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गोरखनाथ मंदिर-2
Updated Mon, 24 Sep 2018 01:36 AM IST
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चीनी उद्योग को केंद्र और राज्य सरकार देगी मदद : योगी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी का दाम गिरने से चीनी उद्योग संकट में
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी का दाम गिरने से चीनी उद्योग के सामने संकट खड़ा हो गया है। इसके चलते मिलें बहुत से किसानों को गन्ना मूल्य का बकाया नहीं दे पा रही हैं। इसके लिए 4.50 रुपये प्रति क्विंटल केंद्र सरकार और इतना ही धनराशि राज्य सरकार देगी। शेष की व्यवस्था मिलें खुद करेंगी।
मुख्यमंत्री ने ये बातें ‘अमर उजाला’ से बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत 20 रुपये प्रति किलो है, जबकि भारत में सरकारी मूल्य 34 रुपये है। इसके चलते चीनी उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार की मदद के बाद उन्हें 4,000 करोड़ का साफ्ट ऋण भी दिया जाएगा ताकि मिलें किसानों को समय से भुगतान करने के साथ स्वयं को भी तैयार कर सकें। यह ऋण पांच प्रतिशत ब्याज पर पांच साल के लिए दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा पेराई सत्र में मिलों ने रिकार्ड चीनी का उत्पादन किया। चीनी के परता में भी इजाफा हुआ है। गन्ना पेरने के लिए मिलों को मई तक चलाना पड़ा।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के लिए सरकार ने अनुपूरक बजट में 5,535 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। सरकार ने जो साफ्ट लोन की व्यवस्था की है उससे किसानों का बकाया हर हाल में अक्तूबर तक करना है। किसानों के गन्ने का भुगतान कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सहकारिता और फेडरेशन के गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए 850 करोड़ की धनराशि दी जाएगी।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी का दाम गिरने से चीनी उद्योग संकट में
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी का दाम गिरने से चीनी उद्योग के सामने संकट खड़ा हो गया है। इसके चलते मिलें बहुत से किसानों को गन्ना मूल्य का बकाया नहीं दे पा रही हैं। इसके लिए 4.50 रुपये प्रति क्विंटल केंद्र सरकार और इतना ही धनराशि राज्य सरकार देगी। शेष की व्यवस्था मिलें खुद करेंगी।
मुख्यमंत्री ने ये बातें ‘अमर उजाला’ से बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत 20 रुपये प्रति किलो है, जबकि भारत में सरकारी मूल्य 34 रुपये है। इसके चलते चीनी उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार की मदद के बाद उन्हें 4,000 करोड़ का साफ्ट ऋण भी दिया जाएगा ताकि मिलें किसानों को समय से भुगतान करने के साथ स्वयं को भी तैयार कर सकें। यह ऋण पांच प्रतिशत ब्याज पर पांच साल के लिए दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा पेराई सत्र में मिलों ने रिकार्ड चीनी का उत्पादन किया। चीनी के परता में भी इजाफा हुआ है। गन्ना पेरने के लिए मिलों को मई तक चलाना पड़ा।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के लिए सरकार ने अनुपूरक बजट में 5,535 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। सरकार ने जो साफ्ट लोन की व्यवस्था की है उससे किसानों का बकाया हर हाल में अक्तूबर तक करना है। किसानों के गन्ने का भुगतान कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सहकारिता और फेडरेशन के गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए 850 करोड़ की धनराशि दी जाएगी।
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