फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   arms license , system will be more effective

शस्त्र लाइसेंस के सिस्टम को फुलप्रूफ बनाएगा प्रशासन

Tue, 10 Sep 2019 01:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 10 Sep 2019 01:03 AM IST
विज्ञापन
arms license , system will be more  effective
शस्त्र लाइसेंस के सिस्टम को फुलप्रूफ बनाएगा प्रशासन
विज्ञापन

गोरखपुर। फर्जी शस्त्र लाइसेंस के सनसनीखेज मामले को जिला प्रशासन ने सबक के तौर पर लिया है। यही वजह है कि अब शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी हर व्यवस्था को प्रशासन फुलप्रूफ बनाने में जुटा है। मजिस्ट्रेटी जांच में दोषियों को चिह्नित करने के साथ ही हर छोटी बड़ी खामियों को भी चिह्नित किया गया है। जांच पूरी हो चुकी है और अब कमेटी फाइनल रिपोर्ट तैयार में जुटी है। कमेटी का नेतृत्व कर रहे एडीएम (सिटी) राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि अभी दो से तीन दिन और लग सकते हैं। अंतरिम जांच रिपोर्ट पहले ही डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता को सौंपी जा चुकी है, जिसके आधार पर पूर्व व वर्तमान असलहा बाबू अशोक गुप्ता, राम सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर अजय गिरी और रवि गन हाउस के मालिक का बेटा रवि पांडेय को जेल भेजने के साथ ही उनपर रासुका लगाने की तैयारी है। जांच की फाइनल रिपोर्ट बनते ही सभी पर रासुका की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
जांच के दौरान चार और गन हाउस की संलिप्तता के साथ ही 2001, 03, 2009 और 2010 के पूर्व असलहा बाबू की भी भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जबकि एक पूर्व असलहा बाबू विजय श्रीवास्तव ने खुद ही शस्त्र विभाग की फाइलों में हेरफेर कर फर्जी लाइसेंस बना लिया था। पुलिस उसकी तलाश में है। इसके अलावा जांच में लाइसेंस बनाने से लेकर नवीनीकरण और गन हाउस से आने वाले रिकार्ड की नियमित जांच, उन्हें फाइलों में दर्ज करने आदि की पूरी प्रक्रिया में जो-जो खामियां मिली हैं, रिपोर्ट में सभी का जिक्र किया जा रहा है। इसे लेकर प्रशासन अब फुल प्रूफ प्लान तैयार करेगा। इसकी नियमित मानीटरिंग भी होगी। रिपोर्ट डीएम को मिलने के बाद शस्त्र कार्यालय खोल दिया जाएगा। साथ ही राम सिंह की जगह दूसरे शस्त्र लिपिक की तैनाती भी कर दी जाएगी।
विज्ञापन

नोटिस भेजकर मांगे जाएंगे साक्ष्य
जांच में करीब दो हजार ऐसे लाइसेंस पाए गए हैं जिनका मिलान शस्त्र अनुभाग की फाइलों से पूरी तरह नहीं हो पा रही है। ऐसे सभी लाइसेंसधारियों को नोटिस भेजकर उन्हें लाइसेंस दिखाने साथ ही जरूरी साक्ष्य भी देने को कहा जाएगा। जो प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। चार गन हाउस को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा जा रहा है। करीब 1500 लोगों ने लाइसेंस बनने के वर्षों बाद भी लाइसेंस नहीं लिया, नोटिस देकर उनके लाइसेंस भी निरस्त किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed