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तनाव से महिलाओं में कई तरह की समस्याएं
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Sun, 11 Nov 2018 11:46 PM IST
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- फोटो : डेमो
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गोरखपुर। गोरखपुर आब्स एंड गाइनी सोसाइटी की ओर से एंडोमेट्रियोसिस नामक बीमारी पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कहा गया कि तनाव भरी जिदंगी की वजह से महिलाओं के शरीर में कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं। उनमें से एक है एंडोमेट्रियोसिस। यह मासिक धर्म से संबंधित रोग है। इसकी वजह से मासिक चक्र के दौरान बच्चेदानी और गर्भाशय में खून के गहरे थक्के जमा हो जाते हैं। यह मासिक चक्र के दौरान पेट दर्द और बांझपन का सबसे मुख्य कारण है।
रविवार को शहर के एक होटल में आयोजित संगोष्ठी के दौरान स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. बबिता शुक्ला ने कहा कि इसमें एंडोमेट्रियोसिस की वजह से गर्भ ‘एंडोमेट्रियम’ को ढकने वाले उत्तक बच्चेदानी या गर्भाशय के आसपास विकसित होने लगते हैं। एंडोमेट्रियन ऊतक असामान्य तरीके से बढ़ने लगता है और वह गर्भाशय से बाहर फैलने लगता है। यह ऊतक गर्भाशय के अंदर ही नहीं अंडाशय, आंतों और अन्य प्रजनन अंगों तक भी फैल सकते है, जिससे बांझपन हो जाता है।
इस दौरान मऊ की डॉ. एकिका सिंह, आगरा के डॉ. अमित टंडन और वाराणसी की डॉ. नीलम ओहरी ने कहा कि पहले और दूसरे चरण का इलाज दवाओं से हो सकता है। तीसरे और चौथे चरण में ऑपरेशन करना पड़ता है। ऑपरेशन के बाद भी यह बीमारी होने का खतरा रहता है। सेमिनार में डॉ. रीना श्रीवास्तव, डॉ. सुरहीता करीम, डॉ. मधु गुलाटी, डॉ. अमृता जयपुरियार, डॉ. रंजना बागची, डॉ. पूनम तिवारी, डॉ. प्रियंका मौजूद रहीं।
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रविवार को शहर के एक होटल में आयोजित संगोष्ठी के दौरान स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. बबिता शुक्ला ने कहा कि इसमें एंडोमेट्रियोसिस की वजह से गर्भ ‘एंडोमेट्रियम’ को ढकने वाले उत्तक बच्चेदानी या गर्भाशय के आसपास विकसित होने लगते हैं। एंडोमेट्रियन ऊतक असामान्य तरीके से बढ़ने लगता है और वह गर्भाशय से बाहर फैलने लगता है। यह ऊतक गर्भाशय के अंदर ही नहीं अंडाशय, आंतों और अन्य प्रजनन अंगों तक भी फैल सकते है, जिससे बांझपन हो जाता है।
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इस दौरान मऊ की डॉ. एकिका सिंह, आगरा के डॉ. अमित टंडन और वाराणसी की डॉ. नीलम ओहरी ने कहा कि पहले और दूसरे चरण का इलाज दवाओं से हो सकता है। तीसरे और चौथे चरण में ऑपरेशन करना पड़ता है। ऑपरेशन के बाद भी यह बीमारी होने का खतरा रहता है। सेमिनार में डॉ. रीना श्रीवास्तव, डॉ. सुरहीता करीम, डॉ. मधु गुलाटी, डॉ. अमृता जयपुरियार, डॉ. रंजना बागची, डॉ. पूनम तिवारी, डॉ. प्रियंका मौजूद रहीं।
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