फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   CBCS are not begins in this session in gorakhpur university

इस सत्र से नहीं शुरू होगी पसंद की पढ़ाई

Thu, 21 Apr 2016 12:29 AM IST
डॉ. राकेश राय, अमर उजाला, गोरखपुर।
डॉ. राकेश राय, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Thu, 21 Apr 2016 12:29 AM IST
विज्ञापन
च्वायस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) यानी पसंद की पढ़ाई को 2016-17 सत्र से लागू करने का गोरखपुर यूनिवर्सिटी का दावा फिलहाल फेल होता नजर आ रहा है। नए सत्र की तैयारी शुरू हो चुकी है लेकिन इसमें सीबीसीएस का स्थान नदारद है। इससे साफ है कि इस सत्र में इस प्रणाली का लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिलने वाला। इसकी वजह शिक्षकों की कमी बताई जा रही है।
विज्ञापन


सीबीसीएस को लागू करने के लिए जब पिछले साल मानव संसाधन विकास मंत्रालय व यूजीसी ने सख्ती दिखाई, तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बोर्ड ऑफ स्टडीज के कन्वेनर्स की बैठक बुलाकर इसे नए सत्र से लागू करने का निर्णय लिया। सभी विभागाध्यक्षों को इसके लिए पाठ्यक्रम तैयार करने को भी कहा गया। सिस्टम को लेकर यूनिवर्सिटी ने कार्यशाला भी आयोजित की, जिसमें एक्सपर्ट के तौर पर राजस्थान यूनिवर्सिटी के प्रो. अशोक कुमार नागावत ने इस सिस्टम को लागू करने का तरीके के साथ इसकी खूबियां भी बताईं। लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण सिस्टम को लागू करने की कवायद ठंडे बस्ते में चला गया।
विज्ञापन


सीबीसीएस को लागू करने के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की जरूरत है। चूंकि यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की कमी है, इसलिए इस सत्र में इसे लागू करना संभव नहीं। शिक्षकों की नियुक्ति होने के बाद ही सिस्टम को लागू करने पर विचार किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

- प्रो. अशोक कुमार, कुलपति, गोरखपुर यूनिवर्सिटी

सीबीसीएस से होगा ये फायदा 

इस सिस्टम से विद्यार्थी को अपने मूल विषय के अलावा रुचि के अन्य विषयों की भी पढ़ाई करने की आजादी होगी। इसके तहत छात्र को अपने कोर्स के विषय में तो निर्धारित क्रेडिट हासिल करना ही होगा, साथ ही वह अन्य विषयों में भी अपनी रूचि के अनुसार क्रेडिट हासिल कर सकता है। यही नहीं आर्ट्स के विद्यार्थी साइंस से और साइंस के विद्यार्थी आर्ट्स से भी क्रेडिट ले सकते हैं। इससे छात्रों को अपनी क्षमता का चौतरफा प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा। सिस्टम के तहत प्रत्येक कोर्स के क्रेडिट नंबर मिलेंगे। इसमें सेमिनार व प्रायोगिक कार्य के लिए अलग-अलग क्रेेडिट अंक निर्धारित हैं। सेमेस्टर के अंत में छात्र को ग्रेड कार्ड मिलेगा। साल के अंत में सीजीपीए (क्यूलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज) दिया जाएगा, जोकि कोर्स पूरा होने के बाद छात्र को मिलने वाले ग्रेड के आधार होगा। यूजीसी ने 10 अंकों वाले ग्रेडिंग सिस्टम की गाइड लाइन दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed