{"_id":"5728f73c4f1c1b38615cce71","slug":"azam-khan-s-hard-statement-for-mahant-aaditynathaaditynath","type":"story","status":"publish","title_hn":"'महंत क्या जाने मोहब्बत, शादी कर मर्दानगी साबित करें'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'महंत क्या जाने मोहब्बत, शादी कर मर्दानगी साबित करें'
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 04 May 2016 12:38 AM IST
विज्ञापन
नगर विकास मंत्री आजम खां सर्किट हाउस में लोगों से ज्ञापन लेते।
- फोटो : rajesh kumar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कौमी सलामती कौंसिल की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आए नगर विकास मंत्री आजम खान ने एक बार फिर राज्यपाल राम नाईक और भाजपा सांसद महंत आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कई तीखी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि महंत भला मोहब्बत की बात क्या जाने। वे पहले शादी करें और मर्दानगी साबित करें। शादी कर नस्ल बढ़ाएंगे तो मोहब्बत खुद सीख जाएंगे। यही नहीं उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी शादी नहीं की है वे कुंठित हो जाते हैं। वहीं किताब के जरिए गोविंदा पर राज्यपाल की टिप्पणी के मसले पर उन्होंने कहा कि भाजपा से उनके करीबी रिश्ते हैं। आरएसएस का वे अभिन्न हिस्सा हैं। दो साल से केंद्र में भाजपा की सरकार है फिर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। इस मामले में राज्यपाल की चुप्पी केंद्र पर सवाल उठाती है। आजम मंगलवार की शाम सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि महामहिम से उनकी कोई नाराजगी नहीं है। वे बुजुर्ग है और उनका वे पूरा सम्मान करते हैं। कहा, थोड़े नाराज हैं मगर उन्हें मना लिया जाएगा। एक सवाल के जवाब में कहा कि महामहिम को उनके सेक्रेटरी को यह बताना चाहिए था कि विधानसभा में हर कोई सदस्य के हैसियत से हैं न कि मंत्री के। कोई भी सदस्य राजभवन से नहीं जनता से सीधे चुनकर विधानसभा पहुंचा है। अगर किसी प्रस्ताव पर राजभवन हस्ताक्षर नहीं करेगा तो इससे जनता का नुकसान होगा, इस बात को हम विधानसभा में नहीं कहेंगे तो कहा जाकर कहेंगे।
विज्ञापन
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मेयर से खर्च का हिसाब लेने के लिए की जा रही कवायद में राज्यपाल अड़ंगे डाल रहे, इसके पीछे उनकी मंशा बेईमान मेयरों को बचाना है। साक्षी महराज द्वारा तलाक प्रथा को लेकर की गई टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि वे बलात्कारी है और उन्होंने अपनी शिष्या के साथ बलात्कार किया, ऐसे व्यक्ति को मुसलमानों के मामले में टिप्पणी करने का कोई हक नहीं। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए कोई फंड वापस नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सपा ने कभी भी मुस्लिमों को चार फीसदी रिजर्वेशन की बात नहीं क ही।
केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में ही 40 फीसदी गाय काटी जाती थी। उन्हीं के समय 40 फीसदी गाय का मांस एक्सपोर्ट किया जाता था। उन्होंने कहा कि दो साल में अभी तक उनकी कोई भी योजना जमीन पर नहीं दिखाई पड़ी। बड़े-बड़े दावों के सिवा गंगा की सफाई के लिए दो रुपये तक का बजट नहीं पास हो सका।
