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मजदूर के बेटे को पढ़ाएंगे एसपी
basti
Updated Tue, 24 Jul 2018 11:44 PM IST
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नौवीं में प्रवेश के लिए आर्थिक मदद करते एसपी ।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। खुशहाली का रास्ता कब-कैसे खुल जाए, कोई नहीं जानता। दुबौलिया क्षेत्र के डेईडीहा निवासी आठवीं पास विपिन (13) पुत्र आशाराम को यह उम्मीद भी नहीं थी कि मंगलवार को जनता दर्शन में उसके बेहतर भविष्य का रास्ता खुल जाएगा। उसे अपने सपनों को सच करने का मौका मिलेगा। उसके मददगार बने एसपी दिलीप कुमार। उन्होंने परिवार की माली हालत देखते हुए विपिन की आगे की पढ़ाई का खर्च खुद उठाने का भरोसा दिलाया।
एसपी कार्यालय में मंगलवार को जनता दर्शन के दौरान मां के साथ पट्टीदारों के विवाद की फरियाद लेकर पहुंचे दुबौलिया क्षेत्र के डेईडीहा निवासी विपिन पुत्र आशाराम के हाव-भाव देख एसपी दिलीप कुमार ने उससे बात शुरू की। शिक्षा के संबंध में जानकारी लेने पर विपिन ने बताया कि उसने इसी साल आठवीं पास की है। पिता मजदूरी करके किसी तरह जीवन यापन करते हैं। इस कारण आगे पढ़ा पाने में पिता आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं। जबकि मैं पढ़ना चाहता हूं।
एसपी ने पूछा कि पढ़कर क्या बनोगे? तो विपिन ने तपाक से कहा आईएएस। उसकी यह बेबाकी एसपी के दिल को छू गई ओर उन्होंने विपिन के पढ़ने की चाहत देखकर तत्काल एक हजार रुपये की आर्थिक मदद दी और आगे की पढ़ाई का खर्च भी उठाने का आश्वासन दिया। रकम देने पर विपिन ने कहा कि खर्च तो सिर्फ साढ़े सात सौ का है आप एक हजार रुपये क्यों दे रहे हैं तो एसपी ने कहा ज्ञानवर्द्धक पुस्तकें लेकर पढ़ लेना। एसपी ने बताया कि उन्होंने बच्चे के परिवार को अपना नंबर दे दिया है। वे किसी भी दशा में विपिन की बाधित नहीं होने देंगे। वहीं एसपी के इस कार्य की जिले में हर ओर सराहना मिल रही है।
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एसपी कार्यालय में मंगलवार को जनता दर्शन के दौरान मां के साथ पट्टीदारों के विवाद की फरियाद लेकर पहुंचे दुबौलिया क्षेत्र के डेईडीहा निवासी विपिन पुत्र आशाराम के हाव-भाव देख एसपी दिलीप कुमार ने उससे बात शुरू की। शिक्षा के संबंध में जानकारी लेने पर विपिन ने बताया कि उसने इसी साल आठवीं पास की है। पिता मजदूरी करके किसी तरह जीवन यापन करते हैं। इस कारण आगे पढ़ा पाने में पिता आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं। जबकि मैं पढ़ना चाहता हूं।
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एसपी ने पूछा कि पढ़कर क्या बनोगे? तो विपिन ने तपाक से कहा आईएएस। उसकी यह बेबाकी एसपी के दिल को छू गई ओर उन्होंने विपिन के पढ़ने की चाहत देखकर तत्काल एक हजार रुपये की आर्थिक मदद दी और आगे की पढ़ाई का खर्च भी उठाने का आश्वासन दिया। रकम देने पर विपिन ने कहा कि खर्च तो सिर्फ साढ़े सात सौ का है आप एक हजार रुपये क्यों दे रहे हैं तो एसपी ने कहा ज्ञानवर्द्धक पुस्तकें लेकर पढ़ लेना। एसपी ने बताया कि उन्होंने बच्चे के परिवार को अपना नंबर दे दिया है। वे किसी भी दशा में विपिन की बाधित नहीं होने देंगे। वहीं एसपी के इस कार्य की जिले में हर ओर सराहना मिल रही है।
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