{"_id":"5d8bc7668ebc3e93d2290410","slug":"baba-raghav-das-medical-collage-gorakhpur-city-news-gkp3231155113","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज में नर्स, जूनियर डॉक्टरों ने मरीज और तीमारदारों को पीटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज में नर्स, जूनियर डॉक्टरों ने मरीज और तीमारदारों को पीटा
विज्ञापन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज वाली खबर में----------- स्टाफ नर्स और जूनियर डॉक्टरों की पिटाई की शिकायत करती पीड़ि
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेडिकल कॉलेज में नर्स, जूनियर डॉक्टरों ने मरीज और तीमारदारों को पीटा
मेडिकल कॉलेज। बीआरडी मेडिकल के मेडिसिन वार्ड में भर्ती युवती को नर्स ने जरा सी बात पर पीट दिया। आरोप है कि बीमार युवती के बचाव में मां और भाई आगे आए तो जूनियर डॉक्टरों ने उन्हें पीटा, फिर खींचते हुए मां-बेटे को कमरे में ले जाकर बंद कर दिया और वहां दोनों को बेरहमी से पीटा गया। पीड़िता ने मदद के लिए 100 नंबर पर फोन कर पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी दी तो उसका फोन भी छीन लिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस बंधक बनाए गए तीमारदारों को छुड़ा कर थाने ले गई। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक महाराजगंज के कोठीभार थाना क्षेत्र के मुजहना बुजुर्ग गांव निवासी चंद्रावती देवी की बीमार बेटी लक्ष्मी गुप्ता (21) को तेज बुखार के साथ झटके भी आ रहे थे। वह बेटी को लेकर बुधवार सुबह करीब साढे़े ग्यारह बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। उनके साथ दो बेटे राम प्रताप और बलराम भी साथ आए थे। ओपीडी नंबर चार में चिकित्सकों ने जांच के बाद लक्ष्मी को भर्ती कर लिया। उसे मेडिसिन इमरजेंसी वार्ड नंबर 14 में भर्ती करने के लिए भेजा गया। आरोप है कि वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स मरीज को भर्ती करते समय किसी बात पर उलझ गई। लक्ष्मी ने इसका विरोध किया तो नर्स उसे पीटने लगी। बीमार लक्ष्मी को पिटते देख दोनों भाई और मां आगे बढ़े तो जूनियर डॉक्टर और गार्ड्स भी स्टाफ नर्स के समर्थन में आ गए। सबने मिलकर मां बेटों की पिटाई शुरू कर दी। तीनों को पीटते हुए एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया और वहां जमकर पिटाई की गई। मां-भाईयों को पिटता देख लक्ष्मी ने 100 नंबर पर डायल कर सूचना दी। आरोप है कि मेडिकल स्टाफ ने उसका फोन भी छीन लिया। पुलिस ने घायल मां-बेटों को छुड़वाया। लक्ष्मी ने मेडिकल कॉलेज चौकी में तहरीर दी है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. गणेश कुमार घटना के बाद से अनुपलब्ध हैं, उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन पहुंच के बाहर बताया गया। संपर्क होने पर अमर उजाला उनका पक्ष भी प्रमुखता से छापेगा।
नहीं थम रहीं मरीज-तीमारदारों से अभद्रता की वारदात
जिले के प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री ने नसीहत दी थी की इलाज किसी भी पैथी में हो उससे पहले मरीज और उसके तीमारदारों के साथ सिंपैथी (सहानुभूति) से पेश आया जाए। लेकिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए मंत्री की नसीहत बेमानी है। मेडिकल कॉलेज में मरीज और उनके तीमारदारों से मारपीट व अभद्रता की घटनाएं थम नहीं रही हैं। बुधवार को लक्ष्मी और उसके परिजनों से मारपीट के पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं।
विज्ञापन
-25 जुलाई 2019- मेडिसिन वार्ड नंबर नौ में भर्ती रामदुलारे को जूनियर डॉक्टरों ने दौड़ा कर पीटा।
-12 मई 2019- मेडिसिन विभाग में इलाज के दौरान आनंद कुमार चौरसिया की मौत। परिजनों ने दोबारा जांच का अनुरोध किया तो जूनियर डाक्टरों ने पीटा।
-22 अप्रैल 2019- मेडिसिन वार्ड में इलाज के दौरान अंशू नाम के मरीज की मौत। परिजनों ने दोबारा जांच के लिए कहा तो जूनियर डॉक्टरों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