आजम ने मेयर की भी खिंचाईं की पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्यपाल और महंत आदित्यनाथ की खिंचाई करने वाले नगर विकास मंत्री आजम खान ने मेयर की भी खिंचाई कर डाली। उन्होंने कहा कि मेयर कुछ मांगों के साथ उनके पास आई थीं। फंड की मांग कर रही थीं, मगर वह पहले यह बताएं कि खर्च का ब्यौरा देंगी की नहीं। अगर नहीं देंगी तो महामहिम उन्हें दोषी ठहराएंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि महंत भला मोहब्बत की बात क्या जाने। वे पहले शादी करें और मर्दानगी साबित करें। शादी कर नस्ल बढ़ाएंगे तो मोहब्बत खुद सीख जाएंगे। यही नहीं उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी शादी नहीं की है वे कुंठित हो जाते हैं। वहीं किताब के जरिए गोविंदा पर राज्यपाल की टिप्पणी के मसले पर उन्होंने कहा कि भाजपा से उनके करीबी रिश्ते हैं। आरएसएस का वे अभिन्न हिस्सा हैं। दो साल से केंद्र में भाजपा की सरकार है फिर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। इस मामले में राज्यपाल की चुप्पी केंद्र पर सवाल उठाती है। आजम मंगलवार की शाम सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि महामहिम से उनकी कोई नाराजगी नहीं है। वे बुजुर्ग है और उनका वे पूरा सम्मान करते हैं। कहा, थोड़े नाराज हैं मगर उन्हें मना लिया जाएगा। एक सवाल के जवाब में कहा कि महामहिम को उनके सेक्रेटरी को यह बताना चाहिए था कि विधानसभा में हर कोई सदस्य के हैसियत से हैं न कि मंत्री के। कोई भी सदस्य राजभवन से नहीं जनता से सीधे चुनकर विधानसभा पहुंचा है। अगर किसी प्रस्ताव पर राजभवन हस्ताक्षर नहीं करेगा तो इससे जनता का नुकसान होगा, इस बात को हम विधानसभा में नहीं कहेंगे तो कहा जाकर कहेंगे।
विज्ञापन
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मेयर से खर्च का हिसाब लेने के लिए की जा रही कवायद में राज्यपाल अड़ंगे डाल रहे, इसके पीछे उनकी मंशा बेईमान मेयरों को बचाना है। साक्षी महराज द्वारा तलाक प्रथा को लेकर की गई टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि वे बलात्कारी है और उन्होंने अपनी शिष्या के साथ बलात्कार किया, ऐसे व्यक्ति को मुसलमानों के मामले में टिप्पणी करने का कोई हक नहीं। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए कोई फंड वापस नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सपा ने कभी भी मुस्लिमों को चार फीसदी रिजर्वेशन की बात नहीं क ही।
केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में ही 40 फीसदी गाय काटी जाती थी। उन्हीं के समय 40 फीसदी गाय का मांस एक्सपोर्ट किया जाता था। उन्होंने कहा कि दो साल में अभी तक उनकी कोई भी योजना जमीन पर नहीं दिखाई पड़ी। बड़े-बड़े दावों के सिवा गंगा की सफाई के लिए दो रुपये तक का बजट नहीं पास हो सका।
2017 तक पैडल रिक्शा से मुक्त होगा प्रदेश
नगर विकास मंत्री आजम खान ने कहा कि सपा ने जो भी वादे किए थे, उन सभी को पूरा किया। कहा कि सरकार गरीबों की सच्ची हितैषी है। केंद्र ने जहां लोन पर ई-रिक्शा बांटा वहीं प्रदेश सरकार ने अब तक जितने भी रिक्शे बांटे, वे सभी नि:शुल्क थे। उन्होंने कहा कि 2017 तक उत्तर प्रदेश पूरी तरह से पैडल रिक्शे से मुक्त होगा। सभी रिक्शा चालकों को सरकार नि:शुल्क ई-रिक्शा मुहैया कराएगी।क्यों योगी ने नहीं रोका सांड़ों को
प्रदेश और केंद्र सरकार को लेकर जब चर्चा खिंचने लगी तो उसे बीच में विराम देते हुए नगर विकास मंत्री ने कहा कि कुछ सवाल मेरे महकमे और मुझसे जुड़े हों, तो बेहतर रहता। इस पर जब उनसे शहर में साड़ों से लोगों की जान जाने के मामले पर सवाल हुए तो उन्होंने मुस्कराकर पूछा कि ‘क्यों योगी ने साड़ों को नहीं रोका?’ यह काम योगी का नहीं, नगर निगम का है, यह कहने पर वह गंभीर हुए और बोले कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। वह अफसरों से पूछेंगे और साड़ों के हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाएंगे।आजम ने मेयर की भी खिंचाईं की पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्यपाल और महंत आदित्यनाथ की खिंचाई करने वाले नगर विकास मंत्री आजम खान ने मेयर की भी खिंचाई कर डाली। उन्होंने कहा कि मेयर कुछ मांगों के साथ उनके पास आई थीं। फंड की मांग कर रही थीं, मगर वह पहले यह बताएं कि खर्च का ब्यौरा देंगी की नहीं। अगर नहीं देंगी तो महामहिम उन्हें दोषी ठहराएंगे।