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फर्जी शस्त्र लाइसेंस में दो की जमानत खारिज
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फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में दो की जमानत अर्जी खारिज
गोरखपुर। शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में अपर सत्र न्यायाधीश कुमार प्रशांत ने गोरखनाथ थाना क्षेत्र के तेलियाकुंवा लच्छीपुर शास्त्रीनगर निवासी रवि प्रकाश पांडेय और राजघाट क्षेत्र के खोखर टोला रहमत नगर निवासी शमशाद आलम की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मुकदमे की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अर्जी खारिज की। आरोपी रवि प्रकाश टाउनहाल स्थित रवि गन हाउस का मालिक है।
कोर्ट में जमानत अर्जी का विरोध करते हुए डीजीसी यशपाल सिंह का कहना था कि डीएम के आदेश पर 14 अगस्त 2019 से पटल सहायकों को मुकदमा दर्ज कराने के लिए नामित किया गया। वादी की तहरीर के मुताबिक कुछ लोग कार्यालय में आकर नवीन शस्त्र लाइसेंस जारी करने के लिए कहे तो उन्हें बताया गया कि विगत वर्षों में केवल वरासत और अपराध पीड़ित के अलावा किसी का नया लाइसेंस जारी नहीं हो रहा है।
इस पर उन लोगों ने तीन लाइसेंस जारी होने की जानकारी देते हुए उसकी फोटोकॉपी भी दिखाई। पता चला कि वे लाइसेंस डीएम की ओर से जारी नहीं किए गए हैं, बल्कि वे फर्जी और कूटरचित थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की तो दोनों आरोपियों के नाम सामने आए। अभियुक्त रवि प्रकाश की रवि गन हाउस के नाम से टाउनहाल में दुकान है। आरोप है कि वह लिपिकों से मिलकर फर्जी लाइसेंस बनवाता था। आरोपी शमशाद का भी लाइसेंस वहीं से बना था।
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गोरखपुर। शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में अपर सत्र न्यायाधीश कुमार प्रशांत ने गोरखनाथ थाना क्षेत्र के तेलियाकुंवा लच्छीपुर शास्त्रीनगर निवासी रवि प्रकाश पांडेय और राजघाट क्षेत्र के खोखर टोला रहमत नगर निवासी शमशाद आलम की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मुकदमे की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अर्जी खारिज की। आरोपी रवि प्रकाश टाउनहाल स्थित रवि गन हाउस का मालिक है।
कोर्ट में जमानत अर्जी का विरोध करते हुए डीजीसी यशपाल सिंह का कहना था कि डीएम के आदेश पर 14 अगस्त 2019 से पटल सहायकों को मुकदमा दर्ज कराने के लिए नामित किया गया। वादी की तहरीर के मुताबिक कुछ लोग कार्यालय में आकर नवीन शस्त्र लाइसेंस जारी करने के लिए कहे तो उन्हें बताया गया कि विगत वर्षों में केवल वरासत और अपराध पीड़ित के अलावा किसी का नया लाइसेंस जारी नहीं हो रहा है।
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इस पर उन लोगों ने तीन लाइसेंस जारी होने की जानकारी देते हुए उसकी फोटोकॉपी भी दिखाई। पता चला कि वे लाइसेंस डीएम की ओर से जारी नहीं किए गए हैं, बल्कि वे फर्जी और कूटरचित थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की तो दोनों आरोपियों के नाम सामने आए। अभियुक्त रवि प्रकाश की रवि गन हाउस के नाम से टाउनहाल में दुकान है। आरोप है कि वह लिपिकों से मिलकर फर्जी लाइसेंस बनवाता था। आरोपी शमशाद का भी लाइसेंस वहीं से बना था।
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