{"_id":"597b9bad4f1c1b0c178b45a1","slug":"181501273005-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लक्ष्य और अनुशासन सफलता की दो कड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लक्ष्य और अनुशासन सफलता की दो कड़ी
Updated Sat, 29 Jul 2017 01:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर। सेंट जोसेफ स्कूल, खोराबार शाखा में शपथ ग्रहण एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि जीआरपी एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने मेधावी विद्यार्थियों को मेडल देकर पुरस्कृत किया और कक्षाओं में चुने प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई। इस दौरान छोटे बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की रंगारंग प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
एसपी ने कहा कि किसी के बताने से नहीं बल्कि आपको अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अनुशासन रखना चाहिए। अनुशासन और लक्ष्य सफलता की दो महत्वपूर्ण कड़ी है। इसे आत्मसात कर विद्यार्थी परिश्रम करें तो हर बाधा का पार कर लेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप खुद के कप्तान हैं। क्या सही है और क्या गलत, इसका निर्धारण आपको खुद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों का सम्मान करना चाहिए। सम्मान हमेशा दिल से करना चाहिए न कि बनावटी ढंग से। इसका रिजल्ट आपको तुरंत प्राप्त होता है। आपके पास अच्छे सलाहकार होने चाहिए जो आपको गलत और सही निर्णय करने में मदद करें।
विशिष्ट अतिथि माउंट फोर्ट इंस्टीट्यूट बंगलूरू के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. ब्रदर मैथ्यू ने कहा कि लीडर एक सर्वेंट (सेवा करने वाला) होता है। लीडर में सद्भावना होनी चाहिए। अगर आपके अंदर अनुशासन होगा तो आप अपने लक्ष्य की ओर आसानी से बढ़ सकेंगे। प्रधानाचार्य फॉदर सीबी जोसफ ने आगंतुकों का स्वागत किया और कहा कि पुरस्कार प्राप्त करने वाले बच्चे दूसरों के लिए उदाहरण होते हैं। उन्हें देखकर दूसरे भी मेहनत करें और पुरस्कार हासिल करें। उपप्रधानाचार्य फॉदर जस्टिन ने आगंतुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
एसपी ने कहा कि किसी के बताने से नहीं बल्कि आपको अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अनुशासन रखना चाहिए। अनुशासन और लक्ष्य सफलता की दो महत्वपूर्ण कड़ी है। इसे आत्मसात कर विद्यार्थी परिश्रम करें तो हर बाधा का पार कर लेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप खुद के कप्तान हैं। क्या सही है और क्या गलत, इसका निर्धारण आपको खुद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों का सम्मान करना चाहिए। सम्मान हमेशा दिल से करना चाहिए न कि बनावटी ढंग से। इसका रिजल्ट आपको तुरंत प्राप्त होता है। आपके पास अच्छे सलाहकार होने चाहिए जो आपको गलत और सही निर्णय करने में मदद करें।
विज्ञापन
विशिष्ट अतिथि माउंट फोर्ट इंस्टीट्यूट बंगलूरू के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. ब्रदर मैथ्यू ने कहा कि लीडर एक सर्वेंट (सेवा करने वाला) होता है। लीडर में सद्भावना होनी चाहिए। अगर आपके अंदर अनुशासन होगा तो आप अपने लक्ष्य की ओर आसानी से बढ़ सकेंगे। प्रधानाचार्य फॉदर सीबी जोसफ ने आगंतुकों का स्वागत किया और कहा कि पुरस्कार प्राप्त करने वाले बच्चे दूसरों के लिए उदाहरण होते हैं। उन्हें देखकर दूसरे भी मेहनत करें और पुरस्कार हासिल करें। उपप्रधानाचार्य फॉदर जस्टिन ने आगंतुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
विज्ञापन