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कला संकाय में आग, तीसरी मंजिल से सुरक्षित निकाले गए छात्र
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:37 AM IST
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मॉकड्रिल करते एनडीआरएफ के जवान।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी में फायरब्रिगेड, एनडीआरएफ और पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाते हुए तेजी से दाखिल हुईं तो देखने वाले अनहोनी की आशंका से सहम गए। आपदा कार्यालय को दोपहर 12:13 पर सूचना मिली थी कि भूकंप से कला संकाय के भवन का एक हिस्सा गिर गया है। इससे हुए शॉर्ट सर्किट से लगी आग के बीच कई विद्यार्थी फंस गए हैं। इसी सूचना पर ये गाड़ियां सरपट कला संकाय की ओर दौड़ पड़ी थीं।
कला संकाय पहुंचते ही गाड़ियों से कूदे जवान एक्शन मोड में आ गए। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आग बुझाने, मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने आदि के लिए उपकरणों से लैस जवान उधर दौड़ पड़े। क्रेन के जरिए बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर फंसे छात्रों को बाहर निकाला गया। कुछ जवान भीतर फंसे लोगों को कंधे पर उठाए बाहर आए। आननफानन उन्हें स्ट्रेचर से एंबुलेंस तक पहुंचाया गया। अनहोनी की आशंका से सहमे लोग बचाव कार्य को एकटक निहार रहे थे। हालांकि, कुछ देर में स्पष्ट हो गया कि यह आपदा नहीं बल्कि इससे बचाव की तैयारी परखने के लिए की गई मॉकड्रिल थी।
इसके बाद क्रीड़ा संकुल में मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह ने रसोई गैस सिलेंडर से लगी आग बुझाने का तरीका बताया। एनसीसी कैडेटों ने भी इसे सफलता से अंजाम दिया। डीएम राजीव रौतेला ने मॉकड्रिल की सराहना की। कहा कि हर तीन माह में ऐसा आयोजन किया जाए। इस दौरान एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट पीएल शर्मा, इंस्पेक्टर अनिल शर्मा, एसपी नार्थ गणेश साहा, एडीएम प्रशासन प्रभुनाथ आदि मौजूद रहे।
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कला संकाय पहुंचते ही गाड़ियों से कूदे जवान एक्शन मोड में आ गए। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आग बुझाने, मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने आदि के लिए उपकरणों से लैस जवान उधर दौड़ पड़े। क्रेन के जरिए बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर फंसे छात्रों को बाहर निकाला गया। कुछ जवान भीतर फंसे लोगों को कंधे पर उठाए बाहर आए। आननफानन उन्हें स्ट्रेचर से एंबुलेंस तक पहुंचाया गया। अनहोनी की आशंका से सहमे लोग बचाव कार्य को एकटक निहार रहे थे। हालांकि, कुछ देर में स्पष्ट हो गया कि यह आपदा नहीं बल्कि इससे बचाव की तैयारी परखने के लिए की गई मॉकड्रिल थी।
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इसके बाद क्रीड़ा संकुल में मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह ने रसोई गैस सिलेंडर से लगी आग बुझाने का तरीका बताया। एनसीसी कैडेटों ने भी इसे सफलता से अंजाम दिया। डीएम राजीव रौतेला ने मॉकड्रिल की सराहना की। कहा कि हर तीन माह में ऐसा आयोजन किया जाए। इस दौरान एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट पीएल शर्मा, इंस्पेक्टर अनिल शर्मा, एसपी नार्थ गणेश साहा, एडीएम प्रशासन प्रभुनाथ आदि मौजूद रहे।
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