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...कांच ह बांस की बहंगिया बहंगी लचकत जाए
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Mon, 12 Nov 2018 10:00 PM IST
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आज अस्ताचलगामी सूर्य को देंगी अर्घ्य।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। चार दिवसीय छठ महापर्व के दूसरे दिन खरना के साथ ही महिलाओं ने व्रत शुरू कर दिया है। हालांकि बड़ी संख्या में महिलाएं मंगलवार से व्रत की शुरूआत करेंगी। सोमवार को कई जगह पंडालों में छठ मइया की मूर्ति सजाकर पूजा की तैयारियां चल रही थीं। इन पंडालों में छठ मइया के गीत.. केरवा जो फरे ला घवद में, कांच ह बांस की बहंगिया बहंगी लचकत जाए... आदि से माहौल भक्तिमय हो रहा था।
सोमवार को पूरे दिन छठ घाटों पर तेजी से काम चलता रहा। पथ प्रकाश, बैरिकेडिंग समेत अन्य सुविधाओं को चौकस बनाने में पूजा समितियों के साथ-साथ नगर निगम के कर्मचारी और तमाम स्वयंसेवी लोग जुटे रहे। कई जगह अस्थाई घाट बनाकर छठ मइया की प्रतिमा भी स्थापित की गई। मंगलवार को इन घाटों पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा। उधर, बाजारों में पूरे दिन व्रत सामग्री की खरीदारी चलती रही। इसके चलते विभिन्न मार्गो पर दिन में कई बार जाम के हालात बने।
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सोमवार को पूरे दिन छठ घाटों पर तेजी से काम चलता रहा। पथ प्रकाश, बैरिकेडिंग समेत अन्य सुविधाओं को चौकस बनाने में पूजा समितियों के साथ-साथ नगर निगम के कर्मचारी और तमाम स्वयंसेवी लोग जुटे रहे। कई जगह अस्थाई घाट बनाकर छठ मइया की प्रतिमा भी स्थापित की गई। मंगलवार को इन घाटों पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा। उधर, बाजारों में पूरे दिन व्रत सामग्री की खरीदारी चलती रही। इसके चलते विभिन्न मार्गो पर दिन में कई बार जाम के हालात बने।
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निर्जला व्रत आज
पंडित शरद चंद्र मिश्र और नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि मंगलवार को सूर्योदय 6:35 मिनट और षष्ठी तिथि का मान रात्रि 2:54 मिनट तक है। उत्तराषाढ़् नक्षत्र और मानस योग है। व्रती महिलाएं दोपहर में सूप और दौरी (डलिया) लिए षष्ठी माता के गीत गाते जलाशय पहुंचेंगी। सूप में ठेकुआ और लडुवा (चावल के आटे का) और विभिन्न प्रकार के फल होंगे। सूप और डलिया ढोने का विशेष महत्व होता है। व्रती महिला का पति, पुत्र या घर का कोई सदस्य सूप और डलिया लेकर जलाशय तक जाएगा। इस दिन महिलाएं जलाशय में खड़े होकर सूर्यास्त के समय सूर्यदेव को जल एवं दूध से अर्घ्य और सूप में लाया प्रसाद अर्पित करेंगी।
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