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शहर के विकास की चर्चा में आए सिर्फ 18 पार्षद
Gorakhpur
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। नगर निगम, सीआईडीसी (कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट काउंसिल) के साथ मिलकर शहर के विकास का प्रारूप तैयार किया है। इस पर चर्चा के लिए आयोजित कार्यक्रम में 80 पार्षद में से मात्र 16 पार्षद ही शामिल हुए। हालांकि इस दौरान पार्षदों ने सीआईडीसी द्वारा तैयार किए गए प्लान और लागू करने पर शंका जताई।
सीआईडीसी (कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट काउंसिल) ने शहर के विकास के लिए 6500 करोड़ का प्लान तैयार किया है। रविवार को इस पर चर्चा के लिए नगर निगम के पार्षदों को आमंत्रित किया गया था। मात्र 16 पार्षद ही इसमें शामिल हुए। इस मौके पर झरना टोला के पार्षद रमेश प्रताप गुप्ता ने शंका जताते हुए कहा कि कहीं सीआईडीसी भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने वाली कंपनी के जैसा काम नहीं कर दे। अभी कुछ साल पहले एक कंपनी ने शहर को कूड़ा मुक्त करने का भरोसा दिया था, लेकिन वह नगर निगम का लाखों रुपये लेकर भाग गई। पांच साल बाद भी शहर में हर जगह कूड़ा नजर आता है। इस पर सीआईडीसी के निदेशक पीके मिश्र ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सीआईडीसी ने ‘सिटी डेवलपमेंट प्लान-2014’ के तहत शहर के विकास का प्रारूप तैयार किया गया है। इसका क्रियान्वयन नगर निगम कराएगा। वहीं योजना आयोग की अनुसांगिक इकाई के रूप में सीआईडीसी सलाह देने के अलावा बजट आवंटित कराने में सहायक की भूमिका अदा करेगा। पार्षद हाजी शकील अंसारी ने प्लान तैयार करने में शहर के सामाजिक, भौगोलिक और पर्यावरणीय कारकों को शामिल करने की मांग की। रमेश गुप्ता ने कूड़ा प्रबंधन, पेयजल के अलावा पार्षदों को दी जाने वाली सुविधाओं की समीक्षा की आवश्यकता जताई। गोष्ठी में सीआईडीसी के महानिदेशक डॉ. पीआर स्वरूप के अलावा उपसभापति मनु जायसवाल, राजेश जायसवाल, संजीव सिंह समेत अन्य मौजूद थे।
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सीआईडीसी (कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट काउंसिल) ने शहर के विकास के लिए 6500 करोड़ का प्लान तैयार किया है। रविवार को इस पर चर्चा के लिए नगर निगम के पार्षदों को आमंत्रित किया गया था। मात्र 16 पार्षद ही इसमें शामिल हुए। इस मौके पर झरना टोला के पार्षद रमेश प्रताप गुप्ता ने शंका जताते हुए कहा कि कहीं सीआईडीसी भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने वाली कंपनी के जैसा काम नहीं कर दे। अभी कुछ साल पहले एक कंपनी ने शहर को कूड़ा मुक्त करने का भरोसा दिया था, लेकिन वह नगर निगम का लाखों रुपये लेकर भाग गई। पांच साल बाद भी शहर में हर जगह कूड़ा नजर आता है। इस पर सीआईडीसी के निदेशक पीके मिश्र ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सीआईडीसी ने ‘सिटी डेवलपमेंट प्लान-2014’ के तहत शहर के विकास का प्रारूप तैयार किया गया है। इसका क्रियान्वयन नगर निगम कराएगा। वहीं योजना आयोग की अनुसांगिक इकाई के रूप में सीआईडीसी सलाह देने के अलावा बजट आवंटित कराने में सहायक की भूमिका अदा करेगा। पार्षद हाजी शकील अंसारी ने प्लान तैयार करने में शहर के सामाजिक, भौगोलिक और पर्यावरणीय कारकों को शामिल करने की मांग की। रमेश गुप्ता ने कूड़ा प्रबंधन, पेयजल के अलावा पार्षदों को दी जाने वाली सुविधाओं की समीक्षा की आवश्यकता जताई। गोष्ठी में सीआईडीसी के महानिदेशक डॉ. पीआर स्वरूप के अलावा उपसभापति मनु जायसवाल, राजेश जायसवाल, संजीव सिंह समेत अन्य मौजूद थे।
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