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सीएम ने वीसी से पूछा क्यों रोक रहे मरीज भर्ती करने से
Updated Fri, 11 Aug 2017 01:59 AM IST
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गोरखपुर।
मानचित्र को लेकर नर्सिंग होम सील करने और मरीज न भर्ती करने की डॉक्टरों को हिदायत देना गोरखपुर विकास प्राधिकरण के लिए मंहगा पड़ गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गोरखपुर के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार की शाम मुख्यमंत्री से मुलाकात की। डॉक्टरों ने उन्हें जीडीए की इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए प्राधिकरण पर बेजा परेशान करने का आरोप लगाया। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीडीए उपाध्यक्ष वैभव श्रीवास्तव पर नाराजगी जताई। खफा सीएम ने पूछा कि- मरीज भर्ती करने से क्यों रोक रहे हो। इस पर उपाध्यक्ष सकते में आ गए और प्राधिकरण की तरफ से इस मामले में नोटिस देने की कार्रवाई से इनकार कर दिया।
उपाध्यक्ष की ओर से मामले की जानकारी देने पर मुख्यमंत्री ने डीएम राजीव रौतेला से कहा कि अगर कोई दिक्कत है तो वे और उपाध्यक्ष, डॉक्टरों के साथ बैठक कर राह निकाले। बता दें कि जीडीए ने शहर के 180 नर्सिंग होम संचालकों को नोटिस भेजा था। उसका मानना है कि ये नर्सिंग होम या तो बिना मानचित्र स्वीकृत हुए ही बना लिए गए या फिर निर्माण में मानचित्र की अनदेखी की गई है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने सभी नर्सिंग होम मालिकों को मरीज नहीं भर्ती करने की हिदायत देते हुए सभी को सील करने का निर्देश दिया था। सील की औपचारिकताएं शुरू कर दी गई थी और जेई, नर्सिंग होम में जाकर डॉक्टरों को मरीज नहीं भर्ती करने की हिदायत देने लगे थे। इसपर गुरुवार को आईएमए के अध्यक्ष डॉ बीबी गुप्ता के नेतृत्व में डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जीडीए उपाध्यक्ष की शिकायत की। उनका कहना था कि मानचित्र स्वीकृत होने के बाद भी जीडीए, मरीज नहीं भरती करने के लिए धमकी दे रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने डीएम को उपाध्यक्ष और डॉक्टरों के साथ बैठक कर इस मामले का निराकरण कराने को कहा।
मानचित्र को लेकर नर्सिंग होम सील करने और मरीज न भर्ती करने की डॉक्टरों को हिदायत देना गोरखपुर विकास प्राधिकरण के लिए मंहगा पड़ गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गोरखपुर के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार की शाम मुख्यमंत्री से मुलाकात की। डॉक्टरों ने उन्हें जीडीए की इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए प्राधिकरण पर बेजा परेशान करने का आरोप लगाया। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीडीए उपाध्यक्ष वैभव श्रीवास्तव पर नाराजगी जताई। खफा सीएम ने पूछा कि- मरीज भर्ती करने से क्यों रोक रहे हो। इस पर उपाध्यक्ष सकते में आ गए और प्राधिकरण की तरफ से इस मामले में नोटिस देने की कार्रवाई से इनकार कर दिया।
उपाध्यक्ष की ओर से मामले की जानकारी देने पर मुख्यमंत्री ने डीएम राजीव रौतेला से कहा कि अगर कोई दिक्कत है तो वे और उपाध्यक्ष, डॉक्टरों के साथ बैठक कर राह निकाले। बता दें कि जीडीए ने शहर के 180 नर्सिंग होम संचालकों को नोटिस भेजा था। उसका मानना है कि ये नर्सिंग होम या तो बिना मानचित्र स्वीकृत हुए ही बना लिए गए या फिर निर्माण में मानचित्र की अनदेखी की गई है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने सभी नर्सिंग होम मालिकों को मरीज नहीं भर्ती करने की हिदायत देते हुए सभी को सील करने का निर्देश दिया था। सील की औपचारिकताएं शुरू कर दी गई थी और जेई, नर्सिंग होम में जाकर डॉक्टरों को मरीज नहीं भर्ती करने की हिदायत देने लगे थे। इसपर गुरुवार को आईएमए के अध्यक्ष डॉ बीबी गुप्ता के नेतृत्व में डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जीडीए उपाध्यक्ष की शिकायत की। उनका कहना था कि मानचित्र स्वीकृत होने के बाद भी जीडीए, मरीज नहीं भरती करने के लिए धमकी दे रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने डीएम को उपाध्यक्ष और डॉक्टरों के साथ बैठक कर इस मामले का निराकरण कराने को कहा।
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