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शहर में आठ घंटे बिजली गुल, पानी के लिए तरसे
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:14 AM IST
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बस्ती। 33 केवीए लाइन में फॉल्ट आने से अमहट सब स्टेशन से जुड़े मोहल्लों में छह घंटे बिजली गुल हो गई। दिन में एक बजे गई बिजली शाम 8:30 बजे आई। इससे शिवरात्रि के दिन छुट्टी मना रहे लोग गर्मी के चलते घरों से निकालना पड़ा।
शहर में दोपहर एक बजे बिजली गुल हो गई। पूरे दिन लोग इंतजार करते रहे। मगर शाम तक सप्लाई बहाल नहीं हुई। गृहणियों को घर के कामकाज करने में दिक्कतें हुई। पानी की टंकी खाली हो गई। पानी न होने से जरूरी कार्य नहीं हो पाए। इससे सिविल लाइंस, बैरिहवा, आवास विकास, कटरा, गांधीनगर से जुड़े उपभोक्ता बिजली कटौती से परेशान रहे। विभाग के कर्मचारी फॉल्ट को खोज नहीं पा रहे थे। काफी खोजने पर फॉल्ट मिला। रात 8:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। मुख्य अभियंता सीपी गुप्ता ने बताया कि 33 केवीए में फॉल्ट की वजह से बिजली कटौती हुई।
चिलमा में छह दिन से बिजली गायब
दुबौलिया विद्युत उपकेंद्र एकडेंगवा से चिलमा बाजार फीडर से जुड़े विद्युत उपभोक्ता छह दिन से अंधेरे में रह रहे हैं। कस्बे में लगा 100 केवीए ट्रांसफॉर्मर 16 जुलाई को जल गया। तब से शुक्रवार तक नया ट्रांसफॉर्मर नहीं लग पाया। जबकि प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे में खराब ट्रांसफॉर्मर बदलने का निर्देश दिया है। क्षेत्र के नरहरपुर, चिलमा परसन, अरखापुर गांव के लोग तब से अंधेरे में जीवन-यापन कर रहे हैं। फीडर से जुड़े 250 कनेक्शन धारी विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। कस्बे के व्यापार मंडल के महामंत्री सोनू पांडेय, सुमित अग्रहरि, मन्नू सिंह, बच्चू लाल अग्रहरि, विश्वनाथ गुप्ता, राजेश अग्रहरि ने बताया कि बिजली के सप्लाई न होने से व्यवसाय चौपट हो गया है। बारिश के चलते गांव की गालियों में चलने लायक नहीं है। विभाग की लापरवाही से बाजार वाले छह दिन से तबाह है। व्यापारियों में नाराजगी है। जेई बृज किशोर ने बताया कि स्टोर में ट्रांसफॉर्मर नहीं था। शनिवार को लग जाएगा।
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बिजली आपूर्ति की व्यवस्था दो माह से सुचारु नहीं हो पा रही है। फाल्ट 24 क्या 48 घंटे में भी दुरुस्त नहीं हो पा रहा है। बनकटी में तो थाने का कार्य ही प्रभावित है। दुबौलिया क्षेत्र के करीब पौने तीन सौ गांव की आपूर्ति 60 घंटे से प्रभावित रही है।
मंडल मुख्यालय के कई मोहल्ले लो-वोल्टेज का दंश झेल रहे हैं। आनंदनगर कटरा, आवास-विकास, डारीडीहा, पांडेय बाजार, जिगिना, रोडवेज, भुअर आदि क्षेत्रों में हर दो घंटे पर अघोषित कटौती चल रही। जो आपूर्ति मिल भी रही वह सिर्फ उजाला करने के काम की है। पंखे रेंगते हैं तो फ्रिज चल नहीं पा रहा। आनंदनगर के आरजे श्रीवास्तव, आवास विकास के लक्ष्मी प्रसाद, कटरा के डीपी शुक्ला कहते हैं कि बिजली के बजाय इन्वर्टर से कनेक्शन देने पर ही पंखे की हवा महसूस होती है। लो वोल्टेज से घरों की पानी टंकी भी नहीं भर पा रहे हैं। