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मिट्टी चिकित्सा से दूर होते हैं रोग
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Sun, 11 Nov 2018 11:52 PM IST
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आरोग्य मंदिर में निशुल्क मिट्टी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
- फोटो : amar ujala
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मिट्टी चिकित्सा के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार को आरोग्य मंदिर में निशुल्क मिट्टी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। जहां 83 लोगों ने पहले दिन मिट्टी चिकित्सा का लाभ उठाया और इसके गुणकारी महत्वों से रूबरू हुए। आरोग्य मंदिर के डॉक्टर डॉ. विट्टल दास मोदी ने बताया कि शरीर के किसी अंग के रोग ग्रस्त होने पर मिट्टी की पट्टी का प्रयोग किया जा सकता है। गले की खराबी में गले पर, छाती के रोग में छाती पर, स्नायुओं के रोगों में रीढ़ की हड्डी पर, जोड़ों के दर्द में जोड़ों पर, आंख के रोगों में आंखों के किनारे, पूरे शरीर से विष निकालने के लिए मिट्टी के लेप का इस्तेमाल किया जा सकता है। गीली मिट्टी की पट्टी शरीर से रोगजनित गर्मी और विष को खींच लेती है। घाव, फोड़ा- फुंसी और चर्म रोग में इसका विशेष लाभ मिलता है।
उन्होंने बताया कि एक सप्ताह तक वर्ल्ड रिकार्ड के तहत आयोजित निशुल्क मिट्टी चिकित्सा शिविर में प्रतिदिन शामिल होने वालों की संख्या नई दिल्ली भेजी जाएगी। पूरे देश से आंकड़ा जुटाने के बाद वर्ल्ड रिकार्ड बनने की पूरी उम्मीद है।
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गोरखपुर। मिट्टी चिकित्सा के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार को आरोग्य मंदिर में निशुल्क मिट्टी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। जहां 83 लोगों ने पहले दिन मिट्टी चिकित्सा का लाभ उठाया और इसके गुणकारी महत्वों से रूबरू हुए। आरोग्य मंदिर के डॉक्टर डॉ. विट्टल दास मोदी ने बताया कि शरीर के किसी अंग के रोग ग्रस्त होने पर मिट्टी की पट्टी का प्रयोग किया जा सकता है। गले की खराबी में गले पर, छाती के रोग में छाती पर, स्नायुओं के रोगों में रीढ़ की हड्डी पर, जोड़ों के दर्द में जोड़ों पर, आंख के रोगों में आंखों के किनारे, पूरे शरीर से विष निकालने के लिए मिट्टी के लेप का इस्तेमाल किया जा सकता है। गीली मिट्टी की पट्टी शरीर से रोगजनित गर्मी और विष को खींच लेती है। घाव, फोड़ा- फुंसी और चर्म रोग में इसका विशेष लाभ मिलता है।
उन्होंने बताया कि एक सप्ताह तक वर्ल्ड रिकार्ड के तहत आयोजित निशुल्क मिट्टी चिकित्सा शिविर में प्रतिदिन शामिल होने वालों की संख्या नई दिल्ली भेजी जाएगी। पूरे देश से आंकड़ा जुटाने के बाद वर्ल्ड रिकार्ड बनने की पूरी उम्मीद है।
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