जवान की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओएनजीसी में लगी आग में झुलसकर झंगहा के सीआईएसएफ जवान की मौत
झंगहा। मुंबई ओएनजीसी में मंगलवार को लगी आग से लोगों को बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलसकर मूल रूप से झंगहा के रहने वाले सीआईएसएफ जवान महेंद्र पासवान उर्फ बबलू (35) की मौत हो गई। बुधवार को उनकी मौत की खबर गांव पहुंचते की कोहराम मच गया। लोगों की भीड़ जवान के घर पर जमा हो गई।
झंगहा थाना क्षेत्र के गहिरा रघुनाथपुर टोला निवासी महेंद्र सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) में 2015 में भर्ती हुए थे। इन दिनों उनकी तैनाती मुंबई स्थित आयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) में थी। फैक्ट्री में मंगलवार की सुबह भीषण आग लग गई। इस बीच लोगों को बचाने में उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना पर उनके भाई वीरेंद्र मुंबई पहुंच गए। महेंद्र की पहली पोस्टिंग छत्तीसगढ़ में हुई थी। वह चालक के पद पर रहे। तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े महेंद्र की शादी 2017 में चौरीचौरा के सतहवां निवासी चंद्रिका प्रसाद की बेटी संध्या से हुई थी। अभी उनके कोई बच्चे नहीं थे। देर शाम शव के गांव पहुंचने पर उनका दाह संस्कार किया गया। इस दौरान एनटीपीसी आंबेडकर नगर में तैनात सीआईएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट करमजीत सिंह के नेतृत्व में महेंद्र को गार्ड ऑफ आनर दिया गया। वहीं कमांडेंट ने जवान के पिता फिरंगी प्रसाद को तिरंगा भेंट किया। जवान के शव को तिरंगे में लिपटा देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। दाह संस्कार में सीओ चौरीचौरा सुमित शुक्ला और एसओ नवीन राय भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
झंगहा। मुंबई ओएनजीसी में मंगलवार को लगी आग से लोगों को बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलसकर मूल रूप से झंगहा के रहने वाले सीआईएसएफ जवान महेंद्र पासवान उर्फ बबलू (35) की मौत हो गई। बुधवार को उनकी मौत की खबर गांव पहुंचते की कोहराम मच गया। लोगों की भीड़ जवान के घर पर जमा हो गई।
झंगहा थाना क्षेत्र के गहिरा रघुनाथपुर टोला निवासी महेंद्र सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) में 2015 में भर्ती हुए थे। इन दिनों उनकी तैनाती मुंबई स्थित आयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) में थी। फैक्ट्री में मंगलवार की सुबह भीषण आग लग गई। इस बीच लोगों को बचाने में उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना पर उनके भाई वीरेंद्र मुंबई पहुंच गए। महेंद्र की पहली पोस्टिंग छत्तीसगढ़ में हुई थी। वह चालक के पद पर रहे। तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े महेंद्र की शादी 2017 में चौरीचौरा के सतहवां निवासी चंद्रिका प्रसाद की बेटी संध्या से हुई थी। अभी उनके कोई बच्चे नहीं थे। देर शाम शव के गांव पहुंचने पर उनका दाह संस्कार किया गया। इस दौरान एनटीपीसी आंबेडकर नगर में तैनात सीआईएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट करमजीत सिंह के नेतृत्व में महेंद्र को गार्ड ऑफ आनर दिया गया। वहीं कमांडेंट ने जवान के पिता फिरंगी प्रसाद को तिरंगा भेंट किया। जवान के शव को तिरंगे में लिपटा देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। दाह संस्कार में सीओ चौरीचौरा सुमित शुक्ला और एसओ नवीन राय भी मौजूद रहे।
विज्ञापन