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संशोधित - बौद्ध भिक्षु
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:35 PM IST
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सुधीर श्रीवास्तव, आसिफ इकबाल
देवरिया। पासपोर्ट खो जाने के चलते थाईलैंड की जेल में बंद देवरिया के रहने वाले बौद्घ भिक्षु जयप्रकाश गुप्त उर्फ टुन्नू के मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा जानकारी मांगे जाने के बाद परिजनों और गांव के लोगों में उनके लौटने की उम्मीद जाग उठी है।
टुन्नू ने 20 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था। दो साल बाद बाद घरवालों की मनुुहार से गांव लौटे तो जरूर, लेकिन गांव उन्हें रास नहीं आया। एक माह बाद ही उन्होंने घर छोड़ दिया। तब से लेकर आज तक गांव नहीं लौटे। इस दौरान न कोई चिट्ठी-पत्री और न ही कोई संदेश आया। बकौल बड़े भाई मुन्ना, नियति मान कर टुन्नू को भुला बैठे हैं। अब जयप्रकाश के थाईलैंड जेल में होने की जानकारी मिलने से चिंता परिवार की बढ़ गई है। परिवार के अलावा ग्राम प्रधान ने पीएमओ-वाराणसी समेत कई जगहों पर जयप्रकाश की सकुुशल वापसी की फरियाद की है।
बरहज के लवरछी निवासी चंद्रिका की पांच संतानों में जयप्रकाश दूसरे नंबर के हैं। शादी के बाद 1995 में जयप्रकाश कमाने के लिए बैंकाक चले गए। दो साल तक नहीं लौटे तो बड़े भाई मुन्ना बैंकाक गए। जयप्रकाश को लेकर घर आए। लेकिन एक महीना रह कर जयप्रकाश फिर थाईलैंड चले गए। कहा कि अब कभी नहीं लौटूंगा। मां-बाप, बहन और भाइयों ने इसे नियति मान लिया। इसके चलते उनकी पत्नी का गौना भाई सुनील से कराया गया। पिता चंद्रिका पत्नी और बेटे सुनील के साथ नेपाल में किराने की दुकान चलाते हैं। गांव पर बड़े भाई मुन्ना का परिवार रहता है। बैंकाक में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान पासपोर्ट नहीं मिलने पर टुन्नू को जेल में बंद कर दिया गया। बैंकाक में रहने वाले इलाकाई लोगों ने जेल में मुलाकात की। उन्हें देख कर जयप्रकाश फूट-फूट कर रोने लगे। कहा कि मुझे गांव ले चलो। मेरा जीना मुश्किल हो गया है। उन लोगों ने ग्राम प्रधान महावीर यादव को अवगत कराया। महावीर ने वाराणसी स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय समेत कई जगहों पर जयप्रकाश की सकुशल वापसी कराने की मांग की है। इस मामले को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी गंभीरता से लिया है।
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कराऊंगा वतन वापसी-कलराज
केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि हकीकत पता करा रहा हूं। देशवासी को हर हाल में वापस लाया जाएगा। इसके पहले भी पूर्वांचल के कई लोग विदेशों में फंस चुके हैं। उनकी मदद की है। कई की वतन वापसी कराई गई है। इस मामले में भी वैसा ही होगा।
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देवरिया। पासपोर्ट खो जाने के चलते थाईलैंड की जेल में बंद देवरिया के रहने वाले बौद्घ भिक्षु जयप्रकाश गुप्त उर्फ टुन्नू के मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा जानकारी मांगे जाने के बाद परिजनों और गांव के लोगों में उनके लौटने की उम्मीद जाग उठी है।
टुन्नू ने 20 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था। दो साल बाद बाद घरवालों की मनुुहार से गांव लौटे तो जरूर, लेकिन गांव उन्हें रास नहीं आया। एक माह बाद ही उन्होंने घर छोड़ दिया। तब से लेकर आज तक गांव नहीं लौटे। इस दौरान न कोई चिट्ठी-पत्री और न ही कोई संदेश आया। बकौल बड़े भाई मुन्ना, नियति मान कर टुन्नू को भुला बैठे हैं। अब जयप्रकाश के थाईलैंड जेल में होने की जानकारी मिलने से चिंता परिवार की बढ़ गई है। परिवार के अलावा ग्राम प्रधान ने पीएमओ-वाराणसी समेत कई जगहों पर जयप्रकाश की सकुुशल वापसी की फरियाद की है।
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बरहज के लवरछी निवासी चंद्रिका की पांच संतानों में जयप्रकाश दूसरे नंबर के हैं। शादी के बाद 1995 में जयप्रकाश कमाने के लिए बैंकाक चले गए। दो साल तक नहीं लौटे तो बड़े भाई मुन्ना बैंकाक गए। जयप्रकाश को लेकर घर आए। लेकिन एक महीना रह कर जयप्रकाश फिर थाईलैंड चले गए। कहा कि अब कभी नहीं लौटूंगा। मां-बाप, बहन और भाइयों ने इसे नियति मान लिया। इसके चलते उनकी पत्नी का गौना भाई सुनील से कराया गया। पिता चंद्रिका पत्नी और बेटे सुनील के साथ नेपाल में किराने की दुकान चलाते हैं। गांव पर बड़े भाई मुन्ना का परिवार रहता है। बैंकाक में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान पासपोर्ट नहीं मिलने पर टुन्नू को जेल में बंद कर दिया गया। बैंकाक में रहने वाले इलाकाई लोगों ने जेल में मुलाकात की। उन्हें देख कर जयप्रकाश फूट-फूट कर रोने लगे। कहा कि मुझे गांव ले चलो। मेरा जीना मुश्किल हो गया है। उन लोगों ने ग्राम प्रधान महावीर यादव को अवगत कराया। महावीर ने वाराणसी स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय समेत कई जगहों पर जयप्रकाश की सकुशल वापसी कराने की मांग की है। इस मामले को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी गंभीरता से लिया है।
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कराऊंगा वतन वापसी-कलराज
केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि हकीकत पता करा रहा हूं। देशवासी को हर हाल में वापस लाया जाएगा। इसके पहले भी पूर्वांचल के कई लोग विदेशों में फंस चुके हैं। उनकी मदद की है। कई की वतन वापसी कराई गई है। इस मामले में भी वैसा ही होगा।