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18 दिन बाद राप्ती आई खतरे के निशान से नीचे
Updated Sun, 03 Sep 2017 01:55 AM IST
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गोरखपुर। जिले में बहने वाली राप्ती सहित सभी नदियां अब खतरे के निशान से नीचे पहुंच गई हैं। शनिवार को राप्ती का जलस्तर 74.620 दर्ज किया गया। 18 दिन पहले खतरे के निशान (74.980) को पार कर राप्ती ने शहर के लोगों का सकते में डाल दिया था। हर कोई 1998 की बाढ़ को याद कर सिहर जाता था। इस बार भी फिर वह पूरे उफान पर थी, मगर अपने उच्चतम निशान को नहीं छू पाई। इसके बाद भी कई गांवों में इसका पानी कहर बनकर टूटा। राप्ती के अलावा रोहिन और गोर्रा ने भी कई स्थानों पर लोगों को बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर कर दिया।
नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद राप्ती ने 14 अगस्त को ही खतरे के निशान को छू लिया था। इससे हर किसी को शहर की चिंता सताने लगी थी। लोगों को भय था कि कहीं पुराने स्थानों पर तटबंध टूटा तो शहर एक बार फिर डूब जाएगा। इस नाते सिंचाई विभाग से लेकर प्रशासन के अधिकारियों ने शहर को प्रभावित करने वाले तटबंधों को बचाने के लिए पूरा जोर लगा दिया था। अब सभी नदियां जब खतरे के निशान से नीचे आ गई हैं तो एक बार लोग राहत की सांस ले रहे हैं।
नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद राप्ती ने 14 अगस्त को ही खतरे के निशान को छू लिया था। इससे हर किसी को शहर की चिंता सताने लगी थी। लोगों को भय था कि कहीं पुराने स्थानों पर तटबंध टूटा तो शहर एक बार फिर डूब जाएगा। इस नाते सिंचाई विभाग से लेकर प्रशासन के अधिकारियों ने शहर को प्रभावित करने वाले तटबंधों को बचाने के लिए पूरा जोर लगा दिया था। अब सभी नदियां जब खतरे के निशान से नीचे आ गई हैं तो एक बार लोग राहत की सांस ले रहे हैं।
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