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एक्सपोर्ट जोन में शामिल होगा गोरखपुर

Fri, 29 Sep 2017 08:39 PM IST
Updated Fri, 29 Sep 2017 08:39 PM IST
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एक्सपोर्ट जोन में शामिल होगा गोरखपुर

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गोरखपुर।
जल्द ही गोरखपुर को एक्सपोर्ट जोन में शामिल कराया जाएगा। फू ड प्रोसेसिंग यूनिटें स्थापित कराई जाएंगी। पीपीगंज क्षेत्र में केले की अधिक पैदावार होती है। यहां केला पकाने का प्लांट स्थापित किया जाएगा। औषधीय पौधा अश्वगंधा, शतावरी एवं आटीमिसिया पौधे की बिक्री के लिए किसानाें का केंद्रों से संपर्क कराया जाएगा ताकि उन्हें अच्छा लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि फू ड प्रोसेसिंग के तहत किसानों को सात तरह का अनुदान मिलता है।
ये बातें डीएम राजीव रौतेला ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय औद्यानिक मिशन की बैठक में कहीं। इस दौरान उद्यान विभाग के कार्यों पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए सुधार की जरूरत बताई। विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम ने पाया कि जिले से लखनऊ भेजी गई परियोजनाओं में कटौती कर दी गई है। किसानों को दूसरे प्रदेशों में कोई भ्रमण नहीं कराया गया। उन्हें विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी ही नहीं दी जाती।
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इस संबंध में डीएम ने उद्यान विभाग निदेशालय के अधिकारियों से मोबाइल पर बात भी की। उन्हाेंने बताया कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में लखनऊ से अधिकारियों की टीम आएगी, जो कार्यशाला में किसानों को उद्यान विभाग की योजनाओं, अनुदान के बारे में जानकारी देगी। इसके बाद किसानों का भ्रमण भी आयोजित किया जाएगा। संचालन उद्यान अधिकारी बलजीत सिंह ने किया। बैठक में सीडीओ अनुज सिंह, उप निदेशक उद्यान बृजेश मिश्र, वैज्ञानिक डॉ. अजीत श्रीवास्तव, डॉ. एसपी सिंह समेत कई अधिकारी और किसान मौजूद रहे।
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रेफ्रीजरेटेड वैन की करें व्यवस्था
गोरखपुर। डीएम ने विभाग के अफसरों को जिले में रेफ्रीजरेटेड वैन की व्यवस्था करने को कहा ताकि किसानों का उत्पाद एक स्थान से दूसरे स्थान पर सुरक्षित ले जाया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत जिले के 700 हेक्टेअर में यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है। सामान्य वर्ग के किसानों को ड्रिप/स्प्रिकलर सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत एवं लघु व सीमांत किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
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