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बालिका टूटे तार की चपेट में आई, मौत
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रात में टूटा तार, सुबह चपेट में आने से बालिका की मौत
सूचना देने के बाद भी न लाइन काटी गई, न ही जोड़ा गया तार
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर कारखाना (देवरिया)। सड़क पर गिरे तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से 10 साल की बालिका की मौत हो गई। आश्चर्य तो यह है कि एलटी तार रात से ही सड़क पर गिरा था, मगर लोगों के सूचना देने के बाद भी बिजली नहीं काटी गई।
गोविंदपुर निवासी रामविलास यादव की पुत्री अंशिका (10) कोटवां मोड़ स्थित स्कूल में कक्षा-4 की छात्रा थी। सोमवार की सुबह वह चाकलेट खरीदने बाजार जा रही थी। घर से कुछ दूरी पर ही एलटी तार गिरा था। अनजाने में अंशिका का पैर तार पर पड़ गया। करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गई। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने आपूर्ति बंद कराके उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, मगर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही मां ऊषा देवी, बहन अमिता, तनु और छोटा भाई शिवम रो-रोकर बेहाल हो गए। विद्यालय के प्रबंधक राघवेंद्र यादव, प्रधान पति कलीमुल्लाह आदि ने घर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों के मुताबिक रविवार की रात में तार टूटने की सूचना बिजली निगम के जिम्मेदारों को दी गई थी, बावजूद इसके न तो तार जोड़ा गया और ही आपूर्ति बंद की गई। उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस बाबत जेई वीरेंद्र कुमार का कहना है कि तार टूटकर गिरने की जानकारी उन्हें नहीं मिली थी, वरना समय रहते इसे ठीक करा दिया गया होता।
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सूचना देने के बाद भी न लाइन काटी गई, न ही जोड़ा गया तार
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर कारखाना (देवरिया)। सड़क पर गिरे तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से 10 साल की बालिका की मौत हो गई। आश्चर्य तो यह है कि एलटी तार रात से ही सड़क पर गिरा था, मगर लोगों के सूचना देने के बाद भी बिजली नहीं काटी गई।
गोविंदपुर निवासी रामविलास यादव की पुत्री अंशिका (10) कोटवां मोड़ स्थित स्कूल में कक्षा-4 की छात्रा थी। सोमवार की सुबह वह चाकलेट खरीदने बाजार जा रही थी। घर से कुछ दूरी पर ही एलटी तार गिरा था। अनजाने में अंशिका का पैर तार पर पड़ गया। करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गई। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने आपूर्ति बंद कराके उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, मगर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही मां ऊषा देवी, बहन अमिता, तनु और छोटा भाई शिवम रो-रोकर बेहाल हो गए। विद्यालय के प्रबंधक राघवेंद्र यादव, प्रधान पति कलीमुल्लाह आदि ने घर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों के मुताबिक रविवार की रात में तार टूटने की सूचना बिजली निगम के जिम्मेदारों को दी गई थी, बावजूद इसके न तो तार जोड़ा गया और ही आपूर्ति बंद की गई। उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस बाबत जेई वीरेंद्र कुमार का कहना है कि तार टूटकर गिरने की जानकारी उन्हें नहीं मिली थी, वरना समय रहते इसे ठीक करा दिया गया होता।
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