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मेडिकल कॉलेज में खुलेगा ‘कॉल सेंटर’
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 28 Mar 2016 01:19 AM IST
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में एक अप्रैल से कॉल सेंटर खोला जाएगा। इसके बाद बड़े हादसे में घायलों की सही जानकारी मिल सकेगी और साथ ही डॉक्टर और कर्मचारी भी समय से तैयार हो सकेंगे।
कॉल सेंटर में फोन उठाने और सूचना प्रसारित करने के लिए एक कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही इमरजेंसी मेडिकल आफिसर और फार्मासिस्ट भी नजर रखेंगे। पूरी व्यवस्था की मॉनीटरिंग एसआईसी खुद करेंगे।
जिम्मेदार अफसरों का कहना है कि अक्सर देखा गया है कि बड़े हादसे के बाद इमरजेंसी में डॉक्टर और कर्मचारी स्थिति से निपटने को तैयार नहीं रहते। कई बार हंगामे की भी सूचनाएं आती हैं, लेकिन कॉल सेंटर खुलने के बाद सभी को सही जानकारी मिल सकेगी।
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एसआईसी का कहना है कि आम आदमी को भी इस नंबर की जानकारी दी जाएगी ताकि वह घटना की सूचना दे सके। अब सेंटर में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी हर गतिविधि की जानकारी तत्काल आला अफसरों तक पहुंचाएगा।
कोट :
इमरजेंसी में एक वीआईपी फोन नंबर होगा। उस पर लोग हादसे की जानकारी दे सकते हैं ताकि घायलों के आने से पहले डॉक्टर और कर्मचारी पूरी तरह से तैयार रहें। इसके साथ ही इमरजेंसी में होने वाली घटनाओं की जानकारी भी हम लोगों तक पहुंच सकेगी। एक अप्रैल से यह व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।
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कॉल सेंटर में फोन उठाने और सूचना प्रसारित करने के लिए एक कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही इमरजेंसी मेडिकल आफिसर और फार्मासिस्ट भी नजर रखेंगे। पूरी व्यवस्था की मॉनीटरिंग एसआईसी खुद करेंगे।
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जिम्मेदार अफसरों का कहना है कि अक्सर देखा गया है कि बड़े हादसे के बाद इमरजेंसी में डॉक्टर और कर्मचारी स्थिति से निपटने को तैयार नहीं रहते। कई बार हंगामे की भी सूचनाएं आती हैं, लेकिन कॉल सेंटर खुलने के बाद सभी को सही जानकारी मिल सकेगी।
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एसआईसी का कहना है कि आम आदमी को भी इस नंबर की जानकारी दी जाएगी ताकि वह घटना की सूचना दे सके। अब सेंटर में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी हर गतिविधि की जानकारी तत्काल आला अफसरों तक पहुंचाएगा।
कोट :
इमरजेंसी में एक वीआईपी फोन नंबर होगा। उस पर लोग हादसे की जानकारी दे सकते हैं ताकि घायलों के आने से पहले डॉक्टर और कर्मचारी पूरी तरह से तैयार रहें। इसके साथ ही इमरजेंसी में होने वाली घटनाओं की जानकारी भी हम लोगों तक पहुंच सकेगी। एक अप्रैल से यह व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।