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बर्डपुर में बनेगा मंडल का पहला ब्रॉयलर पैरेंट फार्म
siddharthnagar
Updated Mon, 29 Jan 2018 11:13 PM IST
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सिद्धार्थनगर। चूजों की खरीद के लिए मुर्गापालकों को अब हरियाणा पर निर्भर नहीं रहना होगा। जल्द ही बर्डपुर में गोरखपुर-बस्ती मंडल के सबसे बड़े ब्रॉयलर पैरेंट फार्म की स्थापना होने जा रही है। प्रदेश सरकार के कुक्कुट विकास नीति के तहत स्थापित होने वाले इस फार्म में एक साथ दस हजार चूजे तैयार होंगे। करीब 2.06 करोड़ की लागत से बन रहा यह फार्म फरवरी के दूसरे पखवाड़े से क्रियाशील हो जाएगा।
सीमावर्ती जिले में मुर्गे की डिमांड खूब है। तराई का यह वातावरण पक्षियों के विकास के लिए अनुकूल भी है। लोगों की मांग पूरी करने के लिए मुर्गीपालक पश्चिम यूपी व हरियाणा से चूजे मंगाते रहे हैं। इसे लाने में कड़ी सुरक्षा के साथ खर्च भी काफी वहन करना पड़ता रहा है। हरियाणा से जिले तक आने में एक चूजे की कीमत में करीब दो सौ रुपये का अंतर आ जाता है। इसके मद्देनजर कुक्कुट विकास को प्रोत्साहन देते हुए यहां ब्रॉयलर पैरेंट फार्म की स्थापना की कवायद शुरू की गई थी। सरकारी योजना से प्रेरित होकर बर्डपुर नंबर 10 के डॉ.अजय रावत ने पहल की।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.फणीश सिंह के मुताबिक दस हजार चूजों की क्षमता वाला यह पैरेंट फार्म गोरखपुर-बस्ती मंडल का पहला फार्म होगा। इसके निर्माण पर कुल 2.06 करोड़ की लागत आएगी। इसमें 145 लाख रुपये बैंक ऋण है, जिसके दस प्रतिशत की दर से ब्याज का पैसा विभाग अनुदान के तौर पर पांच वर्षों तक देगा। जिले में पैरेंट फार्म खुलने से न सिर्फ मुर्गीपालकों को लाभ मलेगा, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी खुलेंगे। पंद्रह फरवरी तक यह फार्म शुरू करा दिया जाएगा।
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सीमावर्ती जिले में मुर्गे की डिमांड खूब है। तराई का यह वातावरण पक्षियों के विकास के लिए अनुकूल भी है। लोगों की मांग पूरी करने के लिए मुर्गीपालक पश्चिम यूपी व हरियाणा से चूजे मंगाते रहे हैं। इसे लाने में कड़ी सुरक्षा के साथ खर्च भी काफी वहन करना पड़ता रहा है। हरियाणा से जिले तक आने में एक चूजे की कीमत में करीब दो सौ रुपये का अंतर आ जाता है। इसके मद्देनजर कुक्कुट विकास को प्रोत्साहन देते हुए यहां ब्रॉयलर पैरेंट फार्म की स्थापना की कवायद शुरू की गई थी। सरकारी योजना से प्रेरित होकर बर्डपुर नंबर 10 के डॉ.अजय रावत ने पहल की।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.फणीश सिंह के मुताबिक दस हजार चूजों की क्षमता वाला यह पैरेंट फार्म गोरखपुर-बस्ती मंडल का पहला फार्म होगा। इसके निर्माण पर कुल 2.06 करोड़ की लागत आएगी। इसमें 145 लाख रुपये बैंक ऋण है, जिसके दस प्रतिशत की दर से ब्याज का पैसा विभाग अनुदान के तौर पर पांच वर्षों तक देगा। जिले में पैरेंट फार्म खुलने से न सिर्फ मुर्गीपालकों को लाभ मलेगा, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी खुलेंगे। पंद्रह फरवरी तक यह फार्म शुरू करा दिया जाएगा।
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