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। बनकटी प्रतिनिधि के मुताबिक लालगंज थाना परिसर में बुधवार को हाईवोल्टेज के चलते पंखा ,कम्प्यूटर, वायरलेस आदि उपकरण जल गए। दो दिन से थाने का कार्य प्रभावित है। लाइन मैन (संविदा) राम सकल ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर के ऊपर टीएमओ में लगे इंसुलेटर के दगने से हाई वोल्टेज दौड़ने लगा। इससे बिजली उपकरण प्रभावित हुए हैं। हो सकता है कि आज ठीक कर लिया जाए। थाने की बिजली प्रभावित थी उसे चालू करा दिया गया है। दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक 48 घंटे बाद उपकेंद्र दुबौलिया से जुड़े 275 गांवों की बिजली शुरू हो पाई। 48 घंटे अव्यवस्था झेेलने के बाद कई उपभोक्ता भाजपा नेता संतोष पाण्डेय के नेतृत्व में 33/11सब स्टेशन पर पहुंचे। प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद बिजली व्यवस्था सुधारी जा सकी। अवर अभियंता का कहना है कि मांग के अनुरूप बिजली नहीं मिलने से फॉल्ट हो गया, जिसे रात में खोजना मुश्किल था। वाल्टरगंज प्रतिनिधि के मुुताबिक भिटिया, बेलहरा, लक्षमणपुर, जिनवा, देईपार, सल्टोआ, विशुनपुर, आमा, बासापार, बरहुआ, सहित अनेक कस्बों गांवों में बिजली की कटौती से लोग परेशान हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि शाम को सात बजे बिजली कटती है तो रात में 10 बजे आती है। फिर साढ़े 11 बजे कट जाती है फिर डेढ़ बजे आती है। फिर ढाई बजे कटती है तो सुबह चार बजे आती है। फिर सात बजे कट जाती है। इसका असर है कि भरपूर नींद नहीं लेने से दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
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शहर में दोपहर एक बजे बिजली गुल हो गई। पूरे दिन लोग इंतजार करते रहे। मगर शाम तक सप्लाई बहाल नहीं हुई। गृहणियों को घर के कामकाज करने में दिक्कतें हुई। पानी की टंकी खाली हो गई। पानी न होने से जरूरी कार्य नहीं हो पाए। इससे सिविल लाइंस, बैरिहवा, आवास विकास, कटरा, गांधीनगर से जुड़े उपभोक्ता बिजली कटौती से परेशान रहे। विभाग के कर्मचारी फॉल्ट को खोज नहीं पा रहे थे। काफी खोजने पर फॉल्ट मिला। रात 8:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। मुख्य अभियंता सीपी गुप्ता ने बताया कि 33 केवीए में फॉल्ट की वजह से बिजली कटौती हुई।
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चिलमा में छह दिन से बिजली गायब
दुबौलिया विद्युत उपकेंद्र एकडेंगवा से चिलमा बाजार फीडर से जुड़े विद्युत उपभोक्ता छह दिन से अंधेरे में रह रहे हैं। कस्बे में लगा 100 केवीए ट्रांसफॉर्मर 16 जुलाई को जल गया। तब से शुक्रवार तक नया ट्रांसफॉर्मर नहीं लग पाया। जबकि प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे में खराब ट्रांसफॉर्मर बदलने का निर्देश दिया है। क्षेत्र के नरहरपुर, चिलमा परसन, अरखापुर गांव के लोग तब से अंधेरे में जीवन-यापन कर रहे हैं। फीडर से जुड़े 250 कनेक्शन धारी विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। कस्बे के व्यापार मंडल के महामंत्री सोनू पांडेय, सुमित अग्रहरि, मन्नू सिंह, बच्चू लाल अग्रहरि, विश्वनाथ गुप्ता, राजेश अग्रहरि ने बताया कि बिजली के सप्लाई न होने से व्यवसाय चौपट हो गया है। बारिश के चलते गांव की गालियों में चलने लायक नहीं है। विभाग की लापरवाही से बाजार वाले छह दिन से तबाह है। व्यापारियों में नाराजगी है। जेई बृज किशोर ने बताया कि स्टोर में ट्रांसफॉर्मर नहीं था। शनिवार को लग जाएगा।
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बिजली आपूर्ति की व्यवस्था दो माह से सुचारु नहीं हो पा रही है। फाल्ट 24 क्या 48 घंटे में भी दुरुस्त नहीं हो पा रहा है। बनकटी में तो थाने का कार्य ही प्रभावित है। दुबौलिया क्षेत्र के करीब पौने तीन सौ गांव की आपूर्ति 60 घंटे से प्रभावित रही है।
मंडल मुख्यालय के कई मोहल्ले लो-वोल्टेज का दंश झेल रहे हैं। आनंदनगर कटरा, आवास-विकास, डारीडीहा, पांडेय बाजार, जिगिना, रोडवेज, भुअर आदि क्षेत्रों में हर दो घंटे पर अघोषित कटौती चल रही। जो आपूर्ति मिल भी रही वह सिर्फ उजाला करने के काम की है। पंखे रेंगते हैं तो फ्रिज चल नहीं पा रहा। आनंदनगर के आरजे श्रीवास्तव, आवास विकास के लक्ष्मी प्रसाद, कटरा के डीपी शुक्ला कहते हैं कि बिजली के बजाय इन्वर्टर से कनेक्शन देने पर ही पंखे की हवा महसूस होती है। लो वोल्टेज से घरों की पानी टंकी भी नहीं भर पा रहे हैं। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। बनकटी प्रतिनिधि के मुताबिक लालगंज थाना परिसर में बुधवार को हाईवोल्टेज के चलते पंखा ,कम्प्यूटर, वायरलेस आदि उपकरण जल गए। दो दिन से थाने का कार्य प्रभावित है। लाइन मैन (संविदा) राम सकल ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर के ऊपर टीएमओ में लगे इंसुलेटर के दगने से हाई वोल्टेज दौड़ने लगा। इससे बिजली उपकरण प्रभावित हुए हैं। हो सकता है कि आज ठीक कर लिया जाए। थाने की बिजली प्रभावित थी उसे चालू करा दिया गया है। दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक 48 घंटे बाद उपकेंद्र दुबौलिया से जुड़े 275 गांवों की बिजली शुरू हो पाई। 48 घंटे अव्यवस्था झेेलने के बाद कई उपभोक्ता भाजपा नेता संतोष पाण्डेय के नेतृत्व में 33/11सब स्टेशन पर पहुंचे। प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद बिजली व्यवस्था सुधारी जा सकी। अवर अभियंता का कहना है कि मांग के अनुरूप बिजली नहीं मिलने से फॉल्ट हो गया, जिसे रात में खोजना मुश्किल था। वाल्टरगंज प्रतिनिधि के मुुताबिक भिटिया, बेलहरा, लक्षमणपुर, जिनवा, देईपार, सल्टोआ, विशुनपुर, आमा, बासापार, बरहुआ, सहित अनेक कस्बों गांवों में बिजली की कटौती से लोग परेशान हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि शाम को सात बजे बिजली कटती है तो रात में 10 बजे आती है। फिर साढ़े 11 बजे कट जाती है फिर डेढ़ बजे आती है। फिर ढाई बजे कटती है तो सुबह चार बजे आती है। फिर सात बजे कट जाती है। इसका असर है कि भरपूर नींद नहीं लेने से दिनचर्या प्रभावित हो रही है।