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देवरिया की गिरिजा का गोरखपुर में पेंशन घोटाला!
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Thu, 09 Aug 2018 01:50 AM IST
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Girija tripathi
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गोरखपुर। देवरिया के बालगृह बालिका (संरक्षण गृह) की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ने पेंशन घोटाला भी किया है। इसके साक्ष्य महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर एक से सपा पार्षद लाल बहादुर पासवान ने दिए हैं। उनका कहना है कि वार्ड की महज 15 बुजुर्ग महिलाओं को पेंशन मिलती थी, लेकिन 2016-17 में 167 महिलाओं के नाम से पेंशन जारी की गई। मृत महिलाओं के नाम पर भी पेंशन ली गई है। पार्षद ने इस मामले की मौखिक शिकायत जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन से भी करने की बात कही है। उनका कहना है कि बृहस्पतिवार को लिखित शिकायत कर जांच की मांग की जाएगी।
देवरिया कांड में गिरफ्तार गिरिजा का वृद्धाश्रम खोराबार के रानीडीहा में चलता था जिसे सील कर दिया गया है। यह वृद्धाश्रम नगर निगम के वार्ड नंबर एक में था। अब वहां के पार्षद ने गिरिजा और उनके परिवार पर पेंशन घोटाले का गंभीर आरोप लगाकर खलबली मचा दी है। पार्षद का कहना है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाली महिलाओं के नाम पर गिरिजा त्रिपाठी के वृद्धाश्रम से फार्म भरवाकर बैंक अकाउंट खुलवाए गए। जो पैसा बैंक अकाउंट में आया, उसे आश्रम चलाने वालों ने निकाल लिया। तमाम मृत महिलाओं के बैंक अकाउंट खुलवाने, फिर उसमें पेंशन की रकम भेकर निकलवाने के तथ्य भी सामने आए हैं।
उनका दावा है कि करीब 152 महिलाओं के नाम से फर्जी पेंशन निकाली गई है। इसके दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध हैं। समाज कल्याण विभाग के पास इस फर्जीवाड़े की सूची मिल जाएगी। जिन महिलाओं के नाम से पेंशन की रकम निकाली गई है, उनमें से ज्यादातर वार्ड नंबर एक की निवासी नहीं हैं। वार्ड की स्थायी निवासी को ही पेंशन मिल सकती है। पिछले साल तक प्रतिमाह 500 रुपये वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी। यह रकम अब प्रतिमाह 1000 रुपये हो गई है।
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देवरिया कांड में गिरफ्तार गिरिजा का वृद्धाश्रम खोराबार के रानीडीहा में चलता था जिसे सील कर दिया गया है। यह वृद्धाश्रम नगर निगम के वार्ड नंबर एक में था। अब वहां के पार्षद ने गिरिजा और उनके परिवार पर पेंशन घोटाले का गंभीर आरोप लगाकर खलबली मचा दी है। पार्षद का कहना है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाली महिलाओं के नाम पर गिरिजा त्रिपाठी के वृद्धाश्रम से फार्म भरवाकर बैंक अकाउंट खुलवाए गए। जो पैसा बैंक अकाउंट में आया, उसे आश्रम चलाने वालों ने निकाल लिया। तमाम मृत महिलाओं के बैंक अकाउंट खुलवाने, फिर उसमें पेंशन की रकम भेकर निकलवाने के तथ्य भी सामने आए हैं।
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उनका दावा है कि करीब 152 महिलाओं के नाम से फर्जी पेंशन निकाली गई है। इसके दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध हैं। समाज कल्याण विभाग के पास इस फर्जीवाड़े की सूची मिल जाएगी। जिन महिलाओं के नाम से पेंशन की रकम निकाली गई है, उनमें से ज्यादातर वार्ड नंबर एक की निवासी नहीं हैं। वार्ड की स्थायी निवासी को ही पेंशन मिल सकती है। पिछले साल तक प्रतिमाह 500 रुपये वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी। यह रकम अब प्रतिमाह 1000 रुपये हो गई है।
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