{"_id":"596915db4f1c1bac238b45e2","slug":"91500059099-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ से निपटने के लिए सरकार तैयार: मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ से निपटने के लिए सरकार तैयार: मंत्री
Updated Sat, 15 Jul 2017 12:34 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने दावा किया कि बाढ़ से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। खास कर पूर्वांचल में बाढ़ की तबाही को रोकने के लिए सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट कर रखा है। प्रदेश में 45 बाढ़ नियंत्रण कक्ष और राजधानी में एक केंद्रीय बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना कर ली गई है। प्रतिदिन दिन दो बजे बाढ़ बुलेटिन जारी की जाएगी।
शुक्रवार को धनेवा स्थित पीडब्लूडी डांक बंगले में पत्रकार वार्ता सिंचाई मंत्री ने कहा कि पूर्वांचल में बाढ़ की तबाही रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश जारी किया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष व केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में जिम्मेदार अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। बाढ़ बुलेटिन में प्रदेश की सभी प्रमुख नदियों गंगा, गंडक, घाघरा व राप्ती आदि के जलस्तर से लोगों को अवगत कराया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग के लिए ग्रेड ए के अफसरों को लगाया गया है। बाढ़ बचाव कार्य में अंतर्राज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की समस्या के समाधान के लिए प्रमुख सचिव स्तर के अफसरों को नामित किया गया है। ये अफसर हर स्तर की समस्या का समाधान कर बाढ़ सुरक्षा सुनिश्चित कराएंगे।
सिंचाई मंत्री ने कहा कि सभी जिलों में बाढ़ राहत सामग्री, बाढ़ पीड़ितों के लिए पेयजल व बेहतर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है। पशुओं के लिए भूसा व चारा की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिले में नाव व स्टीमर आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित करा ली गई है। जिले में 36 नाव व चार स्टीमर लगाए गए हैं। महाव नाले की तबाही को रोकने के लिए जिलाधिकारी व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कडे़ निर्देश भी जारी किए गए हैं। उन्होंने बाढ़ से होने वाली जन-धन की हानि रोकने में जनसहयोग की भी जरूरत बताई। इस दौरान बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री स्वाती सिंह ने भी जिले में बाढ़ सुरक्षा एवं बचाव कार्य में जनसहयोग की अपील की।
विज्ञापन
सिंचाई मंत्री बोले-सभी जिले अलर्ट पर, सूबे में 45 बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित
प्रतिदिन दिन दो बजे जारी होगी बाढ़ बुलेटिन, प्रमुख नदियों के जलस्तर बताएंगे
विज्ञापन
शुक्रवार को धनेवा स्थित पीडब्लूडी डांक बंगले में पत्रकार वार्ता सिंचाई मंत्री ने कहा कि पूर्वांचल में बाढ़ की तबाही रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश जारी किया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष व केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में जिम्मेदार अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। बाढ़ बुलेटिन में प्रदेश की सभी प्रमुख नदियों गंगा, गंडक, घाघरा व राप्ती आदि के जलस्तर से लोगों को अवगत कराया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग के लिए ग्रेड ए के अफसरों को लगाया गया है। बाढ़ बचाव कार्य में अंतर्राज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की समस्या के समाधान के लिए प्रमुख सचिव स्तर के अफसरों को नामित किया गया है। ये अफसर हर स्तर की समस्या का समाधान कर बाढ़ सुरक्षा सुनिश्चित कराएंगे।
विज्ञापन
सिंचाई मंत्री ने कहा कि सभी जिलों में बाढ़ राहत सामग्री, बाढ़ पीड़ितों के लिए पेयजल व बेहतर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है। पशुओं के लिए भूसा व चारा की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिले में नाव व स्टीमर आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित करा ली गई है। जिले में 36 नाव व चार स्टीमर लगाए गए हैं। महाव नाले की तबाही को रोकने के लिए जिलाधिकारी व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कडे़ निर्देश भी जारी किए गए हैं। उन्होंने बाढ़ से होने वाली जन-धन की हानि रोकने में जनसहयोग की भी जरूरत बताई। इस दौरान बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री स्वाती सिंह ने भी जिले में बाढ़ सुरक्षा एवं बचाव कार्य में जनसहयोग की अपील की।
विज्ञापन
सिंचाई मंत्री बोले-सभी जिले अलर्ट पर, सूबे में 45 बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित
प्रतिदिन दिन दो बजे जारी होगी बाढ़ बुलेटिन, प्रमुख नदियों के जलस्तर बताएंगे