- 10 सितंबर 2018 सर्जरी वार्ड नंबर 4 में भर्ती आकांक्षा के पिता कोमल को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा।
-8 नवंबर 2016 ट्रामा सेंटर में भर्ती खुशबू के परिजनों को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज। बीआरडी मेडिकल के मेडिसिन वार्ड में भर्ती युवती को नर्स ने जरा सी बात पर पीट दिया। आरोप है कि बीमार युवती के बचाव में मां और भाई आगे आए तो जूनियर डॉक्टरों ने उन्हें पीटा, फिर खींचते हुए मां-बेटे को कमरे में ले जाकर बंद कर दिया और वहां दोनों को बेरहमी से पीटा गया। पीड़िता ने मदद के लिए 100 नंबर पर फोन कर पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी दी तो उसका फोन भी छीन लिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस बंधक बनाए गए तीमारदारों को छुड़ा कर थाने ले गई। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक महाराजगंज के कोठीभार थाना क्षेत्र के मुजहना बुजुर्ग गांव निवासी चंद्रावती देवी की बीमार बेटी लक्ष्मी गुप्ता (21) को तेज बुखार के साथ झटके भी आ रहे थे। वह बेटी को लेकर बुधवार सुबह करीब साढे़े ग्यारह बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। उनके साथ दो बेटे राम प्रताप और बलराम भी साथ आए थे। ओपीडी नंबर चार में चिकित्सकों ने जांच के बाद लक्ष्मी को भर्ती कर लिया। उसे मेडिसिन इमरजेंसी वार्ड नंबर 14 में भर्ती करने के लिए भेजा गया। आरोप है कि वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स मरीज को भर्ती करते समय किसी बात पर उलझ गई। लक्ष्मी ने इसका विरोध किया तो नर्स उसे पीटने लगी। बीमार लक्ष्मी को पिटते देख दोनों भाई और मां आगे बढ़े तो जूनियर डॉक्टर और गार्ड्स भी स्टाफ नर्स के समर्थन में आ गए। सबने मिलकर मां बेटों की पिटाई शुरू कर दी। तीनों को पीटते हुए एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया और वहां जमकर पिटाई की गई। मां-भाईयों को पिटता देख लक्ष्मी ने 100 नंबर पर डायल कर सूचना दी। आरोप है कि मेडिकल स्टाफ ने उसका फोन भी छीन लिया। पुलिस ने घायल मां-बेटों को छुड़वाया। लक्ष्मी ने मेडिकल कॉलेज चौकी में तहरीर दी है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. गणेश कुमार घटना के बाद से अनुपलब्ध हैं, उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन पहुंच के बाहर बताया गया। संपर्क होने पर अमर उजाला उनका पक्ष भी प्रमुखता से छापेगा।
विज्ञापन
नहीं थम रहीं मरीज-तीमारदारों से अभद्रता की वारदात
जिले के प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री ने नसीहत दी थी की इलाज किसी भी पैथी में हो उससे पहले मरीज और उसके तीमारदारों के साथ सिंपैथी (सहानुभूति) से पेश आया जाए। लेकिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए मंत्री की नसीहत बेमानी है। मेडिकल कॉलेज में मरीज और उनके तीमारदारों से मारपीट व अभद्रता की घटनाएं थम नहीं रही हैं। बुधवार को लक्ष्मी और उसके परिजनों से मारपीट के पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं।
विज्ञापन
-25 जुलाई 2019- मेडिसिन वार्ड नंबर नौ में भर्ती रामदुलारे को जूनियर डॉक्टरों ने दौड़ा कर पीटा।
-12 मई 2019- मेडिसिन विभाग में इलाज के दौरान आनंद कुमार चौरसिया की मौत। परिजनों ने दोबारा जांच का अनुरोध किया तो जूनियर डाक्टरों ने पीटा।
-22 अप्रैल 2019- मेडिसिन वार्ड में इलाज के दौरान अंशू नाम के मरीज की मौत। परिजनों ने दोबारा जांच के लिए कहा तो जूनियर डॉक्टरों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
- 10 सितंबर 2018 सर्जरी वार्ड नंबर 4 में भर्ती आकांक्षा के पिता कोमल को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा।
-8 नवंबर 2016 ट्रामा सेंटर में भर्ती खुशबू के परिजनों को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा।