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आशा कार्यकर्ताओं ने सीएमओ का घेराव किया
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Wed, 10 Aug 2016 07:27 PM IST
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सीएमओ दफ्तर पर धरना देतीं आल इंडिया आशा बहू कार्यकत्री कल्याण संघ की महिलाएं।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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जिले में आशा कार्यकर्ताओं के चयन में बड़ी धांधली सामने आई है। 128 पद पर 200 से ज्यादा आशाओं की नियुक्ति कर ली गई है। मामला उजागर होने पर सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश देते हुए अतिरिक्त भर्ती हुईं आशा कार्यकर्ताओं को बाहर करने का आदेश दे दिया। इसी से नाराज आशा महिला कार्यकर्ताओं ने ऑल इंडिया आशा कल्याण कार्यकर्ता संघ के बैनर तले सीएमओ दफ्तर पहुंच गईं। अध्यक्ष चंदा यादव की अगुवाई में पहुंची आशाओं ने सीएमओ का घेराव किया और धरने पर बैठ गईं। सीएमओ ने उन्हें भविष्य में समायोजित करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना खत्म हो सका।
बता दें कि बीते साल आशा संगिनी का पद सृजित किया गया था, जिसके लिए बेहतर काम करने वाली आशाओं का ही चयन किया गया था। चयन के बाद खाली हुए पदों पर आशा महिला कार्यकर्ताओं की भर्ती की गई थी। इसी भर्ती में कई ब्लॉकों में खेल हुआ और पद से ज्यादा आशाओं का चयन कर लिया गया। भुगतान के लिए बने सॉफ्टवेयर में जब फीडिंग शुरू हुई तो पूरा खेल सामने आ गया।
शासन के आदेश पर सीएमओ ने जांच का आदेश देते हुए नियुक्ति को फिलहाल रद्द करने का आदेश दे दिया। इसी के विरोध में आशा कार्यकर्ता एकजुट होकर सीएमओ दफ्तर पहुंच गईं। सीएमओ के घेराव की खबर पाते ही महिला थानेदार भी फोर्स के साथ पहुंच गई। धरने पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं को सीएमओ ने समझाया और भविष्य में नियुक्ति होने पर ऐसी आशाओं को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया।
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पद से ज्यादा आशा कार्यकर्ताओं का चयन हुआ था। इसकी जांच कराई जा रही है, उसके बाद ही संख्या साफ हो सकेगी। पद से अधिक आशा कार्यकर्ताओं के रहने पर उनके काम का भुगतान नहीं हो पाएगा।
- डॉ. रवींद्र कुमार, सीएमओ
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बता दें कि बीते साल आशा संगिनी का पद सृजित किया गया था, जिसके लिए बेहतर काम करने वाली आशाओं का ही चयन किया गया था। चयन के बाद खाली हुए पदों पर आशा महिला कार्यकर्ताओं की भर्ती की गई थी। इसी भर्ती में कई ब्लॉकों में खेल हुआ और पद से ज्यादा आशाओं का चयन कर लिया गया। भुगतान के लिए बने सॉफ्टवेयर में जब फीडिंग शुरू हुई तो पूरा खेल सामने आ गया।
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शासन के आदेश पर सीएमओ ने जांच का आदेश देते हुए नियुक्ति को फिलहाल रद्द करने का आदेश दे दिया। इसी के विरोध में आशा कार्यकर्ता एकजुट होकर सीएमओ दफ्तर पहुंच गईं। सीएमओ के घेराव की खबर पाते ही महिला थानेदार भी फोर्स के साथ पहुंच गई। धरने पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं को सीएमओ ने समझाया और भविष्य में नियुक्ति होने पर ऐसी आशाओं को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया।
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पद से ज्यादा आशा कार्यकर्ताओं का चयन हुआ था। इसकी जांच कराई जा रही है, उसके बाद ही संख्या साफ हो सकेगी। पद से अधिक आशा कार्यकर्ताओं के रहने पर उनके काम का भुगतान नहीं हो पाएगा।
- डॉ. रवींद्र कुमार, सीएमओ