फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   एसटीएफ के टारगेट पर थे इंजीनियर

एसटीएफ के टारगेट पर थे इंजीनियर

Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
Gorakhpur
Gorakhpur Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
गोरखपुर। एटीएम चोरों को पकड़ने का जिम्मा जब एसटीएफ को मिला तो पहली पूछताछ में ही सर्विस इंजीनियर उसके टारगेट पर आ गए। पुलिस पासवर्ड जानने वाले 10 लोगों को संदिग्ध मानकर चल रही थी तो एसटीएफ के टारगेट पर कुल 13 लोग थे। इसमें आउट सोर्सिंग के जरिए एटीएम में पर्ची लगाने वाले एक दूसरी कंपनी के भी तीन कर्मचारी थे। सबसे पुराने सर्विस इंजीनियर बृजेश से पहली पूछताछ के बाद ही एसटीएफ ने उसे टारगेट पर ले लिया और बाद में वही पूरी वारदात का सूत्रधार निकला। बृजेश ने पकड़े गए विनय और अनुज को ट्रेनिंग देकर उन्हीं से एटीएम में चोरी कराई थी।
विज्ञापन

प्रशांत टावर में एसबीआई के एटीएम से 45 लाख रुपये चोरी की जांच में पुलिस के साथ साथ एसटीएफ को भी लगाया गया था। एसटीएफ ने छह बैंक कर्मचारियों, चार सर्विस इंजीनियर और एटीएम में पर्ची लगाने वाले तीन आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों को टारगेट पर लिया। पहली पूछताछ में ही सर्विस इंजीनियरों की भूमिका संदिग्ध मिल गई। एसटीएफ ने बैंक कर्मी और पर्ची लगाने वालों को किनारे कर सबसे पुराने सर्विस इंजीनियर बृजेश चौधरी से पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस लगातार बैंक कर्मियों पर दबाव बनाए हुए थी। एसटीएफ सभी इंजीनियर पर नजर रखने के साथ साथ उनके घर-परिवार और रहन-सहन पर भी नजर रख रही थी। एसटीएफ ने बृजेश को टारगेट पर लेकर लगातार कई बार पूछताछ शुरू की तो वह अपनी ही बताई बातों में उलझने लगा। उसने ही एक ही सवाल का कई बार अलग अलग जवाब दिये, जिससे शक गहराता गया। एसटीएफ ने इसके बाद उससे कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी। घटना का खुलासा करने से करीब छह दिन पहले ही एसटीएफ ने बृजेश को उठा लिया तो पूछताछ में उसने सारी वारदात का खुलासा कर दिया।
विज्ञापन

बृजेश ने बताया कि वह खुद एटीएम के अंदर नहीं गया था। डायबोल्ट के पूर्व इंजीनियर और उसके दोस्त राहुल के साथ मिलकर बृजेश ने विनय और अनुज को मशीन की पूरी जानकारी दी। दोनों को बताया गया कि किस तरह से एटीएम का कैश बाक्स रीसेट कोड के जरिए खोला जा सकता है। एटीएम में चोरी करने के बाद पूरी रकम राहुल और सत्यम के पास थी। पुलिस ने सत्यम को हिरासत में लेकर रुपया बरामद कर लिया। बताया गया कि बाकी रुपये राहुल के पास है, जिसकी तलाश में दबिश चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed