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हिस्ट्रीशीटरों ने पुलिस पर पहले भी किया है हमला
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हिस्ट्रीशीटरों ने पुलिस पर पहले भी किया है हमला
गोरखपुर। चौकी में घुसकर दरोगा की पिटाई जिले में पहली बार नहीं है। इससे पहले भी कई मौकोें पर पुलिस की पिटाई हो चुकी है।
जिले में पुलिस पर हमले का सबसे चर्चित मामला खोराबार का है। जहां वर्ष 2005 में हिस्ट्रीशीटर नंगा निषाद के यहां दबिश देने गए तत्कालीन थानेदार और उनके हमराहियों को नंगा और उसके बेटे दयाशंकर ने जमकर पीटा था। पिटाई से घायल तत्कालीन थानेदार कोमा में चले गए थे। छह माह बाद वह अस्पताल से बाहर आए। वहीं चौरीचौरा के रौतेनिया में भी शातिर बदमाश मिथुन पासवान के घर दबिश देने गई पुलिस पर अक्तूबर 2019 को हमला हुआ था। जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे। एक पुलिसकर्मी वंशनारायण गौड़ को गोली भी लगी थी। अभी दो दिन पूर्व भी मिथुन और उसके घरवालों ने दबिश के दौरान पुलिस से हाथापाई की थी। जुलाई 2019 को पशु तस्करों ने चिलुआताल पुलिस के एक दरोगा और सिपाहियों पर हमला कर दिया था। जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। मार्च 2019 को पीपीगंज के फुलवरिया गांव में दहेज हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए गए थानेदार बीबी राजभर उनके हमराहियों की हत्यारोपी मान सिंह और उनके परिवार के लोगों ने पिटाई की थी।
झंगहा के बौठा में एक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला हुआ था। वहीं एक माह पहले कैंपियरगंज के एक गांव में भी एक हिस्ट्रीशीटर ने पुलिस टीम की पिटाई कर दी थी। इसके अलावा जिले में कई और मामले हैं जहां पुलिस पर हमले हो चुके हैं।
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गोरखपुर। चौकी में घुसकर दरोगा की पिटाई जिले में पहली बार नहीं है। इससे पहले भी कई मौकोें पर पुलिस की पिटाई हो चुकी है।
जिले में पुलिस पर हमले का सबसे चर्चित मामला खोराबार का है। जहां वर्ष 2005 में हिस्ट्रीशीटर नंगा निषाद के यहां दबिश देने गए तत्कालीन थानेदार और उनके हमराहियों को नंगा और उसके बेटे दयाशंकर ने जमकर पीटा था। पिटाई से घायल तत्कालीन थानेदार कोमा में चले गए थे। छह माह बाद वह अस्पताल से बाहर आए। वहीं चौरीचौरा के रौतेनिया में भी शातिर बदमाश मिथुन पासवान के घर दबिश देने गई पुलिस पर अक्तूबर 2019 को हमला हुआ था। जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे। एक पुलिसकर्मी वंशनारायण गौड़ को गोली भी लगी थी। अभी दो दिन पूर्व भी मिथुन और उसके घरवालों ने दबिश के दौरान पुलिस से हाथापाई की थी। जुलाई 2019 को पशु तस्करों ने चिलुआताल पुलिस के एक दरोगा और सिपाहियों पर हमला कर दिया था। जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। मार्च 2019 को पीपीगंज के फुलवरिया गांव में दहेज हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए गए थानेदार बीबी राजभर उनके हमराहियों की हत्यारोपी मान सिंह और उनके परिवार के लोगों ने पिटाई की थी।
झंगहा के बौठा में एक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला हुआ था। वहीं एक माह पहले कैंपियरगंज के एक गांव में भी एक हिस्ट्रीशीटर ने पुलिस टीम की पिटाई कर दी थी। इसके अलावा जिले में कई और मामले हैं जहां पुलिस पर हमले हो चुके हैं।
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